आँख में पानी रखो होंटों पे चिंगारी रखो,ज़िंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो !
कलियुग है करेला बनोमिठाई बनोगे तो मिट जाओगे..!!
कुछ रिश्ते आजकल उस रास्ते पर जा रहे हैं,न साथ छोड़ रहे हैं, और न ही साथ निभा पा रहे हैं…
मुद्दतों बाद उठाए थे पुराने काग़ज़.. साथ तेरे मिरी तस्वीर निकल आई है..!!
प्रेम पत्थर बनी देह को भी सुगन्धित कर दे...!!
त्याग का नाम है हिन्दू, ईमान का नाम है, मुसलमान, सेवा का नाम ईसाई, और सिखों का नाम है बलिदान,
यही सब मिलकर बनता है हिंदुस्तान।
।।🇮🇳 मेरा भारत महान 🇮🇳।।
दोबारा लौट कर शायद मेरा बचपन चला आएअगर पापा ख़्वाब में आ जाए तो नादान हो जाऊँ
प्यार, मुहब्बत, ख्याल, एहसास, रिश्ते-नातें, तालुक, वास्ते, सब झूठ, बकवास…अगर इनमें से किसी एक का भी वजूद होता तो, मेरे पास जरूर होता!
कितना अजीब हैं .. दर्द उसका हैं, और उस दर्द की चीख मेरे कानो में गूँजती हैं ...
इतेफाक से तो नही हम दोनो टकराए कुछ तो साजिश खुदा की भी होगी
रात तो वक़्त की पाबंद है ढल जाएगी,
देखना ये है चराग़ों का सफ़र कितना है।
वसीम बरेलवी
मौत का भी इलाज हो शायद…
ज़िंदगी का कोई इलाज नहीं..!!
दोनों भाई बहनों को ऊंट भी चाहिए और राजस्थान भी नहीं जाना चाहते..शास्त्रों में इसे ही कूटनीति कहा गया है…
कपड़े और चेहरे अक्सर झूठ बोलते हैं,
इंसान की असलियत वक्त बताता है..
ये गंदगी तो महल वालो ने फैलाई है “साहिब”
वरना गरीब तो सङको से थैलीयाँ तक उठा लेते है !!
हिचकियां आती है तो पानी पी लेता हुअब वो वहम छोड़ दिया की कोई याद करता है
समझदारी दिमाग में होनी चाहिए,और दिल में बचपना.
उनकी गलतियों पर पर्दा डाल दिया
मैंने उसको दिल से निकाल दिया
सब बीत जाता है
पल हो
दिन हो
महीना हो
या फिर हो साल
जो नहीं बीतता वो है सिर्फ़
तेरा ख़्याल
जीवन में हमेशा इंतजार ही नही करना चाहिए,क्योंकि सही वक्त कभी नही आता,उसे लाना पड़ता है !