World's Best Cow Hospital English तेरी आवाज़ मेरी रोजी-रोटी हुआ करती थी ,तू मुझे भूख से मारेगा मैंने सोचा भी ना था !! है कोई जिससे तेरी यारी ना हो,आदमी इतना भी बज़ारु ना हो, मुझ से भी हो कर वो आगे बढ़ चुका,दोस्त बच के, अब तेरी बारी ना हो । हंसने की आदत डाली है, खुशी का कुछ एहसास नहीं, आसू भी अक्सर डुलते है पर दुःख भी कोई खास नहीं, नकाबों मैं वक्त गुजरे अपना, गहरे अपने जज़्बात नहीं...!! ज़िंदगी किसी के तो काम आये, हमारी उमर ही आपको लग जाये !! जाना किधर है आप को ये देख लीजिए मंज़िल किसी भी सम्त हो आसान तो नहीं गुस्सा करना अपने पैरो पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है,क्योकि आप जिसपे गुस्सा करते है,उससे ज्यादा आपका खुद का नुकशान हो जाता है ! विचारों के युद्ध मे, पुस्तकें ही अस्त्र है। ये नफ़रत नहीं फितरत है मेरी , जिसे छोड़ दिया मतलब छोड़ दिया... पुरानी आदतों को है बदलना अब मुश्किलमेरी मुहब्बत को तुम वही आदत समझो हर इंसान अपनी जबान के पीछे छुपा है ,अगर उसे जानना है तो उसे बोलने का मौका दो … बड़ी तलब लगी पड़ी है मुस्कुराने की,तुम जो चले जाओं तो कुछ बात बने …. स्त्री और पुरुष एक दूसरे के पूरक हैं। आपसी सहयोग के बिना दोनों का अस्तित्व असंभव है मैं ढूंढता हूं खुद में ही खुद कोमैं शायद वो नहीं जो हुआ करता था ! इंसां तिरे वुजूद का मक़सद ही इश्क़ था, तू नफ़रतों की राह में कैसे भटक गया ? यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ॥ परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् । धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे जब चली थी ख़ुद को ढूंढने, नही जानती थी, कि अपने आप को दूसरो में, नही खोजा करते। जिंदगी को खुश रहकर जियो, क्योंकि रोज शाम सिर्फ सूरज जी नहीं ढलता, आपकी अनमोल जिंदगी भी ढलती है! हर आदम की अपनी-अपनी किस्मत है। हर किस्मत का अपना - अपना रोना है।। रोयी भी हूँ रूठी भी हूँ , अकेले में टूटी भी हूं. जब किस्मत बदलती है तो,गैरों से ज्यादा अपनों की जलती हैं। Prev1…242526…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.