हटा पतझर के पहरा, तनिक मधुमास आवे द
उदासल मन का देहरी पर, किरिन सविलास आवे द।
कसक एतना, मसकि जाता करेजा, दर्द अइसन बा
जिये के होसिला लेके, नया उल्लास आवे द।
झुकल आकास देखता, घुटन से जिन्दगी ऊबल
चुकल एहसास, बिनती बा, नया...
माँ की आँखों से अक्सर छलक जाते हैं आँसू ,
अगर बाप की आँखों से छलके तो बात गहरी है ...
हवाएँ ज़ोर कितना ही लगाएँ आँधियाँ बन कर
मगर जो घिर के आता है वो बादल छा ही जाता है
गुरुर नही हम खुद पर नाज करते है,
जो जैसे मिलता है , हम वैसे बात करते है...!!
जहां कद्र ना हो वहां खुद को मत बिखेरिये ,
बे-कद्रों को हीरा भी कांच ही नजर आता है !
घर का बटवारा मंजूर मुझे दिलों का #बंटवारा कभी ना हो...!!धन दौलत सब बाट लो लेकिन रिश्तो में इंसानियत की कमी ना हो..!!दूरी हो चाहे कितनी लेकिन दिल की दूरी ना कभी ना हो..!!दुख दर्द देख कर दूजे का ऐसा...
खुद की कीमत गिर जाती है...
किसी और को कीमती बनाते बनाते..!!
मै प्यार लिखता रहा वो प्याज पढ़ती रही.. एक शब्द ने मेरी मोहबत को सलाद बना दिया..!!
जब दिल किसी एक पर ठहर जाए तो..ज़ेहन किसी और को कुबूल नहीं करता..!
हिचकी यादों की नागरिकता है।
जब तू मुस्कुराने की वजह बन सकता हैं,
तो रोने की क्यों नहीं .. ??
गिरता न कभी चेतक तन परराणाप्रताप का कोड़ा थावह दौड़ रहा अरिमस्तक परवह आसमान का घोड़ा था
था यहीं रहा अब यहाँ नहींवह वहीं रहा था यहाँ नहींथी जगह न कोई जहाँ नहींकिस अरिमस्तक पर कहाँ नहीं
लोग इंतजार में थे मुझे टूटा हुआ देखने को,
एक मैं था जो सहते सहते पत्थर का हो गया।
"एक पल में मान लेते है कि क़िस्मत में लिखे फ़ैसले बदला नहीं करते, लेकिन आप फ़ैसले तो लीजिए क्या पता क़िस्मत ही बदल जाए!"
~आर्यभट्ट
फकीरों की सोहबत में बैठा कीजिए साहब!!
बादशाही का अंदाज खुद ब खुद आ जाएगा...
रात तो सब की एक ही है ,
बस अंधेरा हर किसी का अपना अपना है ..!!
सुनो ये हकीक़त बहोत पुरानी है
चाय आज भी दिल की राजधानी है...
प्रेम आपको डांट कर सुला देता है,
हवस रात भर जगाए रखती है.
छतरियाँ हटा के…मिला करो इनसे,
ये जो बूँदें हैं ना,बहुत दूर से आती हैं।
“कितनी सुंदर बात है की……“तुम्हारी प्रतिक्षा में बिता समय……“कभी व्यर्थ सा नहीं लगा…!!