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World's Best Cow Hospital

इश्क़ और सुबह की चाय दोनों एक समान होती हैं, हर बार वही नयापन, हर बार वही ताज़गी...

कीतना बेबस हो जाता है इंसान जबवो किसी को खो भी नही सकताऔर उसका हो भी नही सकता

शहर से अच्छा तो अपना गाँव है, जहाँ हम मकान नम्बर से नहीं ‘पिता’ के नाम से पहचाने जाते हैं.

इतिहास गवाह है की कोई भी वास्तविक परिवर्तन चर्चाओं से कभी नहीं हुआ।

मैं नहीं जानता मेरी लाश को गिद्ध नोचेंगे या दाह संस्कार होगा, मगर ये जानता हूं मुझे पढ़ने के बाद मोहब्बत का तिरस्कार होगा

सोते को जगाया जा सकता है, पर कोई सोने का ढोंग करके पड़ा हो तो उसे कैसे जगाया जाए?

इंसान की अक्ल बस इतनी सी है उसे जानवर कहो तो गुस्सा आता है शेर कहो तो खुश हो जाता है

कुछ उदासियां किसी से नहीं बांटी जा सकती, उन्हें खुद के अंदर ही रखने में बहुत सुकून मिलता है..!!

कुछ सवालों के जवाब बड़ी ख़ामोशी सेबह जाते हैं आँखों के कोरों से छुपा दिये जाते हैं उनके सूखे हुए दागभीगे हुए मन के रूमालों में

उसने हमें छोड़ा शायद कदर नहीं थी इश़्क़ की, हम अपनी वफाओं के बादशाह तो आज भी हैं..!!

"जिस दिन आपने ये सीख लिया की सीखते कैसे है, फिर आप कुछ भी जीत सकते है II"

तुम कभी कभी कुछ यूं किया करो,शायरी छोड़ो मेरा दिल पढ़ लिया करो..

रास्ता मिल ही जाता है अगर हौसले बुलंद हो दीप आंधियों में भी जलते हैं अगर भावनाओं में बल हो

. इश्क़ का ये पहला सबक होता हैइश्क़ में हुक्म नही हक़ होता है !

आँसुओं से शिकायत यूँ कर के भी क्या दर्द चेहरे से भी तो छलक जाता है अम्बष्ठ

"अगर अपनी औकात देखनी है तो , अपने बाप के पैसे का इस्तेमाल करना छोड़ दो ।।

जो आपको सिर्फ़ बहाने दे.. ऐसे शख़्स को जाने दें..!!

शायद इसलिए .."शायरी" इतनी "खुबसूरत" होती है... कभी सच ..छुपा लेती है तो.. कभी "शख्स".....

याद करोगे इश्क़ हुआ था,इसकी हर सौग़ात अलग है, मुझसे बेहतर लाख मिलेंगे,लेकिन मेरी बात अलग है.

किसी से क्या शिकायत करते साहब , दिल लगाने की खता तो हमनें भी की..!!


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