World's Best Cow Hospital

माना के मां की गोद बहुत लाजवाब है एहसान पिता का भी कोई कम तो नहीं है...

इच्छाएं स्वार्थी बना देती हैं, वर्ना जरूरतें तो स्वाभिमान में रहकर भी पूरी हो जाती हैं।

आप से बिछड़े तो खुद को और बेहतर कर लियाआंख को दरिया कर ना पाये तो दिल को पत्थर कर लिया

न जी भर के देखा न कुछ बात की बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की

एक समंदर मेरे अंदर मस्त कलंदर... उछल रहा है उछल उछल कर निगल रहा है वक्त को वक्त की बेवजह पाबंदीओं को… अंदर के समंदर से कभी वक्त कहां बड़ा हो पाया ❓ मैंने मुझको हमेशा वक्त से बड़ा पाया इस लिए अंदर के समंदर में वक्त को डूबता पाया।।

दिलों के ताले की चाबी लफ्ज़ में नहीं लहजे में होती है !

वक्त से पहले हादसों से लड़ा हूँ.. मैं अपनी उम्र से कई साल बड़ा हूँ।

मैं लेखक हूं, हालातों पर लिखता हूं, जज्बातों पर लिखता हूं,दफन हुई ख्वाहिशें, किसी की चंद मुलाकातों पर लिखता हूं,समाज में फैल रहे द्वेष, अनैतिकता और गंदगी पर लिखता हूं,कभी कभी मुकद्दर से चोट खायी अपनी ज़िन्दगी पर लिखता हूं..!!

खुद पर यक़ीन होना चाहिए क्यूकी , सहारे ही इंसान को बेसहारा करते हैं ...

गरीबी शिक्षा सस्ती करने से कम होगी ,मुफ्त के राशन से नही।

जूते घिसकर बनाई गई पहचान और , जूते चाटकर बनाई गई पहचान मे फर्क होता है ...

तुम ने तो सितारों को दूर ही से देखा है,तुम समझ न पाओगे आसमां की तनहाई…

घमंड में मत रहिए, अर्श से फर्श तक आने में, वक़्त भी नहीं लगता..!!

मोहब्बत में कैद हुई अपनी खुशियां तराशता रहा, चाभी रख कर कांधे पे मैं तिजोरी तलाशता रहा..!! विरक्ति

सोच रहा हूँ बंद करदु ये शाएरी का सफर बस तेरी लाल लिपिस्टिक पर पूरी ग़ज़ल लिखदूँ...

लड़की खूबसूरत हो, लेखिका हो, उम्र में बड़ी हो, हाईट में 'छोटी' हो, काजल लगाती हो और नोज रिंग पहनती हो, तो उससे इश़्क कैसे न हो…❤️

आपका गिरना एक हादसा हो सकता है मगर वहीं पड़े रहना आपकी मर्ज़ी !

झूठा इंसान अंत में अपने सिवाए किसी को धोखा नहीं दे सकता।

सुनो ये हकीक़त बहोत पुरानी है चाय आज भी दिल की राजधानी है...

अगर तुम किसी को शिद्दत से चाहोगे ना तो वो उतनी ही शिद्दत से तुम्हें जलील भी करेगा !!


Concept, Created & Designed by sureshjain.com


© copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.

Translate »