विरह कि आग में जल रही, अपनी ज़िन्दगी को खींच रहा हूं,
बंद हो चुकी अपनी प्रेमग्रंथ के, जज्बातों को सींच रहा हूं..!!
विरक्ति
गांव बदलकर शहर हो रहा हैं,
और इंसान बदलकर जहर हो रहा हैं...
उस समय कमज़ोर दिखो जब आप मज़बूत हो ,
और उस समय मज़बूत बनो जब आप कमज़ोर हो ...
किस तरह जमा कीजिए अब अपने आप को, काग़ज़ बिखर रहे हैं पुरानी किताब के
वो करता है जब भी तारीफ़ मेरी... हाय,चेहरा मैं उसके सीने में छुपाती हूं..!!
क्या फायदा इतनी बड़ी दुनिया का
जब कोई घुमाने नही ले जा रहा है...
जो भी जितना साथ दे वो एहसान है, लंबा साथ तो सिर्फ़ ख़ुदा का होता है। लोग इतना ही निभा सकते हैं जितना उसका ज़र्फ़ था सो उतना निभा दिया उसने…
"माँ थी अनपढ़
लेकिन उसके पास गीतों की कमी नहीं थी
कई बार नये गीत भी सुनाती
रही होगी एक अनाम ग्राम-कवि"
आलोक धनवा
संस्कारों में बस इतने बने रहना,कि कोई परवरिश तक ना पहुंचे…
संभोग करना आसान हैं,
और शादी करना मुश्किल हो गया हैं...
सफेद सलवार पे पीली कुर्तीमत पहना करो 😍
मम्मी देखकर बोलती है देख तेरीकढ़ी चावल आ रही.!! 🤓😁
कभी अकेला चलना पड़े तो डरिए मत क्योंकिश्मशान, शिखर और सिंहासन पर इंसान अकेला ही होता है…
हर पेड़ धरा का गहना है,
ऐसा ही सबका कहना है।।
पेड़ों से चलता है जीवन,
ये हैं असली धरती का धन।।
मत काट इन्हें रोना होगा,
जल की बूँदे खोना होगा।।
खुद से खुद का ही रण होगा,
रण भी इतना भीषण होगा।।
#आक्सीजन ही जीवन...
जब-जब धर्म की ग्लानि-हानि यानी उसका क्षय होता है और अधर्म मे वृद्धि होती है, तब-तब मैं धर्म के अभ्युत्थान के लिए अवतार लेता हूं !!
घर के बड़े बेटे पर जिम्मेदारी डाली नही जाती है,वो जिम्मेदारी को महसूस करता हैं,क्योंकि वो बाप के समान होता है।
जो जीवन में महत्वपूर्ण होता है जीवन में वो ठहराता नहीं इस लिए उसको महत्व दो जो ठहर रहा है तुम्हारे साथ...!!!
कागज़ में दब के मर गए कीड़े किताब के
दीवानी बिना पढ़े लिखे मशहूर हो गयी....!!!
मेरी जिंदगी मै खुशियां तेरे बहाने से है, आधी तुझे सताने से है आधी तुझे मनाने से है।
मत पूछ तेरे लिये हम कितना तड़पते थे,
आंसू छिपाकर अपने अंदर से बिलखते थे..!!
इक्का चाहे कितना भी उछलें..
हुकुमत तो बादशाह ही करता है..!!