कल तक जो अपनी बहन की पढ़ाई के खिलाफ़ था, आज वह अपनी पत्नी की डिलीवरी के लिए लेडी डॉक्टर ढूंढता है।
समझौते ही करने होते तो व्यापार करते
ना समझ थोड़े ही है जो तुझसे प्यार करते
करता वही हूं जो मुझे पसंद है..
माना कि उम्र कम है लेकिन हौसला बुलंद हैं..!!
जीवन की एक कड़वी सच्चाई ये भी है कि ,आधे रिश्ते तो लोग इसलिए निभाते हैं ' क्योंकि भविष्य में उनसे काम पड़ सकता है ….
हमारी हकीकत हमे ही पता है,
लोगों ने इस चेहरे को बस हसते हुए देखा है...
बेकार लगनें लगते हैं मोती कभी कभार…
पत्थर से भी इश्क़ हो सकता है इंसान को…!!
कर्म बदलिए, भाग्य अपने आप बदल जाएगा…
मेरे ख्वाबो का कोई आशियाना नहीं हैं , अपने दर्दों को मुझे मिटाना नहीं हैं , मेरी मजबूरियों का फ़साना भी क्या अजीब हैं , मुझे रोना हैं पर किसी को बताना नहीं हैं ..
ज़ख़्म छुपाना भी एक कला है
वरना हर मुट्ठी में नमक है !!!
जरुरत है तो जिक्र है...
वरना... किसको किसकी फिक्र है...
तूने जो ना कहा मैं वो सुनती रही ख़ामख़ाह, बेवजह ख़्वाब बुनती रही जाने किसकी हमें लग गई है नज़र इस शहर में ना अपना ठिकाना रहा दूर चाहत से मैं अपनी चलती रही ख़ामख़ाह, बेवजह ख़्वाब बुनती रही ....
एक ही समझने वाला था मुझे ,
हाय !अब वो भी समझदार हो गया ।।
मोहब्बत में कैद हुई अपनी खुशियां तराशता रहा,
चाभी रख कर कांधे पे मैं तिजोरी तलाशता रहा..!!
विरक्ति
यहाँ खुशबू है वादियों में,यहाँ खुशबू है लोगों के किरदारों में !
रात तो सब की एक ही है ,
बस अंधेरा हर किसी का अपना अपना है ..!!
अच्छे शब्दों के प्रयोग से बुरे लोगों का भी दिल जीता जा सकता है।
~ गौतम बुद्ध
तेरा साथ जो मिल जाए तो मंजिल दूर नही... दुआ मुकम्मल हो जाए तो जिंदगी दूर नही...!!
किताबों में झुके हुये सर…
ज़िन्दगी भर उठे रहते हैं।।
कभी मुख़लिस तो कभी मुनाफ़िक़ हैं ये मतलब परस्त लोग माहौल के मुताबिक़ हैं !
राह के पत्थर से बढ़ कर कुछ नहीं हैं मंज़िलेंरास्ते आवाज देते हैं सफर जारी रखो !