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World's Best Cow Hospital

रोज़ी-रोटी, हक की बातें जो भी मुँह पर लाएगा, कोई भी हो, निश्चय ही वह कम्युनिस्ट कहलाएगा !

उलझनें भी मीठी हो सकती हैं, जलेबी इस बात की ज़िंदा मिसाल है।

बाते बंद होने के बाद तुम्हे जब भी देखा, तो सिर्फ ऑनलाइन ही देखा…!!

तमाशा ज़िन्दगीं का हुआ कलाकार सब अपने निकलें..!!

तड़प मेरे बेकरार दिल की कभी तो असर उन पे भी करेगी..... कभी तो वो भी जलेंगे इसमें जो आग दिल मे दहक रही है....

“प्रतिभा तो ग़रीबी ही में चमकती है दीपक की भाँति, जो अँधेरे ही में अपना प्रकाश दिखाता है।” ~ मुंशी प्रेमचंद

हर तरफ़ ज़ीस्त की राहों में कड़ी धूप है दोस्तबस तेरी याद के साये हैं पनाहों की तरह

तलवारों की छाए पर इतिहास हमारा बनता है ,, जिस ओर ज़वानी चलती है उस और ज़माना चलता है..!!

तुझे पा लूं गर मैंपल भर को भी, तो पल भर में मैंसदियां बिता दूं।

मैं वो दरिया हूँ की हर बूंद भँवर है जिसकी,तुमने अच्छा ही किया मुझसे किनारा करके।

बीवी भी हक़ जताती है,माँ भी हक़ जताती है, शादी के बाद आदमी कश्मीर हो जाता है॥

दरिंदो से भरी इस दुनिया में, वो पुरुष एक फरिश्ता ही रहा होगा।जिसने एक रेप पीड़िता को, अपनी विवाहिता होने का सम्मान दिया होगा।।

अखबार सी हों गई है जिंदगी हर रोज़ नई ख़बर

✯||ज़रा ठहरो तो नज़र भरके देखे तुम्हे जमीं पे चांद कहा बार बार आता है...||✯ समंदर

तिरी ज़मीं से उठेंगे तो आसमाँ होंगे हम ऐसे लोग ज़माने में फिर कहाँ होंगे इब्राहीम अश्क

प्रेम सरल है.. जटिल उसे अपेक्षाएं बना देती हैं..!!

दोनो मज़बूर थे अपने अपने दायरों मे...ना वो बता सकी ना हम जता सके...

तेरे लौटने के इंतेजार में,तेरी यादों से मोहब्ब्त हो गई….

वजह तक पूछने का मौका ना मिला।बस दिन गुजरते गए और हम अजनबी होते गए।।

एक दुःख को कम करने में एक सुख नहीं लगताबल्कि एक दुःख दूसरा लगता है


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