वो वस्त्र पर वस्त्र बदलते रहे..
और इधर प्रजा निर्वस्त्र होती गई
आप सभी को ईद-उल-फितरकी बहुत बहुत मुबारकबाद
पेशे के जुनून भुला देता है तपिश गर्मी की, वक़ील गर्मियों में भी कोट पहन के मुस्कुराता है
एक शाम की मोहताज हैं दुनिया सारी ,एक शाम हल्की सी हर दर्द पर भारी ..
बहुत आसान नहीं थानज़दीकियों का फ़ासलामीलों तय किया हैअपनों को अपना समझते समझते!
बिन तुम्हारे कभी नहीं आईक्या मिरी नींद भी तुम्हारी है
~ जौन एलिया
ये जो तुम कहते हो कोई नहीं अपना,कभी ख़ुद से पूछो क्या तुम किसी के हो पाये.
जो लोग बिना मतलब के हमारा साथ देते हैंहम उनका अहसान क़भी नहीं भुला पाते हैंऐसे लोगों का जिक्र आने पर दिल मुस्कराता हैऔर दुवाएं देने लगता है, ये शायद वही लोग हैंजिनकी वजह से इंसानियत पर भरोसा क़ायम है
ये जो तुम लोग बिना बॉयफ्रेंड बाली लड़की ढूंढ रहे हो न ...? शास्त्रों में इसे पत्थर में से तेल निकालना कहा गया हैं
आपका गिरना एक हादसा हो सकता है...
मगर वहीँ पड़े रहना आपकी मर्ज़ी है ..
मौत आज़मा रही थी परिंदे को,
ईश्वर भी करामात दिखा रहा था
दम तोड़ रही थी इंसानियत,
जब उसे इंसान मरना सिखा रहा था
स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन और विश्वास सबसे अच्छा संबंध।
~ गौतम बुद्ध
छत पर वॉक करने वाला मौसम है,
और छत से छलांग लगाने वाले हालात.
अपने वजूद पर भरोसा रखो... लोग क्या सोचते है उससे फर्क नही पड़ता..!!
गैरों की बातें सुनके,
अपनो से उलझा नहीं करते...
जिंदगी में गम बहुत है,खुलासा मत होने देना,
लबों से मुस्कुरा देना,मगर तमाशा मत होने देना..!!
दो ही लोग तो जिंदगी में याद रहते है
एक हाथ मिलने वाला दुसरा साथ छोड़ने वाला..
कुछ लोग ज़िंदगी में भी मुर्दा होते
है और कुछ मरने के बाद भी जिंदा ...
प्रेम की पहचान अगर शादी होती ,तो रुकमणी के स्थान पर आज राधा होती ..!!
माफी के हकदार गलती करने वाले होते हैं
चालाकी करने वाले नही !