मुझे ज्ञान मत दो सहाब
मेरा वक्त ख़राब है दिमाग नहीं
बीवी भी हक़ जताती है,माँ भी हक़ जताती है, शादी के बाद आदमी कश्मीर हो जाता है॥
रास आ जायेगा एक रोज़ तेरा जाना भी ,
हम किसी दुःख में लगातार नहीं रोते हैं ।।
बेवफा लोग बड़ रहे है धीरे धीरे
एक शहर अब इनका भी होना चाहिए..!!
आपका आत्मसम्मान अगर किसी कोघमंड लगता है,तो उसे बिल्कुल लगने देना चाहिए..!!
पत्थर दिल बनना मेरी मजबूरी है ,अगर में भीखर गया तो कोई मुझे समेट नहीं पाएगा…
सेलो टेप हो या संबंध...
कभी ऐसे ना छोड़ा करो,
कि वापिस ढ़ूंढ़ने के लिए खरोंचना पड़े..
पतझड़ होते जीवन में तू सावन का नया सवेरा है,
जब से देखा है तुझको दिल में बस तेरा बसेरा है..!!
अपनी रुह का लिबास भी दे दूँगा तुझे…तू मुझमें रहने का पहले फैसला तो कर..!!
पतझड़ में सिर्फ़ पत्ते गिरते हैं,
नज़रों से गिरने का कोई मौसम नहीं होता.....
तजुर्बा उम्र नहीं मुर्शदतजुर्बा हालात सिखाते हैं
सइयाँ करें अग्निवीर के नौकरियाचार साल बाद करिहें मजुरिया..!
इस ज़माने में मोहब्बत दिमाग का धंधा है,जो करते हैं दिल से कारोबार उन्हीं का मंदा हैं..!!
घमंड तेरा भी एक ना एक दिन ख़ाक हो जाएगा,
जिस दिन मिट्टी से बना ये शरीर राख हो जाएगा..!!
व्यस्त हूं , मस्त नहीं....
कौन है दोस्तों ऐसा यहां ,
जिसे कोई कष्ट नहीं..!
मुफ्त में मिलती साँसें नहीं ,
मौत का भी यार दाम चुकाना पड़ता हैं ..
रास्ते जो भी चमक-दार नज़र आते हैंसब तेरी ओढ़नी के तार नज़र आते हैं
कोई पागल ही मोहब्बत से नवाज़ेगा मुझेआप तो ख़ैर समझदार नज़र आते हैं
~ ज़ुबैर अली ताबिश
ख़्वाब ख़्वाहिश ख़ैरियत है ज़िंदगीहक़ीक़त उल्फ़त कैफ़ियत है ज़िंदगी
एक उम्र के सौदे में बंधी हुईइनायत इबादत तबियत है ज़िंदगी..!
~ नेहा यादव
अच्छे लोग बहुत सस्ते होते हैं,बस थोड़ा सा मीठा बोलो और खरीद लो….
जरूरी नहीं कि काम से ही इंसान थक जाए,
कुछ ख्यालों का बोझ भी, इन्सान को थका देता है !