उन्हें ढूंढना आसान हो जाता उस पराए देश में ,अगर मेरे पास उनकी कोई एक तस्वीर होती ...
मे तेरे इश्क़ मैं ऐसे खो बैठा हूँ फेस
वास से सर और शैंपू से मुंह धो बैठा हूँ !!
समझदार इंसान वही है जिसे पता है
कब और कहाँ कितना
बेवक़ूफ़,
मासूम और असहाय दिखना है
वही ज़िद वही हसरत,
ना दर्द-ए-दिल की कमी हुई
अजीब है मोहब्बत मेरी,
ना मिल सकी ना ख़त्म हुई
ए सुनो ना….मेरी सांसों को तुम्हारी सांसों की गहराई नापने दो आज…रात भर तुम्हें निहारना चाहता हूं…तो तुम मेरी बाहों में लिपट कर सो जाओ…मगर मुझे जागने दो आज
जिस काम से आपका घर चलता हो,उस काम को करने से कभी शर्म मत करो।
गीत ग़ज़लों में शामिल गर ना हो सके,
तो तुम्हारे दर्द में बसर हम ज़रूर करेंगे।
नेहा यादव
कचरा कहां तक टाला जाये,
पॉलिथीन कहां पर डाला जाये,
तू भी कीचड़ का चैंपियन है,
तैर जहां तक नाला जाये।
बदलना है तो अब हालात बदलो
ऐसे नाम बदलने से क्या होता है?
देना है तो युवाओं को रोजगार दो
सबको बेरोजगार करके क्या होता है?
दिल को थोड़ा बड़ा करके देखो
लोगों को मारने से क्या होता है?
कुछ कर नहीं सकते तो कुर्सी...
तूफान ज्यादा हो तो कश्तियां डूब जाती हैं
और घमंड ज्यादा हो तो हस्तियां डूब जाती हैं..
खामखां क्यों किसी को दोष दे रहे हो,
तुम्हारी हर तकलीफ़ के तुम स्वयं जिम्मेदार हो....!!
न मैं शायर हूँ न मेरा कोई शायरी से वास्ता ,
बस एक आदत सी हो गई उसकी यादों को बयान करना ..!!
दुनिया में कोई गलत नहीं होता, उसके लिए वो सही है हमारे लिए हम सही है !!
जिंदगी का सबसे खूबसूरत एहसास है.."किसी की खुशी का कारण बनना"…..!!
सहर से खुशियां मांगने चले थे
मुझे फूलों से मोहब्बत हो गई.!
अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा
मगर तुम्हारी तरह कौन मुझ को चाहेगा।
तुम्हें ज़रूर कोई चाहतों से देखेगा
मगर वो आँखें हमारी कहाँ से लाएगा।
तुम्हारे साथ ये मौसम फ़रिश्तों जैसा है
तुम्हारे बा'द ये मौसम बहुत सताएगा।
बशीर बद्र
दोनों ही पक्ष आए हैं तैयारियों के साथ
हम गर्दनों के साथ हैं वो आरियों के साथ