"खंजर" भी हैरान था मेरे जख्म देख के बोल पड़ाक्या "इश्क" में मुझसे भी ज्यादा "धार" होती है
महान व्यक्ति हमेशा योजना बनाकर कार्य करता है
कुछ गुमनाम सा इश्क है ये मेराअधूरा था अधूरा है और अधूरा ही रहेगा..🥀
तेरी अदाओं को और निखारती तेरी जुल्फें वार कर गयीं,
तेरा श्रंगार करती बरसात कि बूंदें, मेरी जां निसार कर गयीं..!!
विरक्ति
जानवर इंसान नहीं बन पाते,
इंसान जानवर कैसे बन जाते हैं....
गाली तो नही देते हम पर इन गुप्तसूत्रों को बहुत गरियाने का मन कर रहा है
विज्ञान का विद्यार्थी रहा हूँ इसलिए बता रहा हूँकि भूत जैसी कोई चीज नहीं होती…पर चुड़ैलें सच में होती हैं भाई.!!
साजिशे वो रचते है जिन्हे कोई जंग जितनी हो
वरना कोशिशे तो दिल जीतने की होनी चाहिए..
उसने लिखी मेरी लिए कई ग़ज़लें ढेरों कविताएँ ख़ूबसूरत नज़्में मगर मैंने सिर्फ़ उसका नाम लिखा दिल पे और अपना बना लिया
पहले निचोड़ लेते हैं जिस्म अपनी आंखों से, फिर दुपट्टा संभालने कि हिदायत देते हैं..!!
जब दिल किसी एक पर ठहर जाए तो..ज़ेहन किसी और को कुबूल नहीं करता..!
ढल चुका है सूरज चांदनी भी खो रही है,
मेरे साथ तेरी याद में, ये रात भी रो रही है..!!
विरक्ति
मैं नहीं कहता मुझे औरों से बेहतर चाहिए
मुझ को जितनी है ज़रूरत उतनी चादर चाहिए
हैं परेशाँ इस लिए भी लोग अपनी प्यास से
प्यास की ख़ातिर सभी को इक समुंदर चाहिए
मुद्दतों भटके हैं मेरे ख़्वाब सारे दर-ब-दर...
तुलसी साथी विपति के, विद्या, विनय, विवेक।
साहस सुकृति सुसत्य व्रत, राम भरोसे एक।।
तुलसीदास जी
कीमत दोनों को चुकानी पड़ती है,
बोलने की भी और चुप रहने की भी....
दोनों भाई बहनों को ऊंट भी चाहिए और राजस्थान भी नहीं जाना चाहते..शास्त्रों में इसे ही कूटनीति कहा गया है…
बहुत तकलीफ देते है वो जख्म,
जो बिना कसूर के मिलते है।
उदास लम्हों में बस चाहिए अकेलापनदिलासा देते हुए लोग ज़हर लगते हैं
अक्श समस्तीपुरी
पुरुषों ने प्यार में ताजमहल बनवाया,
नस काटी,पहाड़ तोड़े...स्त्रियों ने क्या किया
महीनों बाद आज फिर देखा उसे,एक बार तो दिल धड़का मगर फिर संभल गया !!