World's Best Cow Hospital English दिल है बेताब नज़र खोई हुई लगती है, ज़िन्दगी दुख में बहुत रोई हुई लगती है। तिलक राज पारस कैसा रहेगा आपके शहर में ,,मुखौटे का दुकान खोलूं अगर.? मोहब्बत जुदाई बर्दाश्त कर सकती है , मगर बेइज्जती नहीं ... वेदना छिपाकर अपनी मैं गीत खुशियों के गुनगुना रहा हूं, समझ ना ले कोई मुर्दा इसलिए असल किरदार छिपा रहा हूं..!! विरक्ति चार दिन की जिंदगीकुछ भी गिला न कीजिये,दवा, जाम, इश्क़, जहर जो मिले मजा लीजिये काश मेरी किस्मत….कोरे कागज जैसी होती…..जिस पर मैं रोज खुद लिख पाती…!! यादों से न पूछें तरबियत उनकीये वो आजाद परिंदे हैं जो पल में सागर पार कर लेते हैं सुकून दिल को चाहिए,आफ़त दिमाग़ ने मचा रखी है... असल में साथ था ही नहीं कोईबेकार में गुमान होता था अपनों पर ! मैं क्या बताऊँ कैसी परेशानियों में हूँ काग़ज़ की एक नाव हूँ और पानियों में हूँ भारत भूषण पन्त अगर जो चाहा है वो नही मिला..तो एक बार जो मिला है उसे चाह कर देखो..!! आते नहीं हैं लोग असल किरदार में कभी, यहाँ एक से बढ़कर एक अदाकार हैं सभी ऐ खुदा लोग बनाने थे पत्थर के अगर,तो मेरे एहसास को शीशे सा न बनाया होता। ज़िंदगी शायद इसी का नाम है..दूरियाँ मजबूरियाँ तन्हाइयाँ….!! इस आजाद भारत के आजाद लोगों ने इतनी आज़ादी पायी है, कि सरेआम किसी स्त्री को निर्वस्त्र कर उसकी दौड़ करवाई है..!! तमाशा ज़िन्दगीं का हुआ कलाकार सब अपने निकलें..!! किसी को ख़ोकर उसकी कद्र की , तो क्या कद्र की...जिस्म से रूह निकल जाने पर वापस नहीं आती...!! "वैरागी" आप से बिछड़े तो खुद को और बेहतर कर लियाआंख को दरिया कर ना पाये तो दिल को पत्थर कर लिया नौकरी के साथ सबसे बड़ी चुनौती यह है,कि यह अमीर बनने के मार्ग को रोकती है..!! परवाह करने वाले ढूंढ़िये , इस्तेमाल करने वाले तो खुद आपको ढूंढ लेंगे। Prev1…434445…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.