World's Best Cow Hospital English गुज़रता हुआ वक्त क्या क्या सिखा देता है.….. कभी हँसना तो कभी रोना सिखा देता है वक्त है कभी जहर पीना तो,कभी जख्म सीना सिखा देता है...! क्यूं सोचें, के चार लोग क्या कहेंगे? समाज में महज़ चार लोग थोड़ी है। अकसर बहुत चीखने के बाद इंसान, ख़ामोश हो जाता है… कुछ दरमियाँ नहीं हैं तो बेचैनियाँ है क्यों , कुछ रिश्ते बेरुखी से भी नहीं टूटा करते .. तजुर्बा मेरी आँखों में देखिए हरकतों से, मैं आज भी बच्चा हूँ...!! शब्दों का भी तापमान होता है साहब , ये सुकून देते हैं तो जला भी सकते हैं।। दुरी हुई तो उनके करीब हम और हुए। ये कैसे फासले थे जो बढ़ने से कम हुए। हम ही पत्थर के हो गये ये सोचके.. कि ज़िंदगी तो फूल बनेगी नहीं...!! फिर वही दिल की गुज़ारिश फिर वही उनका गुरूर फिर वही उनकी शरारत फिर वही मेरा कसूर! कि मरने के बाद भी मेरी आंख खुली रही,आदत जो पड गई थीं तेरे इंतज़ार की... जितना कम सामान रहेगा उतना सफ़र आसान रहेगा! ~गोपालदास नीरज हमसे दिखावा नहीं होता, हम आईना है हमसे ये फरेब नहीं होता। कहा जो मैंने कि मर जाऊँगा तो कहती हैं तुम्हारे चाहने से जिंदगी थोड़ी निकलती है इंसान की वैलिडिटी भले ही कम हो,पर उसकी इंसानियत कभी कम नहीं होनी चाहिए.. छोड़ने वाले छोड़ जाते है मुक़ाम कोई भी हो,निभाने वाले निभा जाते है हालात कोई भी हो वहीं लोग मोहब्बत पे अच्छी पंक्तियां लिख पाते हैंजो लोग मोहब्बत में अक्सर ठुकरा दिये जाते है..!! कुछ सपनों के मर जाने से, जीवन नहीं मरा करता है। किसी के हाथों की कठपुतली बनने से अच्छा है.. कि छोटा ही सही अपना किरदार खुद बनाओ..!! ये मेरी जिंदगी के हादसे यूं ही नहीं हुए हैं ,,कुछ लोगों की मेहरबानी ने अच्छा घुड़सवार बना दिया..!! हमारे पास जो कुछ है,उसका आनंद तभी ले पाएंगे,जब उसकी चिंता छोड़ देंगे,जो हमारे पास नही है। Prev1…424344…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.