मैंने झूठ के बहाने नहीं बनाए,
इसलिए भी हम बहुत ज़्यादा उसको नहीं भाए,
मेरा सच ही मेरी ज़िंदगी है,
जिसको निभाना है निभाए,
जिसको नहीं निभाना ना निभाए.
आपसे बिछुड़े तो ख़ुद को और बेहतर कर लिया
आँख दरिया कर न पाए दिल को पत्थर कर लिया
नीलोफ़र नूर
जो दूसरों की स्वाधीनता छीनते हैं, वास्तव में कायर हैं।
बेज्जती का जवाब इतनी इज्जत से दे,
कि सामने वाला खुद शर्मिंदा हो जाए....
धूप तो यूँ ही बदनाम है ,जलन तो इंसानों को एक दुसरे से है ..!!
वक़्त को समझना, समझदारी है,वक़्त पर समझना, जिम्मेदारी है…!!
सागर सी जिंदगी का बेहतरीन पन्ना हो तुम,
ख्वाब ही सही मगर दिल की तमन्ना हो तुम।
किसी को मनाने से पहले ये ज़रूर जान लेना,कि वो तुमसे नाराज़ है या परेशान ।
बहुत महंगे होते है सावले लोग,यहां हर किसी की पसन्द नहीं बनते !
मेरे रोने कि तू परवाह ना कर, अब हालातों से लड़ लेता हूं,
तब अश्कों से थे खून बहे, अब खामोशी से रो लेता हूं..!!
विरक्ति
कृष्ण जिसे नहीं मिले,
युगों युगों से आजतक उसी के हैं,
और जिसे मिले उसे मिले ही नहीं।
तभी कहते है, कृष्ण को
पाने का प्रयास मत कीजिये,
पाने का प्रयास करोगे
तो कभी नहीं मिलेंगे।
बस प्रेम कर के छोड़ दीजिए,
फिर जीवन भर साथ...
जिम्मेदारी वो पिंजरा है..
जहां इंसान आजाद होकर भी कैद है..!!
अरमान सिर्फ उतने ही अच्छे है जहाँ,
स्वाभिमान गिरवी रखने की जरूरत ही ना पड़े…!!
एक तेरा दीदार मेरे सारे गमो को भुला देता है….
मेरी जिंदगी को जिंदगी बना देता है….!!
अधूरे प्रेम का बोझ लिए जीनाअनायास आयी मृत्यु के दुख से ज्यादा दुखदायी होता है
अगर मुझमें कोई हुनर होता तो,
मैं तुम्हें अपना कायल बना लेता,
और जहान जीत लेता उस रोज,
जब मैं तेरे पांवों में पायल पहना लेता..!!
हम पहुंचेंगे हर घर तक,
न्याय का हक़, मिलने तक!
गली, मोहल्ला, संसद तक
न्याय का हक़, मिलने तक!
सहो मत...डरो मत!
यहीं अंतिम मिलन हुआ था हम दोनो का, इसी जगह पर आने से मेरी रूह काँपती है.
सुनो कभी तुम नाराज हूए तो हम झुक जाएंगे,कभी हम नाराज हो तो आप गले लगा देना..!
कमजोर लोग बदला लेते हैं.
ताकतवर लोग माफ कर देते हैं.
बुद्धिमान लोग नजरअंदाज कर देते हैं।"
अल्बर्ट आइंस्टीन