यकीं तो सबको झूठ पर ही होता है,
सच बोलने वाले को तो,
हर बात साबित करनी पड़ती है
तेरे आने की नही उम्मीद परदेखते हैं आज भी रस्ता तेरा
चाहने वालों की संख्या कम हो जाए चलेगा..मगर, जलने वालों की संख्या बढ़ती रहनी चाहिए…
बिछड़ते वक्तगले लग कर इश्क़ वाले
अपनी रूह इक दूसरे मेंछोड़ आते हैं।
बात से बदलने वाले और जज़्बात से खेलने वाले इंसान से दूरी जितना बना के रखो उचित होता है...
दस्तक और आवाज तो कानों के लिए है जो रूह तक सुनाई दे उसे खामोशी कहते है
हसीनों की गलियों से आँखें बंद कर गुज़रना लड़ गयीं जो उनसे आँखें, गड्ढे में जा गिरोगे।
नियत सच्ची होनी चाहिए, चेहरे तो अक्सर झूठ बोलते हैं...
उम्मीद कम रखिए,खुशियां बेहिसाब होंगी !
संभलना था हमें,, साथ फिसलते चले गए,, ना चाहा फिर भी,, उसकी चाहत में संवरते चले गए,, अंज़ाम मालूम था,, फिर भी आगे बढ़ते चले गए,, तिनका तिनका जोड़ा था ख़ुद को,, दूरियों में बिखरते चले गए,, अब तकलीफ़ ये...
खुशियां छीनी चैन छीना,Z
मेरी रंगीन ज़िन्दगी को बेरंग किया था,
जिसके लिये मैं रक्षा कवच बना,
उसने ही मौत से जंग दिया था!
हजारों किताबों को पढ़ो तुम्हारे शब्द नदी की तरह बहेंगे
तुम्हारी ख़ातिर तो बदला मैंने खुद को।
फिर तुम....किसकी ख़ातिर बदल गए
काश ये सिर्फ शायरी ना होकर हकीकत हो जाती,
जी भरकर देख लेता तुझे अश्कों की बरसात हो जाती..!!
विरक्ति
जब नाश मनुज पर छाता है
पहले विवेक मर जाता है।
दिनकर
ऐसे माहौल में दवा क्या है दुआ क्या है ,
जहाँ कातिल ही खुद पूछे कि हुआ क्या है ..!!
इश्क के धागे से बांधा ही नहीं मैंने तुझे कभी…रूह के हर रेशे से जुड़ा है तेरा मेरा रिश्ता..!!
जो लोग बिना मतलब के हमारा साथ देते हैंहम उनका अहसान क़भी नहीं भुला पाते हैंऐसे लोगों का जिक्र आने पर दिल मुस्कराता हैऔर दुवाएं देने लगता है, ये शायद वही लोग हैंजिनकी वजह से इंसानियत पर भरोसा क़ायम है
सुकून जिसे कहते हैं,
यारों वो सिर्फ़ ❣️मां❣️ होती है।
मेरा धर्म बड़ा इस दंभ मे गला अपनो का रेत रहे,पहले मकां थे जो इंसान वो अब केवल खेत रहे,
शमसीर सी वाणी दिल मे नफरत कि आग है,कैसे रौशन होगा गुल यहा हर इंसान नाग है,
और अपने स्वार्थ मे निर्दोषो...