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World's Best Cow Hospital

इंसान की ख्वाहिश कभी ख़त्म नहीं होती,जन्नत की चाह रखता है मौत के बाद भी…..

ये दो शब्द जीवन को नष्ट कर देते है..पहला "अहम" और दूसरा "वहम"…!!

मेरे साथ चलना है तो दर्द सहने के आदी बन जाओमेरा मसला है काँटों से खेलना और तुम फूल जैसी हो

कैसे थे और कैसे हो गये हैं हम ? खुद को ढूँढते ढूँढते खुद में ही खो गये हैं हम .. ना जाने क्या लिखा हैं किस्मत की लकीरों में ? धड़कनों से जिंदा हैं पर दिल से सो गये हैं हम ..

मतलब के बिना कौन पूछता है किसी कोबगैर रुह के तो घर वाले भी नहीं रखते

चीज़ों के गिरने के नियम होते हैं!मनुष्यों के गिरने केकोई नियम नहीं होते। ~ नरेश सक्सेना

जो जितना तुम्हारा है तुम भी उसके उतने ही रहो ज्यादा दिल की गुलामी में इज्जत की नीलामी हो जाती है

करीबियां किसी और से हैं और इल्जाम है हम पर दूरियां बनाने का...

अपने वजूद पर भरोसा रखो... लोग क्या सोचते है उससे फर्क नही पड़ता..!!

चलो अपने अपने गिरेबाँ में हम झाँक आते हैंकहीं हम ही तो नहीं हैं बे-ग़ैरत सबसे ज्यादा

जीत की आदत अच्छी होती है मगर, कुछ अपनों के लिए हार जाना भी बेहतर होता है..!!

जमाने मे और भी दर्द है , सहने को साहब, हर उतरे हुए चेहरे का मसला , इश्क नही होता..!!

दोनों की मोहब्बत जुदा जुदा कभी तू मुझसे कभी में तुझसे खफा ख़फ़ा,,,,आ लग जा गले मिलकर करें अपने दरमियान सारे मसले रफा दफा,,,,

जिनको मेरी कदर नही अब मुझे भी,उनकी फिकर नही !

अपने गैरों की दलाली करने लग जाए, तो वो अधिक देर तक अपने नहीं रहते !!

मुकद्दर कि चोट ऐसी खाई थी मैंने,आज हर कदम पर फिसल रहा हूं,कभी झूठे सुख, तो कभी झूठी हंसी लिये,मैं किरदारों पर किरदार बदल रहा हूं..!!

रोज कमाने की फिक्र..एक मर्द की चेहरे की मुस्कुराहट खो जाती है..!!

शिकवे इतने हैं किताबे लिख दूं, सब्र इतना है कि एक लफ्ज़ भी ना कहूं...

संघर्ष भी उन्हीं को चुनता है, जिनमें लड़ने की क्षमता होती हैं।

चाय से दोस्ती कल थी, आज है और कल भी रहेगी... फिर चाहे मौसम बदले या ज़माना !


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