प्रेम किसी भी स्थान पर
रहने की अनुमति दे सकता है
लेकिन दूसरे स्थान पर
रखने की नहीं,
प्राथमिकताओं का पालन आवश्यक है।
बीवी भी हक़ जताती है,माँ भी हक़ जताती है, शादी के बाद आदमी कश्मीर हो जाता है॥
दरिंदो से भरी इस दुनिया में, वो पुरुष एक फरिश्ता ही रहा होगा।जिसने एक रेप पीड़िता को, अपनी विवाहिता होने का सम्मान दिया होगा।।
साथ मेरे चलना इतना आसान तो नहीतुझे अभी दुनियां की पहचान तो नहीबेहतर है के छोड़ दो तुम जिद्द करनाजिंदा इश्क के आग मैं जलना ये तुम्हारे मिज़ाज़ मैं नही !!
समझदार बनो, वफ़ादार बनो,
असरदार बनो पर दुकानदार मत बनो !!
हर प्रॉब्लम के दो सोल्युशन होते हैं:-
भाग लो... (run away)
भाग लो.. (participate)
पसंद आपको ही करना है...
ख़ुद को ख़ुद से आज़ाद किया, जा, तुझको हमने माफ़ किया !
हराम की कमाई से शक्लें तो तो सवार सकते हो,नस्लें नहीं !!
अपने फैसलों पर कभी पछतावा ना करें,हर गलती आपको मजबूत बनाती है..!!
बदला लेने में वो मज़ा नहीं जो ,खामोशी से बदल जाने में है …
अंत का भी अंत होता है
कुछ भी कहां अनंत होता है
पतझड भी एक घटना है
बारह महीने कहां बसंत होता है
प्रेम में पड़े पुरूष के लिए.. प्रेमिका के द्वारा बोला गुड मॉर्निंग भी ग्लुकोन डी से कम नहीं होता..
बदला नहीं लूँगा, बस बदल जाऊँगा.
किसिको गिराऊँगा नहीं, बस संभल जाऊँगा !
अन्न न भावै नींद न आवै, गृह-बन धरै न धीर रे।कामिन को है बालम प्यारा, ज्यों प्यासे को नीर रे।
घर वाले जब भी कहते हैं कि भाड़ में जाओ तो मैं चुपचाप आकर फेसबुक पर बैठ जाता हूँ.
ख़ुदकुशी को टालकर आया हूँ मैं,
हाँ बताओ! क्या ज़रूरी बात है ?
ये सोचना ग़लत है कि तुम पर नज़र नहीं,
मसरूफ़ हम बहुत हैं मगर बे-ख़बर नहीं.
आलोक श्रीवास्तव
और आखरी में, वादों का महल ढह गया,दिल के हिस्से में सिर्फ़ तड़पना रह गया !!
सुनसान रास्तों पर भी , ज़िंदगी ख़ुशगवार लगती है ,,जब मौजूद हो कुछ भटके हुए साये , लाजवाब बेशुमार लगती है ,,भीड़ थी आसपास बहुत कि उलझनें और उलझ गई ,, इसलिए ...छोड़ दिया सब कुछ ,, अब ना कोई...
तबियत की बात है जनाब , वर्ना जबाब ऐसे दूं कि सवाल ही पैदा ना हो ।।