प्रेम किसी भी स्थान पर
रहने की अनुमति दे सकता है
लेकिन दूसरे स्थान पर
रखने की नहीं,
प्राथमिकताओं का पालन आवश्यक है।
अगर आप सही हो तो कुछ भी
साबित करने की कोशिश मत करो
बस सही बने रहो, गवाही वक्त ख़ुद दे देगा।
ये गंदगी तो महल वालो ने फैलाई है “साहिब”
वरना गरीब तो सङको से थैलीयाँ तक उठा लेते है !!
बहुत मुश्किल से समझ आता है कि ज़िंदगी में,
ज़्यादा ज़रूरी ख़ुशी नहीं, "सुकून है
कबीरा ते नर अँध है, गुरु को कहते और
हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रूठे नहीं ठौर
कबीरदास
रस्म एक खास निभाना सीखो,किसी को अपना बनाना हैतो पहले उसके बन जाना सीखो।
दुख की शाम हो या सुख का सवेरा…सब कुछ कबूल है अगर…"साथ हो तेरा"…!!
सस्ते लोग ,
बड़े महंगे पड़ते है।
जो मेरी ज़िंदगी की किताब का दस पन्ना भी न पढ़ा सका हो……. उसकी नज़रों में हम ख़ुदगर्ज़ नज़र आ रहे हैं……..
इंसान की अकड़ वाजिब है जनाब,
पैसा होने पर तो बटुआ भी फूल जाता है !!
स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है,
संतोष सबसे बड़ा धन,
और विश्वास सबसे अच्छा संबंध।
हिचकी यादों की नागरिकता है।
एक ही नदी के है यह दो किनारे दोस्तोदोस्ताना ज़िन्दगी से, मौत से यारी रखो।
मैं उठता हूं कभी कलम रखता हूंइस तरह इश्क के जज्बातों पर सर रखता होगा खेल कोई इश्क तुम्हारे लिए यारोंमैं तो मरे जिस्मों में मोहब्बत की रूह रखता हूं
जीभ कभी फिसलती नहीं है,
जो दिमाग़ में चल रहा है,
वो जीभ पर आ जाता है !!!
शुरू-शुरू में सब यही चाहते हैंकि सब कुछ शुरू से शुरू होलेकिन अंत तक पहुँचते-पहुँचते हिम्मत हार जाते हैंहमें कोई दिलचस्पी नहीं रहतीकि वह सब कैसे समाप्त होता हैजो इतनी धूमधाम से शुरू हुआ थाहमारे चाहने पर।
~ कुँवर नारायण
कुछ सपनों के मर जाने से जीवन नहीं मरा करता
गोपाल दास नीरज
बहुत गुरूर है दरिया को अपने होने परजो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ !
कौन आगे है, कौन पीछे इससे मुझे क्या?
मेरा मुकाबला ख़ुदसे है, औरों से नहीं।
काश तेरी जुदाई की कोई सरहद होती,
पता तो रहता अभी कितना सफर और तय करना है