धीरे-धीरे
हर चीज बेवकूफ लगेगी...
जन्म, प्रेम, जिंदगी
और
आखिरी बेवकूफ़ी मृत्यु।
सुसिल ग़ाफ़िल
मजाक का सहारा लेकर लोग
दिल की बातें बोल जाते हैं...!!
जीवन कटना था, कट गया
अच्छा कटा, बुरा कटा
यह तुम जानो
मैं तो यह समझता हूँ
कपड़ा पुराना एक फटना था, फट गया
जीवन कटना था कट गया।
गोपालदास “नीरज”
तुम बदलो तो मजबूरियां है बहुत,हम बदले तो बेवफा हो गए ….!!
जिसे आपके गुस्से की परवाह नहीं, यकीं मानो उस व्यक्ति को तुमसे कोई लगाव नही॥
जितना बड़ा संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी।
स्वामी विवेकानंद
नौकरी के साथ सबसे बड़ी चुनौती यह है,कि यह अमीर बनने के मार्ग को रोकती है..!!
मन से जुड़कर तुझे तौलती हूं ,मैं हम से जुड़कर हमसे महकती हूं .. !!
भिन्न मत का मान रखो, गलत का नहीं
एक दिन जियूंगा अपने लिए भी ,
ये सोच कर पिता ने सारी उम्र गुज़ार दी ।।
उलझनें भी मीठी हो सकती हैं,
जलेबी इस बात की ज़िंदा मिसाल है।
मेरे लिए इतिहास केवल
हमारे मिलन की बेला रही ,
और गणित तुम्हारा
मुझ से रूठने मनाने का फलसफा ,
भूगोल की कक्षा मे
मैंने केवल तुम्हारी मुझ से दूरी
को ही नापा ,
मैंने तुम्हारे प्रेम मे अपने
वाक्यों का पूर्णविराम कभी
नही खोजा 🙂
मेरे हर सवाल...
षडयंत्र से सफलता
मिल सकती है , श्रेष्ठता नहीं..!!
एक तेरा कदम एक मेरा कदम,
मिल जाए तो जुड़ जायें अपना यह वतन…
भूख बड़ी बेशर्म है,उम्र के किसी भी मोड़ परआदम जात का तमाशा बना देती है।
जिंदगी ने यूँ उधेड़ा बुन न पाये,चाह थी क्या, क्या मिला हम चुन न पाये.
काम ऐसा करिये जिसमें कामयाबी के साथ-साथ,
सम्मान और सुकून भी मिले।
मुहब्बत की निशानी ख़ाक करके,
ज़ख्म छुवन के कहानी कह रहे।
गलियों में छिपकर बहा करती थी,
समंदर में मौज ए रवानी कह रहे।
जिंदगी रोज़ कोई ताज़ा सफ़र मांगती है,
और बेचारी थकान शाम को घर मांगती है।
फस गया हूँ जिंदगी के कुरुक्षेत्र में अभिमन्यु की तरफ ,
बचाने कोई आने वाला नही और मैदान मैं छोड़ूंगा नही..