ये सोचना ग़लत है के’ तुम पर नज़र नहीं,मसरूफ़ हम बहुत हैं, मगर बे-ख़बर नहीं
हम आपके इशारे पे घर-बार छोड़ दें ?दीवाने हैं ज़रूर ! मगर इस क़दर नहीं !!
~ आलोक श्रीवास्तव
दुनिया तुली थी हमको बनाने पे देवता ,
पर हम किसी भी हाल में पत्थर नहीं हुए
चहेरा काला हो तो Powder लगाते है
ओर हरकते काली हो तो Password......!!
अजनबी
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
झूठा इंसान अंत में अपने सिवाए
किसी को धोखा नहीं दे सकता।
कि मरने के बाद भी मेरी आंख खुली रही,आदत जो पड गई थीं तेरे इंतज़ार की...
अपने वजूद पर भरोसा रखो... लोग क्या सोचते है उससे फर्क नही पड़ता..!!
वक्त से हारा या जीता नही जाता,केवल सीखा जाता हैं..
सुखी वो नहीं जिसके पास सब कुछ है,
सुखी वो है जिसके पास सब कुछ है।
अब नाराज नहीं होना है किसी से
बस नजरअंदाज करके जीना है.....!
जिंदगी के सफर में उठे
मेरे कदम एक दूजे से बात करते हैं
साघते है ज़िन्दगी का सुर मीठा
और बहते आवारा हवा से तुम्हें याद करते है
राजेश गौरी
सोच का अंधेरा रात के अंधेरे से,
ज़्यादा खतरनाक होता है.....
यदि आप उड़ना चाहते हैं, तो वह सब कुछ छोड़ दें जो आपको नीचे खींचता है।"
बुद्ध
मत पूछ किस बेरहमी से कत्ल हुआ था मेरा,मोहब्बत के ज़र्फ़ में उतारकर पिघलाया गया था मैं..!!
कुछ सांपों से इतने गहरे रिश्ते हैं के ,
उनसे खुद को खुद डसवाना पड़ता है
वो जो कभी रुक नहीं पायेतुम्हारी तोहमतों से भीवो जो चुपचाप चलते रहेसौंधी मुस्कान लिए
वही प्रेमी हैं ..!
-मनीषा शर्मा
दिल तुझे नाज था जिस शख्स पर दिलदारी पर..देख अब वो भी उतर आया अदाकारी पर..
शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना बेहतर है ,
अपने ही मौज का फकीर बने रहना ...
किसी पीर से पूछो ना किसी फ़क़ीर से पूछो, तुम अपने बारे में सिर्फ अपने ज़मीर से पूछो....!!
जहां बातें ही तीर सी हों,
वहा रिश्ते छलनी हो ही जाते हैं...