हर प्रॉब्लम के दो सोल्युशन होते हैं:-
भाग लो... (run away)
भाग लो.. (participate)
पसंद आपको ही करना है...
हर चीज़ महंगी होती जा रही है
सस्ता है तो बस इंसान और उसके जज़्बात.!!
मेरा दर्द भी इन मोतियों की तरह बिखरा पड़ा रहता हैं, धागे में पिरोने की कोशिश करूं तो धागे भी टूटने लगते हैं
अब रिश्ते भी नौकरी की तरह हो गए है,
बेहतर Offer मिलते ही लोग Change कर लेते है !
हमारी भी तमन्ना थी किसी को हमारी याद आती बारिशों में.
हर चीज़ किसी न किसी
कारणवश ही घटित होती है।
कर्ज़ लेकर परेशान वही होता है,जो कर्ज़ चुकाने की सोचता है….
कुछ बादलों की सी
है फितरत उनकी
छाते है मेरी छत पर
बरस कहीं और जाते है
बांट कर वक्त अपना
महफिल में गैरों की
बहानों भरे कुछ पल
हमको थमा देते है
रहूं हर पल उनके साथ
इस हसरत से वो
दिल में मेरी तस्वीर
बना कर रखते है
जानते...
पेट का कोई धर्म नहीं होता,राजनीति तो भरे पेट वाले ही करते हैं…
प्रेम में पुरुष भावुक बन जाते हैं और स्त्रियां प्रैक्टिकल…अजीब बात है, परंतु सत्य है…!!!
तुम मिल सको तो मिल लेना,
कुछ कह सको तो कह लेना...
मैं जी नहीं पाया जुदा होकर तुमसे,
तुम जी सको तो जी लेना...
राजा सोता रहें तो भी ठीक
जनता आवाज भी उठाए तो गुनाह
जलती रही बस्ती नग्न होती रही स्त्रियां
जनता इसे कहें भी क़त्ल तो है सज़ा
राजेश गौरी
मोहब्बत की उम्र में जिंदगी, संघर्षो मे उलझी है।
किताबों के बीच गुलाब नही, आज भी 'कलम' रखी है।।
औरत के लिए कोई व्रत नहीं रखता,
फिर भी लंबी उम्र जी लेती है!!
प्रेम करती हैं राधा की तरह,
मीरा की तरह विष पी लेती है!!
इश्क के भी देखो कितने अजीब फसाने हैं,,,,,, जो हमारे नहीं हम उन्हीं के दीवाने हैं,,,,,,
क़ानून तो सिर्फ बुरे लोगों के लिए होता है ,
अच्छे लोग तो शर्म से ही मर जाते हैं ..!!
मन तो सबके पास होता है, लेकिन मनोबल" कुछ लोगों के पास ही होता है..!!
उड़ने का शौक अगर जुनून बन जाए,मजबूरी भी मजबूर होके घुटने टिका देती है
ना में बदला
ना मेरा किरदार बदला
ना अंदाज बदला
ना मिजाज बदला,,,,
चन्द सिक्के ही तो
कम हुवे थे जेब मे
दुनिया के देखने का
सलीका बदल गया
गांव बदलकर शहर हो रहा हैं,
और इंसान बदलकर जहर हो रहा हैं...