इश़्क़ कि तड़प में विरह का बंदी गया,आज मैं खुद से खुद का प्रतिद्वंद्वी बन गया..!!
औसतन…..आदमी अपनी जिंदगी का एक वर्ष औरतों को घूरने में ही बिता देता है.
मेरे होते हुए मेरे रूम का कोई भी,मच्छर रात को भूखा नहीं सो सकता है !
सज गई मंडी वोटो की आ गए उनके चाहतदार...हाथ जोड़कर मांग रहे हैंबन जाओ उनके खेवन हार...🙏🥸निर्णय लेना सोच समझकर नानी दादी दादा और पापा महिला बहने भी याद रखना तुम्हारी बचत पर फिर से ना पड़ जाए छापा....!!😜
जितना बड़ा संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी।
स्वामी विवेकानंद
मेरा बुरा वक्त क्या आ गया
आज अंधों को भी मेरे में कमियां दिखने लगी!!
दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं
मेरी तरफ़ से दोनों भाड़ में जाएं
सिर्फ सोचे है करके नहीं देखे,
मेरे सारे गुनाह अधूरे है !
जिंदगी शिकायतो को लेकर पीछे पड़ा है
और मेरा हौसला मुस्कुराने की जिद लिए बैठा है..!!
ज़िन्दगी के तजुर्बों में एक अनुभव ये भी सबसे काम का रहा,गोपनीयता को प्राथमिकता देने वाला हर इंसान नमक हराम रहा
हो गई है पीर पर्वत-सी अब पिघलनी चाहिए।
हर सूरत में अब इस हिमालय से कोई नई गंगा निकलनी चाहिए।
दिल्ली में थूका, चाटा,गधे को बनाया बाप
नाम तो लिया नहीं फिर कैसे समझे आप ?
जोगीरा सारा रारा...
ख़ुदख़ुशी करने से मुझे परहेज नहींबस शर्त इतनी हैं की फंदा तेरी जुल्फो का हो….!!
अगर तुम किसी को शिद्दत से चाहोगे ना
तो वो उतनी ही शिद्दत से तुम्हें जलील भी करेगा !!
दिन पे दिन बढ़ रही है तेरी बेरुखी ...
किसी और से दिल लगा तो न लिया !
कृष्ण में लीन मीरा
कृष्ण-प्रेम में मग्न है रहती
सुधबुध है खोई अपनी
बावरी कृष्ण-भजन में डूबी रहती
दरस की अभिलाषी मीरा
विष को भी अमृत मान है पी लेती
मोह कहाँ है उसे इस जग से
हर साँस वो गिरधारी को समर्पित करती
ऐसी है दर्श दिवानी...
दरिया हो या पहाड़ हो टकराना चाहिए जब तक न साँस टूटे जिए जाना चाहिए
जो आपको कहे कि अपने बाप के दम पे उछलते हो,तो उन्हें कहना,हाँ हमारे बाप में दम ही इतना है।
सफर में मुश्किलें आये तो जरूरत और बढ़ती है..
कोई जब रास्ता रोके तो हिम्मत और बढ़ती है..!!