ये वही कमरा हैजहाँ तुम्हारी बातो का शोर थासाथ गुजारे लम्हें खिलखिलाते थेजाने कितने वादों का इकलौता गवाहजाने कितने रूठने मनाने वाले पल का हमसफरहंसी ठहाको के शोर से सराबोर ये कमराआज बिखरी कुछ यादो को समेटतावीराने के गीत सुनाताकभी...
दुख, फरेब, गरीबी और बदनसीबी को मापना सिखाता हूं,
अपनी कलम कि धार से, मैं समाज को आईना दिखाता हूं..
हम खड़े वहां होते हैं जहां बैठने को जगह नही होती...
कहना राम जी से हालत नहीं ठीक है
हर परीक्षा का पेपर यहाँ लीक हैं
गुरु के आशीर्वाद से शोभा नगर कि बढ़ाई थी
फुलवाड़ी मे भ्रमण करते झलक सिया कि पायी थी
मोहित हो गये राम तभी जब दिखी बाग मे जानकी
प्रत्यंचा चढ़ाई हासिल की सीता ये बात थी सम्मान की
राम जैसा धैर्य सीता सी पवित्रता...
फिर एक दिन वो लोग हमेशा के लिए सो जाते हैं ,
जिनको रात भर नींद नहीं आती !
जिंदगी के सफर में उठे
मेरे कदम एक दूजे से बात करते हैं
साघते है ज़िन्दगी का सुर मीठा
और बहते आवारा हवा से तुम्हें याद करते है
राजेश गौरी
गम़ ये नहीं के लोग हमारे खिलाफ़ बोलते हैं!
ख़ुशी ये है के उन्हें बोलना हम ने सिखाया था
शहर से
सम्भावनाएं जुड़ी हैं ,
गॉंव से
भावनाएं जुड़ी हैं ।
"पाई पाई, तेरे जुल्मों का हिसाब रखेंगे,हम सब याद रखेंगे!"
मन्दिर तक पहुंचना तन का विषय है,
लेकिन शिव तक पहुंचना मन का विषय है …
दुनिया इतनी तेजी से बदल रही है कि अगर तुम किसी एक ही नजरिए का दामन थामे रहोगे,
तो आगे नहीं बढ़ सकते।
दुनिया में 70 % पानी हैलेकिन सबको इश्क़ में डूब कर मरना है…!!
वो वस्त्र पर वस्त्र बदलते रहे..
और इधर प्रजा निर्वस्त्र होती गई
आज से लक्ष्य पर धयान दूंगा
दिशा खुद मिल जाएगी
देखता हूं तुझे बड़ी गौर से ऐ इंसान
सुना है तू दिन भर में कई रंग बदलता है
खुद पर काबू पा लेना ही मनुष्य की सबसे महत्वपूर्ण जीत होती है।
जिस रिश्ते को बचाने के लिए आपको अकेले लड़ना पड़े, वो रिश्ता लड़ाई के भी काबिल नही होता...
ना होने का एहसास सबको है..
मौजूदगी की कदर किसी को नहीं..!!
साथ हजारों ख्याल आयेजैसे कोई सूखी लकड़ीसुर्ख आग की आहें भरे,दोनों लकड़ियां अभी बुझाई हैं