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World's Best Cow Hospital

यादें दस्तक देती हैं आँखें नम हो जाती हैं होठ खामोश रह जाते हैं दिल की धड़कनें शोर बहुत मचाती हैं मधुलिका

तजुर्बा मेरी आँखों में देखिए हरकतों से, मैं आज भी बच्चा हूँ...!!

ये वही कमरा हैजहाँ तुम्हारी बातो का शोर थासाथ गुजारे लम्हें खिलखिलाते थेजाने कितने वादों का इकलौता गवाहजाने कितने रूठने मनाने वाले पल का हमसफरहंसी ठहाको के शोर से सराबोर ये कमराआज बिखरी कुछ यादो को समेटतावीराने के गीत सुनाताकभी...

सब्र जितना था कर लिया मैने, अब तुम ना मिलों वही बेहतर है...

जिंदगी में एक ही उसूल रखों ,जहाँ कदर नहीं वहां कदम मत रखों …

खुद को श्रेष्ठ खुद नही, औरों को करने दो खुद कहोगे तो मान नही अभिमान झलकेगा।

जिंदा आदमियों के अंदर,कई बार मारे हुए लोग भी रहते हैं….

"जिन्हें ईश्वर ने हृदय और परख दी है, वे आदमियों की पोशाक नहीं देखते, उनके गुण और चरित्र देखते हैं।" मुंशी प्रेमचंद

लबों पर मुस्कान लेकर आंखों से इशारा करती हो, मुझ पर ही इतनी इनायत है या दुनिया को मारा करती हो..!! विरक्ति

तेरी फ़ोटो को देख के क्रेजी बन गए, तेरे fan थे पहले अब AC बन गए

कुछ तो राज छुपाएं जातें हैं मोहब्बत में यूं ही कोई तीसरा अचानक से नहीं आ जाता जिंदगी में

रो भी नहीं सकते खुलकर, ये मर्द होना भी क्या मुसीबत है....

एक गुमनाम सा किरदार, हमारा भी हैं कहीं, जज्बात तो बहुत हैं, मगर हक एक भी नहीं, करना तो बहुत कुछ हैं किसी एक की खातिर, मगर मन इसी कश्मकश में हैं कि उनके जीवन में, हमारा कोई अस्तित्व भी तो नहीं कही ..

अब जो है, कुछ भी नहीं है हमारातेरा ख़्वाब आख़िरी था इन आँखों में_!!

तुम्हारे जुल्मों का हिसाब लिखूं सोच रहा हूँ इश्क़ पर एक किताब लिखूं...

मंज़िल मिलने पर सुनाएंगे सफ़र की दास्ताँ , क्या क्या छीन गया हमसे यहां तक पंहुचते पंहुचते

सस्ते और घटिया ताले किसी भी चाभी से खुल जाते हैं……. मैं बात तालों की नहीं इंसानों की कर रहा हूं

तिरी ज़मीं से उठेंगे तो आसमाँ होंगे हम ऐसे लोग ज़माने में फिर कहाँ होंगे इब्राहीम अश्क

वैसे तो बहुत बुरा हूॅं मैं लेकिन दो चेहरे नहीं रखता !!

मेरे साथ चलना है तो दर्द सहने के आदी बन जाओमेरा मसला है काँटों से खेलना और तुम फूल जैसी हो


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