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World's Best Cow Hospital

दर्द नहीं, "दवा" बनिये….!!आप बशर रहिए, ना खुदा बनिये..!!(बशर- इंसान)

"कैसे मुहब्बत करू बहुत गरीब हूं, लोग बिकते हैं और मे खरीद ही नहीं पाता !!

सुना हैं., लोग इश्क में जान दे देते है पर.. अगर जब तक जान है तब तक साथ दे..वो इश्क़ की सही पहचान देते है.

खुद की पहचान बनाने में जोमजा़ है, वह किसी की परछाईबनने में नहीं।

जरा सा भी नही पिघलता दिल तेरा , इतना क़ीमती पत्थर कहाँ से ख़रीदा!!

नज़र अपनी मिली है... तो नज़रिया किसी और का क्यूं रखें..!!❣️

पिता वो दुआ है जो हर किसी के हिस्से नहीं आती। जिसके आती है उसकी कोई ख़्वाहिश अधूरी नहीं रहती।।

कुछ ख़्वाब तुमनें तोड़ दिए..और कुछ हमनें देखने छोड़ दिए..!!

खुद को खो दिया मेने, एक तुझे पाने के लिये।

कोई कितना ही बड़ा क्यों न हो, अंधों की तरह उसके पीछे न चलो। स्वामी विवेकानंद

किससे पैमाने वफ़ा बाँध रही है बुलबुल,कल न पहचान सकेगी गुल-ए-तर की सूरत।

कुछ लोगों की फितरत चप्पल जैसी होती है , साथ तो देते हैं लेकिन पीछे से किचड़ उछालते हैं ...

उसे उस हद तक चाहो , वो भी बोले अच्छा ठीक हैं करलो ..!!

मैं जा रही हूँ – उसने कहाजाओ – मैंने उत्तर दियायह जानते हुए कि जानाहिंदी की सबसे खौफनाक क्रिया है। ~ केदारनाथ सिंह

अहंकार भी आवश्यक है,जब बात अधिकार, चरित्र या सम्मान की हो...

अपने आपको बदलो, तब तक दुनिया नहीं बदलेगी !

पैसा इंसान के असली रूप को बाहर लता है.

रखने की बस ये तीन ही चीज़ें हैं इन दिनों, हिम्मत रखो यक़ीन रखो और फ़ासला रखो।

मैं क्या बताऊँ कैसी परेशानियों में हूँ काग़ज़ की एक नाव हूँ और पानियों में हूँ भारत भूषण पन्त


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