मयस्सर तुम्हारा साथ होता तो श्रंगार के चारचांद लगा देता,
और ना बांध पाती अगर तुम साड़ी,
तो पल्लू मैं बना देता..!!
चले जाना चाहता हूँ
बहुत दूर...
जहाँ कोई भी न हो!
चले जाना चाहता हूँ
उन बर्फीली पहाड़ियों के अनज़ान सफ़र पर
जिसका कोई अंत न हो!
मैं ख़ुद को भी भूल जाना चाहता हूँ!
परिन्दों की तरह सब कुछ छोड़
आसमां में उड़ना चाहता हूँ!
अरबों आबादी के बीच सिर्फ तुमसे टकराना और जुदा हो जाना……अपने आप मे बड़ी त्रासदी है बाकी की उम्र शायद इसकी भरपाई में ही गुजरे.
आज शाम है बहुत उदासकेवल मैं हूँ अपने पास।
~ भगवतीचरण वर्मा
ज़िन्दगी के "पन्नों" में मेरा किरदार भी "जोकर" का रहा,
मैं "हंसा" तो भी लोग हंसे मैं "रोया" तब भी लोग हंसें..!!
मत कीजिए मुझ पर यकीन,
मैं तो खुद को भी धोके में रखता हूं...!!!
पैसों के अलावा अब किसी के
आने जाने से फर्क नहीं पड़ता।
साथ रहकर जो छल करे, उससे बड़ा शत्रु कोई नहीं होता...
पन्नों के परे भी है एक ज़िंदगी
सभी किरदार किताबों में नहीं होते
नाराज़गी कभी वहाँ मत रखिये !जहाँ आपको बताना पड़े कि आप नाराज़ हो !!
सच में हंसने के लिए आपको,
अपनी पीड़ा के साथ खेलने में सक्षम होना चाहिए ।
चार्ली चैप्लिन
बात चाहे हम पूरी दुनिया से कर ले…..पर पगलू तेरी कमी कोई भी पूरी नहीं कर सकता…!!
प्रेम से बढ़कर त्याग हैदौलत से बढ़कर मानवतापरन्तु सुंदर रिश्तों से बढ़करइस संसार मे कुछ भी नहीं !!
संबंध बनाना,ऋण लेने जैसा आसान है.!किन्तु संबंध निभानाकिश्तें भरने जैसा कठिन है..!!
दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं
मेरी तरफ़ से दोनों भाड़ में जाएं
"खंजर" भी हैरान था मेरे जख्म देख के बोल पड़ाक्या "इश्क" में मुझसे भी ज्यादा "धार" होती है
डरना नही किसी के भी पैरों की नाप से,
आखिर में पुण्य जीत ही जाएगा पाप से.
गीता में कृष्ण ने कहा अर्जुन से बस यही,
पहली लड़ाई जीतनी है अपने आप से.
जिंदगी की किताब में….सुकून के पन्ने गायब है!!!
उनकी एक झलक पे ठहर जाती है नजर मेरी कोई
हमसे पूछे हमसफर दीवानगी क्या होती है..!!❤️
वो सब देख रहा है आपकी पार्थना भीआपका संघर्ष भी आपकी तकलीफ़ भीऔर आपका संयम और कर्म भी...