किरदार बह गया पानी में...
हम तैरते ही रह गए कहानी में..!!
किसी के चेहरे की हँसी से उसके दर्द को भी महसूस करो , सुना है लोग हंस - हंस के खुद को सज़ा भी देते हैं ..!!
"जिन्हें ईश्वर ने हृदय और परख दी है,
वे आदमियों की पोशाक नहीं देखते,
उनके गुण और चरित्र देखते हैं।"
मुंशी प्रेमचंद
जख्म तो कोई भी दे सकता है,हिम्मत है तो किसी का हमदर्द बन कर देखो.
मंज़िल को अगर पाने की होड़ है
तो फिर क्या फर्क पड़ता कि राहों मे कितनी मोड़ है
सुनो,,
तुम कबूल तो करो इश्क मेरा,,
मैं खाना बनाना भी सीख लूंगी।।
चेहरा ढूँढोगे तो मुस्कान ही मिलेगी, वीरानियाँ अगर देखनी हैं तो रूह की तलाशी ले लो ..
अपने आप को तेज़ और होशियार
बनाए, कपटी और धोखेबाज नहीं...
मन से उतर रहे हैं,
दिल में रहने वाले...
इश्क भी क्या अजीब बीमारी है ,
जिन्दगी है हमारी और तलब तुम्हारी है ..!!
ना वो खानदान रहे
ना वो दरियादिल
अब तो लोग किसी
को भीख भी देते हैं
तो चन्द सिक्को के बदले
लाखो की दुवा चाहते हैं
जमीं से जुड़े लफ़्ज़ों में वोसमुंदर से गहरे सार लिखती है…
दिल में कैद लिए ख़ामोशीकलम से शोर बेशुमार लिखती है…
भूल चुके जिसे अपने सारेउन लम्हों को यादगार लिखती है…
तपती रेत को एक बंजारनभरे सावन सी बहार लिखती है…
इंसान अगर बेदाग भी हो तो,
दाग लगाने वाले हजारो होते हैं...
देश से बड़ा कुछ नही है,देश हित में मतदान जरूर करें...!
सबकी परेशानियां सुनते हैं,
खुद की बताने का मन नहीं करता....
दीप मंदिर के हों या दरगाह के,
हम फक़त रौशनी ही चाहते हैं.
मे तेरे इश्क़ मैं ऐसे खो बैठा हूँ फेस
वास से सर और शैंपू से मुंह धो बैठा हूँ !!
दुनिया के सारे
खुदा झूठे है ,,,,
भूखे को रोटी
दे नही सकते ,,,
बाद मरे
जन्नत का वादा है
औरत बड़ी प्यारी चीज़ है रो लेगी,
मगर अपनी गलती कभी नहीं मानेगी...