बरसात गिरी और कानों में इतना कह गई,
गर्मी किसी की भी हो हमेशा नहीं रहती..
वो ज़माना अब नहीं रहा दोस्तों,जब लोगों को किसी से बिछड़कर अफ़सोस होता था।
कितना हसीन इत्तेफाक़ था तेरी गली में आने का, किसी काम से आये थे… किसी काम के ना रहे।
ज़रूरतें तो फिर भी मान जातीं हैं
भूख के पास मगर होता नहीं दिमाग़
किसी के दुख पे अगर हम मलाल करते हैं ,
अजीब लोग हैं उल्टा सवाल करते हैं ।
🦋 देवदास 🦋
मालिक करने वजूद ए ख़ाक चला है दोस्तजिस्म की जिंदा कल जिसकी हम रूह थे।
गहरे दु:ख हमेशा
नि:शब्द और मौन होते हैं !
नूर दिखेगा नही चहरे पर
ना होगी चमक आंखों में
एक दफ़ा आईने में देखो खुद को
कितना फरेब छुपा है बातों में
कितना,और कितना बोलोगे झूठ ख़ुदसे...
हो ही नही सकता की खुशी मिलती हो खैरातो में
स्वीकारो तो...
उसूलों पर चलती हूँ , बेवजह कुछ ना कहती
कोई बेवजह कहेगा तो चुप भी नहीं रहती।
ख़ुद से ही भाग रही हूँ
क्या ढूँढ रही हूँ मालूम नहीं
क्या पाना है जानती नहीं
भटक रही हूँ एक न ख़त्म होने वाले सफ़र में
चल रही हूँ इन काँटों से भरे रास्तों पे
न कोई ख़ुशी है...
पैसे की कीमत अपने बाप से जाकर पूछो जिसने सारी जिंदगी तुम्हारें लिए अपना सुख चैन छोड़ दिया
लबों पे उसके कभी बद्दुआ नहीं होतीबस एक माँ है जो मुझसे ख़फ़ा नहीं होती
तुम जाग रहे हो मुझमें
अधूरे ख़्वाबों की तरह.!
नीरज से बढ़ के और धनी कौन है यहाँउस के हृदय में पीर है सारे जहान की
ला "श्रंगार" कर दूं तेरा अपनी "मोहब्बत" से,कहीं मैं भी तेरी "मांग" पर "सिंदूर" हो जाऊं..!!
बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।
दर्द में मुस्कुराओ,
क्योंकि दर्द में लोग अक्सर मजाक उड़ाते हैं...!!
पीठ से निकले खंजरों को जब गिना मैने..।ठीक उतने ही निकले जितनों को गले लगाया था मैने..!!
शतरंज हो या जिंदगी,
जितने के लिए धैर्य रखना पड़ता है...