जिस प्रकार अग्नि स्वर्ण को परखती है,
उसी प्रकार संकट वीर पुरुषों को।
मोमबत्ती को आखिर में ही पता चलता है कि
उसे उस धागे ने ही खत्म किया,
जिसको वो सीने में छुपाए रखती थी...
बुद्धि तो सबके पास होती है लेकिन चालाकी, करनी है या ईमानदारी ये तो संस्कार पर निर्भर करता है ..!!
हर दिन होता "चीर" हरण है, तुम कितनी "द्रौपदी" बचाओगे,
इन "कौरव" की औलादों पर, अब तुम कब "चक्र" चलाओगे..!!
विरक्ति
आज नही तो कल किया है... स्त्री ने मर्द के साथ हमेशा छल किया है...
तेरा साथ जो मिल जाए तो मंजिल दूर नही... दुआ मुकम्मल हो जाए तो जिंदगी दूर नही...!!
शेर को पालने में उतना खर्चा नहीं है
जितना मेकअप और पब्लिसिटी
कर सियार को लगातार शेर के रूप में प्रस्तुत करने में है।
मैं मुद्दतों जिया हूँ किसी दोस्त के बग़ैरअब तुम भी साथ छोड़ने को कह रहे हो ख़ैर
फ़िराक़ गोरखपुरी
बनना है तो नमक जैसा बनो
ना कोई ज्यादा इस्तेमाल कर सके,
और ना आपके बिना रह सके.....!!
सबको दिलासा देने वाला शख्स,
अपने दुखो में हमेशा अकेला रह जाता है...
कहानी शुरू हुई है तो खत्म भी होगी किरदार काबिल हुए तो याद रखे जाएंगे!
ख्वाब झूठे ही सही लेकिन
तुमसे मुलाकात तो करवाते हैं
ᵈ᭄•समंदर...༈
मुख़ातिब हूँ मैं ख़ुद से, मग़र बात तुम्हारी होगी..!
मैं अपने ज़हन के उसूलों से तो नहीं फ़िरने वाला।।
मेरे लिखे शब्दो का हूबहू अर्थ हो तुम,खुद को तेरा न कहुँ तो मुझ बिन व्यर्थ हो तुम।
तजुर्बा चाहे जितना भी कर लीजिए ज़िंदगी का साहबहर एक मोड़ पर नई राह दिखाती है ज़िन्दगी…
उसे बुलाया नहीं जाता ना उसे रोका जाता है.... जिसपर अधिकार ना हो उसे ही मांगना पड़ता है , जो तुम्हारा होता है वो हर परिस्थिती मे तुम्हारा होता है और जो तुम्हारी पीड़ाओं का आक्रोश नहीं समझ पाता, उसके...
दिलों के दरवाज़े नहीं होते,
बस सरहदें होती हैं।
संघर्षों की समर भूमि में, हमसे पूछो हम कैसे हैं,
कालचक्र के चक्रव्यूह में, हम भी अभिमन्यु जैसे हैं !
जिंदगी का सबसे कठिन काम है,
सही इंसान की पहचान करना....
दीप मंदिर के हों या दरगाह के,
हम फक़त रौशनी ही चाहते हैं.