तुम मुझे इतना भूल जाना की तुम जी सको ,मैं तुम्हें इतना याद रखूगा की मैं जी सकूं...
ऐसी सर्दी है कि सूरज भी दुहाई मांगेजो हो परदेस में वो किससे रजाई मांगे !
हालात कह रहे है अब वो याद नही करेंगेओर उम्मीद कह रही है थोड़ा और इंतजार करेंगे
खयालो मे रहता है वो, जो पास नही होता…बैचेन हैं उनके लिए जिनको एहसास नहीं होता..
अगर आप एक खुशहाल जिंदगी जीना चाहते हो तो,उसे अपने लक्ष्य से जोड़ो ना की किसी इंसान या चीजों से !
मेरे दिल मे मत झांकना धुंआ बहुत है ,
बची कुची ख्वाइशें जला रही हूँ मैं ।।
ख्वाहिशों के पिटारे पर ज़िम्मेदारी की आरी चल जाती है,
जबतक समझता है वो कर्मों को तबतक उम्र ढल जाती है..!!
खलिश तेरी "आंखों" कि बयां करती है,
तूने बसाए हैं "दुखों" के समंदर इनमें..!!
विरक्ति
राह के पत्थर से बढ़ कर कुछ नहीं हैं मंज़िलेंरास्ते आवाज देते हैं सफर जारी रखो !
उन अक्लमंदो से दूरी अच्छी है,
जो हमें बेवकूफ समझते हैं...
एक तरफ दुनियाँ चांद पर भी जा रहीं है,
दूसरी तरफ जाति से बाहर विवाह नही होता !
सब्र जितना था कर लिया मैने,
अब तुम ना मिलों वही बेहतर है...
बाप गरीब जरूर है लेकिन इस बेटी के लिए ,
एक राजा की तरह सभी ख्वाइशें पूरी करता है ।।
तेरे साथ लम्हें इतनी रफ्तार से गुज़रे
जैसे किसी बच्चे का दिन इतवार सा गुजरे!
किसी के लिए इतना भी मत गिर जाना कीजिसके लिए गिरे हो वहीं उठाने से इंकार कर दे।
तेरे जानें से ज्यादा फ़र्क नहीं पड़ा
जहा दिल होता था अब वहा दर्द होता हैं.
जाने वाले ने सिखाया है,
आने वाले को औकात में रखना…!!
कुछ दर्द जो अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं, आंखों से पानी बन निर्झर नदियों से बहते हैं । समझ ही नहीं पाती,किसी को नही कह पाती, इस जीवन से अब कुछ और नही चाहती ।
सुरमे की तरह पीसा है हमें हालातों ने,
तब जा के चढ़े है लोगों की निगाहों में..!!