सबने कहा अच्छे से जाना
सिर्फ मां ने कहा बेटा घर जल्दी आना
कभी कभी सोचता हूं इन ऊंची ऊंची,
इमारतों में कितने गिरे हुए लोग रहते हैं...
जैसे जैसे दुनियां समझ में आती हैविश्वास शब्द खोखला लगने लगता है !
जिंदगी उस दौर से गुज़र
रही जहां दिल दुखता है
और चेहरा हंसता है
जब नादान थे तो जिंदगी के मजे लेते थे, समझदार हुये तो जिंदगी मजे ले रही है !
दुआ के वक्त आंखों का भर आना,
कुबूलियत की सबसे बड़ी दलील है !!
सबके अपने सत्य हैं,
सबके अपने झूठ।
कोई कहता लाभ इसे,
तो किसी को लगती लूट।
सबके अपने कष्ट हैं,
सबकी अपनी जंग।
कोई कभी टूट जाता है,
कोई हो जाता तंग।
सबकी अपनी मान्यता,
सबका निज विश्वास।
कोई कभी...
मूर्ख दूसरों पर हसते हैं, और बुद्धिमान खुद पर...
माटी कहै कुम्हार से, तू क्या रौंदे मोय।
इक दिन ऐसा आएगा, मैं रौंदूगीं तोय॥
कबीरदास
खुशियां हर तरफ हैं....
इंसान है की बस देखता एक तरफ है..!!
जिसे आपके गुस्से की परवाह नहीं, यकीं मानो उस व्यक्ति को तुमसे कोई लगाव नही॥
फ़र्क पहले पड़ता था..अब तो असर भी नहीं होता..
'समय दुख काउपचार नहीं करताकेवल उस परपर्दे डाल देता है
जितने दिनबीतते जाते हैंउतने पर्देपड़ते जाते हैं'
~ पंकज चतुर्वेदी
मस्तमौला होकर जीना अपनी ज़िन्दगी,तुम परेशानियों से मत हारना,ज़िम्मेदारी कितनी भी परत चढ़ा दे सिलवटों की,कभी अपने बचपन को मत मारना..!!
होशियारी नोच लेगी सारे ख्वाब,लुत्फ जो भी है नादानी में है...
बिलकुल! चलिए जारी रखें। जहां निर्मलता की किरण हर कदम दिखाए।
दुनिया जो कठिनाईयों से भरी हो सकती है, हम निर्मलता को पकड़ेंगे, एकमात्र अद्भुत वस्त्र।
चमकती हुई आँखों के साथ हम...
फिर एक दिन वो लोग हमेशा के लिए सो जाते हैं ,
जिनको रात भर नींद नहीं आती !
तुलसी भरोसे राम के, निर्भय हो के सोए।
अनहोनी होनी नही, होनी हो सो होए।
तुलसीदास
व्यवहार में सुंदरता रखो लडकियों
चेहरे पर मरने वाले घर नहीं ले जाया करते….!!
फिर आखरी बार भी नहीं मिला मुझसे, जो मिलने वाला था "उम्र भर के लिए"
दो पल सुकून में खोके आते है
फुरसत हो तो चलो "बनारस" होके आते है।