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World's Best Cow Hospital

जितने सच्चे रहोगे, उतने ही अकेले रहोगे...

फर्क बहुत है तेरी मेरी समझ में,..तूने जज़्बातों से सीखा है और मैने हालातों से..!!

रिमझिम रिमझिम बारिश में भीगा भीगा ये मन, चुपके चुपके दबे पाँच आती तुम्हारी यादें और बहते बहके से हम...

समझता है कि अपनी तेज बहती धार से या लहरों के वार सेडुबो देगा हमारे हौंसलों की कश्तियाँ तो ये फितूर है पानी का

भाई मौसम, इतना रोमांटिक मत होंकुछ लोग अभी भी सिंगल हैं

कान भरने वाले से दूर रहा करो, वरना ये लोग अपनों से दूर कर देंगे…

मेरी "भक्ति" का कुछ ऐसा "असर" हो जाए, मैं बोलूं जय "श्रीराम" और "हनुमान" प्रकट हो जाएं..!! विरक्ति

किसी एक को खुश करने के लियेलोग अपने लोगों से दूरी बना लेते हैंऔर एक दिन ऐसा भी आता है, किजिसके लिये पूरी दुनिया से अलग हुयेवो खुद अकेला छोड़कर अलग हो जाता है

काम करने वाला मरने से कुछ घंटे पूर्व ही वृद्ध होता है। ~वृंदावनलाल वर्मा

चराग़ों को आँखों में महफ़ूज़ रखना बड़ी दूर तक रात ही रात होगी

मेरी कमियों को गिनाया न करो ये गिनाने से बढ़ भी सकती हैं मालविका हरिओम

ना में बदला ना मेरा किरदार बदला ना अंदाज बदला ना मिजाज बदला,,,, चन्द सिक्के ही तो कम हुवे थे जेब मे दुनिया के देखने का सलीका बदल गया

प्रेम किसी भी स्थान पर रहने की अनुमति दे सकता है लेकिन दूसरे स्थान पर रखने की नहीं, प्राथमिकताओं का पालन आवश्यक है।

बेहद ख्याल रखा करो तुम अपना,मेरी आम सी जिंदगी में बहुत खास हो तुम ..!!

गरीबी ही सटीक है मेरे लिए,फालतू लोग आस-पास फटकते भी नहीं फिर ……

मैं नत्मस्तक तक हो गया था जिसके प्यार में,वो मगरूर मेरी बेबसी पर मूकदर्शक बनी रही..!!

घूम कर सारा जहां, मेने खो दिया अपने आप को!

किनारा न मिले तो कोई बात नहीं, दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं हैं...

उस की तस्वीर हटाये तो ज़माना गुज़राफिर भी दीवार से तस्वीर का साया न गया...

मेरे कानों का वो झुमका हमारे इश्क़ की छन छन पेइतराता हैतेरे हाथों की छुअन सेजाने क्यूँ अब भी शर्माता है


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