मैं उसे देख भी लेता हूं….. छू भी लेता हूं….
भला हो रात का…. नींद का….. ख्वाब का….!
हवा गुजर गई पत्ते हिले भी नही
वो मेरे शहर आए और हम मिले भी नही..!!
अहंकार स्वाभाविक हैविनय सीखना पड़ता है
~ अज्ञेय
कल को बेहतर बनाने का एकमात्र तरीका यह जानना है कि आपने आज क्या गलत किया।
प्रेम से अनमोल भला
क्या तुम इस जग में पाओगे
ढूंढो तुम ईश्वर को
उसे बंधा प्रेम में पाओगे
शब्दों से तुम बन गए
पंक्तियों में मेरे ढल गए
स्याही में मेरे पिघल गए
रचना मेरी तुम बन गए।
हर छंद में तुम रम गए
मैं तुम पर अब क्या लिखूं?
मेरे गीत के नज़्म बन गए
जीने की वजह तुम बन गए।
स्वर लहरी तुम बन...
और इक वक़्त के बाद इंसान इतना ख़ामोश हो जाता है,
कि उसकी सांसें भी ख़ामोशी में ख़लल लगती हैं.
उसे बुलाया नहीं जाता ना उसे रोका जाता है.... जिसपर अधिकार ना हो उसे ही मांगना पड़ता है , जो तुम्हारा होता है वो हर परिस्थिती मे तुम्हारा होता है और जो तुम्हारी पीड़ाओं का आक्रोश नहीं समझ पाता, उसके...
उन्हें ढूंढना आसान हो जाता उस पराए देश में ,अगर मेरे पास उनकी कोई एक तस्वीर होती ...
मुझे प्रेम तुझसे है तो है..!अब क्या मुकद्दमा करोगी मुझ पर…!!🍹
सत्य के बाद मनुष्य निर्भय हो जाता है, और झूठ के बाद कायर।
जया अंजनी
घर छोड़ा नादानी में बीवी छोड़ी जवानी में, देश बेचा बुढ़ापे में भक्त खुश हैं गुलामी में !
यूँ ही आबाद रहेगी दुनिया,
हम न होंगे, कोई हम सा होगा !
जो मिला है वो आम हैजो ख़ास है वो काश में है….!!
अंत का भी एक अंत होता हैं,
कुछ भी कहाँ अनंत होता हैं...
घर वालों को ज़रूर बताइए उलझने अपनी,मर जाने से अच्छा है उनके लिए जिया जाए….
जिंदगी बस उन्हीं लोगों की रंगीन हैजो रंग बदलना जानते है
कीतना बेबस हो जाता है इंसान जबवो किसी को खो भी नही सकताऔर उसका हो भी नही सकता
प्रकृति ईश्वर की सुंदर रचना है,जिसे उन्होंने हमें एक अनमोल उपहार केरूप में आशीर्वाद दिया है !
झूठे इल्जामों की फिक्र ना करें वक्त का ग्रहण चाॅंद ने भी झेला था!!