पुरुष चाहे जितनी बेहतरीन पोस्ट कर दे,वह एक महिला की "Hi" का मुकाबला नहीं कर सकता !
पैसे कमाते कमाते खुद कागज बन जाते हैं,
सिर्फ़ बेटियां ही नहीं बेटे भी घर छोड़कर जाते हैं।
पहले निचोड़ लेते हैं जिस्म अपनी आंखों से, फिर दुपट्टा संभालने कि हिदायत देते हैं..!!
दिल है बेताब नज़र खोई हुई लगती है,
ज़िन्दगी दुख में बहुत रोई हुई लगती है।
तिलक राज पारस
घमंड किस बात का है, जनाब ऊपर से लेमिनेशन हटा दो तो, अंदर से सब इतने ही खूबसूरत है..!!
रंग बदलती इस दुनिया में...
मुझे अपने बेरंग होने से...शिकायत न रही....
हराम की कमाई से शक्लें तो तो सवार सकते हो,नस्लें नहीं !!
हम ताश के वो इक्के हैं, जो बुरे वक्त में सबको याद आते हैं...
तुम्हारी यादों के सिक्के…!! रातों में बे आवाज़ बजते हैं …!!
मोहब्बत में कहाँ कोई उसूल होता है❤️❤️दिल जिसे चाहे बस वही कुबूल होता है
आँसुओं से शिकायत यूँ कर के भी क्या
दर्द चेहरे से भी तो छलक जाता है
अम्बष्ठ
लोग तोल देते हैं चंद बातों पर क़िरदार…बारी अपनी हो तो तराजू नहीं मिलता!!
दुनिया तुली थी हमको बनाने पे देवता ,
पर हम किसी भी हाल में पत्थर नहीं हुए
मैं क्या बताऊँ कैसी परेशानियों में हूँ
काग़ज़ की एक नाव हूँ और पानियों में हूँ
भारत भूषण पन्त
मेरे मन का आधा साहस, आधा डर थे बाबू जी
जो अर्थ ही ना समझें,
उनपर शब्द क्या ज़ाया करना....
सनकी 🦋
आज शाम है बहुत उदासकेवल मैं हूँ अपने पास।
~ भगवतीचरण वर्मा
जीने कि "ललक" तब और ज्यादा होती है,
जब दादा कि बैसाखी उनकी "पोती" होती है..!!
विरक्ति
तेरे होंठों के स्पर्श से मेरा हर ज़ख़्म भर जाता,
भींच कर बाहों में तेरी फूंक से भाप करवाता,
और हम भी कसीदे इश़्क़ के आंखों से पढ़ लेते,
मयस्सर जो तू होती तो तेरा दर्द भी हंसकर पी जाता..!!
विरक्ति
डियर क्रश ❤️टाइटैनिक का मलबा
देखना चाहतें है आप के साथ..