जिंदगी एक खेल है और ये आप पर निर्भर करता है , खिलाड़ी बनना है या खिलौना......!!
धीरे धीरे सब छोड़ जाते हैं,
दिसंबर तो बस एक महीना है....
तानों की भट्ठी में तपा आदमी,
राख नहीं सोना बनता है....
एक हुनर है जो कर गया हूं मैं
सब के दिल से उतर गया हूं मैं !
शेर को पालने में उतना खर्चा नहीं है
जितना मेकअप और पब्लिसिटी
कर सियार को लगातार शेर के रूप में प्रस्तुत करने में है।
चार चार बेटियां विदा हो जाती है खेल कूद कर,
और बहुएं आते ही नाप देती है, कि घर बहुत छोटा है।
एक लात पड़ी थी तो पूरा देश सर पर उठा लिया
गर्दन कट गई तो सन्नाटा है...!
इस सन्नाटे को में क्या नाम दू....?
पुराना विवाद
आपसी रंजिश
पैसे की लेती देती
या फिर....
भाई चारा....
या फिर....
दलाली....???
हजारो विकल्प होते हुए भी, "किसी एक पर अडिग रहना ही " प्रेम " है।
बहुत महंगा पड़ता है वो रिश्ता, जिसमे खुद को सस्ता कर दिया जाए...
प्रेम में पड़े पुरूष के लिए.. प्रेमिका के द्वारा बोला गुड मॉर्निंग भी ग्लुकोन डी से कम नहीं होता..
कुछ भी अच्छा सा रख लीजिए मेम, वैसे भी करना उसके विपरित है !!
पैसे की कीमत अपने बाप से जाकर पूछो जिसने सारी जिंदगी तुम्हारें लिए अपना सुख चैन छोड़ दिया
तुम हाथ थाम लेते होमैं चल पड़ती हूँ
तुम नज़र भर देखते होमैं मुस्कुरा देती हूँ
तुम क़रीब आ जाते होमैं शरमा जाती हूँ
तुम आग़ोश में भरते होमैं सिमट जाती हूँ
तुम माथे को चूम लेते होमैं समर्पित हो जाती हूँ
अपने मतलब के लिए,अपना बनाते हैं लोग!
सफल होने के लिए तुम्हें.. खुद की दुनिया में कैद होना पड़ेगा..!!
अमीरों में अभी वो शुमार नहीं
ग़रीबों का मसीहा नया नया है
जिनके दिल साफ होते हैं,वो हर जगह से ठुकरा दिए जाते हैं
सत्य की गाड़ी में बैठेंगे तो कष्ट के स्टेशन तो आएंगे !!!
आज शायद मुझे लगाले वो गलेईद का तो बहाना उसके पास है