इंतज़ार मत करो
जो कहना हो कह डालो
क्योंकि हो सकता है
फिर कहने का कोई
अर्थ न रह जाए।
ख़ुद से ही भाग रही हूँ
क्या ढूँढ रही हूँ मालूम नहीं
क्या पाना है जानती नहीं
भटक रही हूँ एक न ख़त्म होने वाले सफ़र में
चल रही हूँ इन काँटों से भरे रास्तों पे
न कोई ख़ुशी है...
सुनो अब जब मिलोगी तो पूछूंगा ये ?तब बताना क्या तुम्हें भी hurt💔 हुआ था..😔
तुम परवाह करना छोड़ दो, लोग तकलीफ देना छोड़ देंगे।
सारे सपेरे वीरानों में घूम रहे हैं बीन लिए,आबादी में रहने वाले साँप बड़े ज़हरीले थे
हँसता रहता हु….क्यूँकि मुझे ‘आज’
की फ़िक्र हैं, ‘कल’ की नहीं
सांवला रंग, मीठी जुबां, थोड़ी सी नशीली हो अच्छा सुनो.... तुम और तुम्हारी चाय दोनों एक जैसी हो.....!!
"मां नहीं है"पीहर के Gate पर पहुंचते हीमां, मां, मांका शोर करते हुए अंदर घुसनाअब थम सा गया हैक्योंकि मां नहीं हैकुछ अपनी कुछ पराई बातें होती थींकुछ जुबान से तो कुछ आंखों ही आंखों मेंसमझ जाती थीअब कहने को...
मेरे जीवन से मिला एक तजुर्बा,
आज भी बहुत अहम् था,
प्यार, भरोसा, वफ़ा, ज़फा,
इंसान के लिये सिर्फ वहम् था..!!
तनाव से केवल समस्या जन्म लेती है,
समाधान खोजना है तो मुस्कुराना पड़ेगा....
लावारिस पडे हैं हम आपके ख्यालो में..
आपने अपनाया भी तो ठूकराने के लिये..!!
एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद,,
दूसरा सपना देखने के हौसले को
"ज़िंदगी" कहते हैं..!!
कितने आसान हो गए हैं रिश्ते...
जब मन करे बनाओ, रखो, डिलीट कर दो...
बच्चों को जहां चूमती है वो
ठीक उसी जगह चूमती थी वो
अधूरापन कभी खत्म ही नहीं होता,
कभी आंखें नहीं होती तो कभी काजल..!!
मन तो सबके पास होता है, लेकिन मनोबल" कुछ लोगों के पास ही होता है..!!
इस बरस भी फिर से वहीं मलाल रह जाएगा
हाथो में तेरे नाम का गुलाल राह जाएगा!!
झूठी हैं इश्क़ की किताबें और शायर सभी ,
किसी ने रोते हुए लड़को के बारे मे नहीं लिखा ।।
मेरे कानों का वो झुमकाहमारे इश्क़ की छन छन पेइतराता है
तेरे हाथों की छुअन सेजाने क्यूँ अब भीशर्माता है