बाजार से खरीदी हुई मूर्ति के सामने हाथ जोड़कर धन मांगते हो,
अगर मूर्ति धन देती तो दुकानदार इसे बेचता ही क्यों ??
बूँद पानी को मेरा शहर तरस जाता है
और बादल है कि दरिया पे बरस जाता है
वक्त ऐसे ना दिया करो कि मुझे भीख लगे , बाकी इसके आगे वही करो जो तुम्हें ठीक लगे ..!!
आज की दुनिया का यही कायदा है,
उधर कदम जिधर फायदा है....!!
नमाज में दुआऔर मोहब्बत में निकाह बहुत जरूरी है !
मैं कितनी भी कोशिश कर लूअपनी शायरी में प्यार के रंग नहीं उड़ेल पाती
मेरेशब्दोंमें अक्सर जिक्र होता है
रुसवाई, बेवफाई,बेरुखी,बेचैनी,आँसूक्योंकि आज तकमुझे तुमसे यही सब मिला हैइश्क क्या होता है?कभी जान ही नहीं पाईजो तुमसे आजतक नही मिलाशायद वही इश्क था
ख़तरे में है अब अपने क़बीले की आबरू ,
जो मुखबिरों में थे अब वही सरदार हो गए हैं
हिसाब भरी ज़िन्दगी को बेहिसाब जिया जाए ,
महीना सावन का आ गया है महादेव से इश्क किया जाए ..!!
रूपया व्यक्ति का,
रवैया बदल देता हैं।
राजनीतिक भाषा की रचना ऐसी हैं जिसमे झूठ को सच बताया जाता हैं,
और सच का बड़े सम्मान के साथ हत्या किया जाता हैं
भाई मौसम, इतना रोमांटिक मत होंकुछ लोग अभी भी सिंगल हैं
गेम चेंजर बनो दोस्तक्योंकि दुनिया पहले ही खिलाड़ियों से भरी पड़ी है!
अवसर के बिना काबिलियत कुछ भी नहीं है।
नेपोलियन
इतवार की सुबहइत्मीनान वालासुकून चाहती हूंकोई हो जग जाएमुझसे पहले मेरे लिएताकि सो सकूँ औरमेरी चिंता कर पाए।कहे सबसे धीरे सेसोने दो उसे ज़राथकी हुई सी आजउसे आराम जी भरतसल्ली से करने दोसोती रहूँ बेफिक्र सेकरे मेरी फ़िक़्र ज़राकहे सब...
कितनी मासूम है एक तरफ़ा मोहब्बत वैसे खेलता रहता है ... मैदान में बच्चा तन्हा
यदि आपका कोई दुश्मन नहीं है,
तो इसका अर्थ है कि आप उन जगहों पर भी ख़ामोश रहे,
जहाँ बोलना बहुत ज़रूरी था।
रंगों में रंगों को मिलने तो दो
फूलों से दिल को खिलाने तो दो
आई है फिर से रंग भरी होली
है ये रंग गौरी नहीं बन्दूक की गोली
तो आओ रे.....
खेलों तुम सब होली रे
भर लो ये तुम आज प्रेम रंग...
बिना किताबों की जो पढ़ाई,
सीखी जाती है उसे जिंदगी कहते हैं..!!
छिन जाती है "मासूमियत" चेहरे की,मुफलिसी "उम्र" देखकर वार नहीं करती..!!
कभी-कभी कुछ लोग अपने बोले हुए अल्फाजों की वजह से,
हमेशा के लिए दिल से उतर जाते हैं।