जब प्रतिष्ठा बढ़ेगी तो निंदा का टैक्स तो चुकाना ही पड़ेगा...
निंदा से ना घबराएँ ये तो प्रगति की निशानी है...
चाँदनी की रौशनी में खो जाएं,
ख्वाबों की दुनिया में खो जाएं।
दिल की धड़कनों को ताल में बदलें,
खुद को खो जाएं, खुद को खो जाएं।
प्यार की बारिश में भिगो जाएं,
खुशियों की लहरों में उड़ जाएं।
ख्वाबों की उड़ान में सवारे,
खुद को खो...
दुश्मनों से प्यार होता जाएगा
दोस्तों को आज़माते जाइए।
ख़ुमार बाराबंकवी
आए हैं सो जाएँगे, राजा रंक फकीर ।
एक सिंहासन चढ़ि चले, एक बंधे जंजीर॥
कबीर
जिसकी जेब में पैसा न हो,
उसकी ज़बान में शहद होना चाहिए !
अपनी बेटी को ज्ञान देकर अच्छे और बुरे का,
उसे इस गंदे समाज का आईना दिखाता है,
एक पिता ही है जो मजबूती से हांथ पकड़कर,
उसे कदम से कदम मिलाकर चलना सिखाता है..
जिंदगी में दो गलतियां कभी मत करनापहली लड़की पर भरोसा दूसरा गलती से भी भरोसा
रोशनी का एक कतरा भी,
अंधेरे को अपने वजूद का अहसास करा देता है...
लग्ज़री कार का शीशा उतारते कैसे, रईसजादे के बटुए में चिल्लर ही नहीं थे...!!
उदासियों में कोई हमसफ़र नहीं होता ,
तमाम लोग ख़ुशी में शरीक होते हैं ।।
ज़िंदगी में कुछ कम रंग हों
यही बेहतर है
इतने सारे गिरगिट
झेले नहीं जाते
कबीरा ते नर अँध है, गुरु को कहते और
हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रूठे नहीं ठौर
कबीरदास
मन्नतों के धागे बांधो या बांधो मुरादों की पर्चीवो अपना नम्बर देगी तभी जब होगी उसकी मर्जी
ज़िन्दगी नाम है अहसास की तब्दीली का, सिर्फ मर मर कर जीने से क्या होता है ...
जब तक मनचाहा परिणाम ना मिले , प्रयास करना ना छोड़ें, क्योंकि सब्र करना अफ़सोस करने से बेहतर है ...
तुम बदले तो गम भी कहाँ पुराने से रहे,तुम आने से रहे तो हम भी बुलाने से रहे ।।
आज फिर ग्रह मिले है, आज फिर कायनात ने संदेश भेजा है ,आज फिर उसकी याद आईं है, आज फिर गलतियों पर रोना आया है ,आज फिर …..।।
हवाएँ ज़ोर कितना ही लगाएँ आँधियाँ बन कर
मगर जो घिर के आता है वो बादल छा ही जाता है
एक ऐसा दोस्त है मेरे पास,जब दुनिया ने साथ छोड़ दिया था वो मेरे साथ था !!
ख़ुदा के हाथ में मत सौंप सारे कामों को
बदलते वक़्त पे कुछ अपना इख़्तियार भी रख
निदा फ़ाज़ली