हैरत है की हम जैसे लोग भी ठुकराए हुए है
जबकि हम जैसे लोग तो सीने से लगाने के लिए है...
लाया हूं आपके लिए चांदी की बालियां ,
कानों में डाल के इन्हें सोना बनाइए ।।
शेर भी बंध जाते है भेड़ों से,
जब अपने मिल जाते है गैरौ से।
तुम्हारी फाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है
मगर ये आंकड़े झूठे हैं ये दावा किताबी है
अगर विश्वास खुद पर हो तो, उजड़ी हुई जिंदगी भी खिल जाती है...
हमने जिनके लिए दुआ मांगी,वो गैरों की दुआओं के तलबगार निकले,
जिनकी ख़ातिर इक वक्त में खुदा थे हम,अब हम उनकी ही नज़रों में गुनहगार निकले
जिन्होंने कभी लाख अच्छाइयां गिनाई थीं मुझमे,अब हम उनकी खातिर महज़ बेकार निकले…!!
सोने से पहले इक काम तुम कर देना. तक़लीफ देते हैं ख़्वाब आने से पहले जगा देना. ~ मालती
सजा मे तुम मिलोगे तो बोलो , गुनाह क़बूल कर लूँ ..!!
उसके आने की उम्मीद ही नही
तो उसकी आदत कैसी..
जब वो अपना ही नही
तो शिकायत कैसी..
आज के ज़माने के शुभचिंतक ऐसे होते जा रहे हैं,
जो आपका शुभ होते चिंतित हो जाते हैं!
इंसान की ख्वाहिश कभी ख़त्म नहीं होती,जन्नत की चाह रखता है मौत के बाद भी…..
आज फिर जीने की तमन्ना है,आज फिर ' मरने' का इरादा है
षडयंत्र से सफलता
मिल सकती है , श्रेष्ठता नहीं..!!
भागते बचपन में भी थे भागते आज भी हैं , बस्ता वही है बस अंदर सामान बदल गया है !!
चिंता से चतुराई घटे, दु:ख से घटे शरीर।
पाप से लक्ष्मी घटे, कह गये दास कबीर।।
चश्मदीद अंधा बना‚ बहरा सुने दलील;
झूठों का है दबदबा‚ सच्चे हुए ज़लील।
ताश में जोकर और अपनों,
की ठोकर अक्सर बाज़ी घुमा देते हैं....
इंसान के झूठ का मजा तब आता है जब हमे सच्चाई पहले से पता हो ..!!
बाज के हौसले में फर्क है,
वरना उड़ान कौवे भी भरते हैं।
पता है मुझे ऐ ज़िन्दगी
कदम कदम पर
तू मुझे रुलायेगी
मगर याद रख
तेरे ज़ुल्मों सितम की उम्र है छोटी
मेरे होंठों की हंसी से
तू पल पल मात खायेंगी