यही खशियत है जिंदगी की
कर्ज वो भी चुकाने पड़ते है जो लिए ही नही
जम्हूरियत पर कस रहा फंदा
ख़ुद को ख़ुदा समझ रहा बंदा
बहलाया-फुसलाया, डराया भी
बॉन्ड से भी जुटा लिया चंदा
चुनाव की बिसात धर्म का दांव
नफ़रत का तूफ़ान कभी पड़े न मंदा
किसी को जेल इनके लिए खेल
इन पर भी चलेगा वक़्त का...
आज मेरी कॉल न उठाने वाले,कल को….ये आवाज़ नहीं होगी तो पछताओगे.
एक तुम गये केपूरा काफिला गयातूफा था तेजपेड़ को जड़ से हिला गया ….
जब सल्तनत से दिल काही राजा चला गयाफिर क्या मलाल तख्तगया या किला गया….
ये मतलबी दुनिया है साहेब चाय बनाने के
बाद चाय पत्ती छानकर फेक दी जाती है
महीनों बाद आज फिर देखा उसे,एक बार तो दिल धड़का मगर फिर संभल गया !!
मुझमें बसने वाले शख्स ने,❣️✨❣️मुझमें रहना छोड़ दिया..!!!
इश्क़ में दो की संख्या आखरी होती है, तीन की जलन आप नहीं समझ सकते.
डियर क्रश ❤️टाइटैनिक का मलबा
देखना चाहतें है आप के साथ..
धैर्य बनाकर रखें और मेहनत करते रहें,आपका किस्सा नहीं एक दिन कहानी बनेगी..!!
लोग कहते है मैं बहुत गुरूर करता हूं, मैं तो बस दो चेहरे वाले लोगों को खुद से दूर करता हूं
सांस तो लेने दिया करो...
आंख खुलते ही याद आ जाते हो..!!
जाने क्या बिगाड़ा है इस बनाने वाले नेहम बनते बनाते अनजान बन जाते हैं !!
लहू में घरौंदा कर के
अहसास बैठे थे
नस नस से उभर कर
वो आज
तूलिका के द्वार से
फलक पर उतर रहे हैं
लोग ये समझ रहे हैं
मैं तेरी #तस्वीर बना रहा हूं
हकीकत में तो मैं
तूलिका की आंखों से
तुझे देख रहा हूं....
मैं कहां #तस्वीर...
जान गया वो हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है,इसलिए वो रोज़ नया दुःख देता है मेरी ख़ुशी के लिए।
हराम की कमाई से शक्लें तो तो सवार सकते हो,नस्लें नहीं !!
उठाना खुद ही पड़ता है थका टूटा बदन,जब तक सांसे चलती है,कंधा कोई नही देता !
घटी कमाई, बढ़ गए खर्चे गली-गली बदलाव के चर्चे
मैंने ख़त लिख रखा है आँखों मेंआप नजर मिलाकर पढ़ो तो सही
हम तो समझे थे कि इक ज़ख़्म है भर जाएगा
क्या ख़बर थी कि रग-ए-जाँ में उतर जाएगा