पानी से पानी मिले, मिले कीच से कीच।
ज्ञानी से ज्ञानी मिले, मिले नीच से नीच।
पतन पराजय से नहींउसे स्वीकार करने से होता है
~ नरेश सक्सेना
कोई गिरता गया कोई गिर ही गया
सफेद सलवार पे पीली कुर्तीमत पहना करो 😍
मम्मी देखकर बोलती है देख तेरीकढ़ी चावल आ रही.!! 🤓😁
अच्छे दिन आने वाले हैंढोंगी जी अब जाने वाले हैं
मानता हूँ कि मैं बुरा हूं बहुत,
जो हो अच्छा वो सामने आए-?
मैं तुम्हारे प्रेम का पूर्ण विराम बनना चाहता हूं...
प्रथम नहीं, प्रेम पथ का अंतिम विश्राम चाहता हूं.
मैं बेरागी हूं… महादेव नहींपर तुम्हारी काया से अधिक तुम्हारी आत्मा को चाहूंगा..!
मैं प्रेमी हूँ… कान्हा नहींपर तुम्हारे नाम को सदैव अपने आगे लगाऊंगा..!
मैं मर्यादित हूं… श्रीराम नहींपर तुम्हारे अलावा मैं किसी और का न हो पाऊंगा..!
बचपन के हैं ख़्वाब सुहाने तितली फूल और मैं
कहाँ से लाएँ अब वो ज़माने तितली फूल और मैं
अगर आपकी आत्मा कहती है कि आप सही है ,,
फिर दूसरों के गलत ठहराने से गलत नहीं होते..!!
कोई कुछ भी कहे मगर , देखो चीखे मज़लूमो की दबाना है !
चेहरा ढूँढोगे तो मुस्कान ही मिलेगी, वीरानियाँ अगर देखनी हैं तो रूह की तलाशी ले लो ..
गहरे दु:ख हमेशा
नि:शब्द और मौन होते हैं !
बेज्जती का जवाब इतनी इज्जत से दे,
कि सामने वाला खुद शर्मिंदा हो जाए....
सांवला रंग, मीठी जुबां, थोड़ी सी नशीली हो अच्छा सुनो.... तुम और तुम्हारी चाय दोनों एक जैसी हो.....!!
अन्याय के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने के लिए,
हिम्मत और ज़मीर का ज़िंदा होना चाहिय...
मेरे लिए वर्तमान ही सब कुछ है। भविष्य की चिंता हमें कायर बना देती है,भूत का भार हमारी कमर तोड़ देता है।
~ मुंशी प्रेमचंद
काली साड़ी, लाल लिपिस्टिक, खुले बाल
एक पुरुष की तपस्या भंग करने के लिए पर्याप्त हैं...
कैसे उसने ये सब कुछ मुझसे छिपकर बदला , चेहरा बदला, रास्ता बदला बाद में घर बदला , मैं उसके बारे में ये कहती थी लोगो से , मेरा नाम बदल देना अगर वो शख्स बदला ..
वक़्त का करम है हम पर ,
जो तुमसे वक़्त रहते दूर हो गए!!