छीन लेते हैं रंगत चेहरे की,
बेटियों को जो बोझ समझते हैं,पहले छीन लेते हैं खुशियां उनकी,
फिर हंसने को कहते हैं..!!
"क्या कशिश थी आप की आँखों में"
"आप को देखा और आप के हो गए"❤️
देखने के लिए सारा आलम भी कमचाहने के लिए एक चेहरा बहुत
आंधियों को आख़िर ज़िद छोड़ना पड़ादम उनका निकाल दिया इक चराग़ ने
है सब कुछ भी ,मगर है कुछ भी नहीं….तू ही तू है मेरे अंदर ,मुझमें मैं कुछ भी नहीं…!!
ना किया कोई सिंगार फिर भी गम नहीं ,
गरीब बाप की बेटी परी से कम नहीं ।।
रात को रात कह दिया तुमने
इतना सच कौन बोलता है मियां
जो लोग बिना मतलब के हमारा साथ देते हैंहम उनका अहसान क़भी नहीं भुला पाते हैंऐसे लोगों का जिक्र आने पर दिल मुस्कराता हैऔर दुवाएं देने लगता है, ये शायद वही लोग हैंजिनकी वजह से इंसानियत पर भरोसा क़ायम है
बस इतना सा ही ख़्वाब पूरा चाहिए…हर सुबह तू मुझे मेरे साथ चाहिए…!!
जितनी शिद्दत से तुझे चाहा था
तूझे भूलने में उतनी ही ज़हमत उठानी पड़ रही है..
तुमने तोड़ा है इतने टुकड़ों में मुझे तुम क्या जानो खुद को समेटने में कितनी मशक्कत उठानी पड़ रही है..
ना रातों को चैन है ना दिन...
जो जिस अंदाज में समझता है उसे
उसी अंदाज में समझाना चाहिए
जिंदगी की रफ्तार उतनी ही रखना ,,कि गैर आगे सही मगर दोस्त पीछे ना रहे..
इंसान तो हर घर में जन्म लेता है मगर,इंसानियत कहीं कहीं ही जन्म लेती है…!!
उफ्फ ये रात ये आवारगी ये नींद का बोझ, अगर हम अपने शहर में होते तो घर चले जाते...
बात लगाव और एहसास की होती है,वरना मैसेज तो कम्पनी वाले भी करते हैं…
हंसता रहता हूं मैं हरदम तो, सबको लगता है सुलझा हूं,लेकिन समस्याओं कि भूल-भुलैया में, मैं खुद से खुद में उलझा हूं..!!
समय कई जख्म देता है इसलिये...घडी में फूल नहीं काटे होत है...!
कितनी भी जान छिड़क लो…
बदलने वाले बदल ही जाते हैं!!!
खुद पर काबू पा लेना ही मनुष्य की सबसे महत्वपूर्ण जीत होती है।
मैं नहीं जानता मेरी लाश को गिद्ध नोचेंगे या दाह संस्कार होगा,
मगर ये जानता हूं मुझे पढ़ने के बाद मोहब्बत का तिरस्कार होगा