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World's Best Cow Hospital

जीवन एक ऐसा रंगमंच है, जहां किरदार को खुद नहीं पता होता, कि अगला दृश्य क्या होगा...

हजारों की भीड़ में भी पहचान लेते हैं,पापा कुछ कहे बिना ही सब जान लेते हैं..!!

पैसा इंसान के असली रूप को बाहर लता है.

ठाकुर का कुँवा, ठाकुर का खेत ठाकुर की हवेली अब नहीं चलेगा....

पुरुष पेड़ पे लगे उन पत्तो कि तरह होते है, जिन्हे धूप तो मिलती है पर छाँव नहीं..

पहाड़ तोड़ने का साहस तो हर इंसान में है, पर वो डरता है "कामयाबी" के पहले पागल घोषित किए जाने से।

चलो एक कप #चाय बनाते हैं ... तुम चीनी बन कर घुल जाना, हम पत्ती बन कर रँग जमाते हैं ...

जानवर इंसान नहीं बन पाते, इंसान जानवर कैसे बन जाते हैं....

ये उदास रात उजड़ी हुई नींद और चीखते हुए हम, लगते तो ज़िन्दा हैं दोस्त लेकिन ख़त्म हो गये हम..!!

मतलब के बिना कौन पूछता है किसी कोबगैर रुह के तो घर वाले भी नहीं रखते

बचपन के हैं ख़्वाब सुहाने तितली फूल और मैं कहाँ से लाएँ अब वो ज़माने तितली फूल और मैं

बच्चे ने तितली पकड़ कर छोड़ दी आज मुझ को भी ख़ुदा अच्छा लगा।

रिश्तों को वक्त दिया जाता है.. बहाने नहीं..!!

कई बार हम लोगों को इसलिए भी खो देते है.. क्यूंकि हम उनके लिए जरूरत से ज्यादा मौजूद रहते है..

अच्छा बुरा जैसा भी हूँ पर Original हूँ....!!

कर्म के बीज अच्छे हो या बुरे, अपने समय पर पेड़ बनकर फल ज़रूर देते हैं !!!

बेहिसाब झूठ कहा तो खुदा मान बैठे, जरा सा सच बोल दिया बुरा मान बैठे!

हवाएँ ज़ोर कितना ही लगाएँ आँधियाँ बन कर मगर जो घिर के आता है वो बादल छा ही जाता है

कभी ये मत सोचना की हम तुम्हे याद नहीं करते, रात की आखरी और सुबह की पहली सोच हो तुम

मायूस भी नहीं है वो और खुश भी नहीं है, क्या बात है जो दिल को मजधार में ले आई.. रफ़्ता रफ़्ता खत्म हुए हम जो तेरे इश्क़ में अफसोस है कि मौत क्यों इक बार में न आई.. तुझे...


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