मेरा संघर्ष एक दिन मुस्कुरायेगा, पाँव से काँटा ख़ुद ही निकल जायेगा
लहरों का शोर नहीं सागर का 'शान्त' सुनो ,
जीवन में कुछ बड़ा करना है, तो एकान्त चुनो ..!!
मैंने झूठ के बहाने नहीं बनाए,
इसलिए भी हम बहुत ज़्यादा उसको नहीं भाए,
मेरा सच ही मेरी ज़िंदगी है,
जिसको निभाना है निभाए,
जिसको नहीं निभाना ना निभाए.
ना भरने वाला उम्र भर को घाव हो गया।जिसके भी दिल में प्रेम का ठहराव हो गया।।
सोने से पहले इक काम तुम कर देना. तक़लीफ देते हैं ख़्वाब आने से पहले जगा देना. ~ मालती
जब वक्त बुरा हो तो ‘मेहनत’ करना
जब वक्त अच्छा हो तो ‘मदद’ करना
जिंदगी अपने रफ्तार से चल रही हैं, हम अपनी रफ्तार से चल रहे हैं, और समय........? वो तो बस मजे लिए जा रहा हैं।
सरकारी सेवाओं सी है तुम्हारी मोहब्बत
चर्चा खूब होती है पर मिलता कुछ भी नहीं
लक्ष्य सही होना चाहिए ,क्योंकि काम तो दिमक भी दिन रात करती है , पर वो निर्माण नहीं विनाश करती है ...
बदला लेने में वो मज़ा नहीं जो ,खामोशी से बदल जाने में है …
आंखें थक गई थी "इंतज़ार" में फिर भी दस्तक लगाए बैठा रहा,
हलक सूख गया रोते रोते मगर वो अपनी अकड़ में ऐंठा रहा..!!
विरक्ति
पहले परखते हैं किरदार फिर ऐतबार करते हैं,
हम उनमें से हैं जो सिर्फ सीरत से प्यार करते हैं..!!
अब वो किसी और से कहता होगातुम ही मेरी पहली और आखिरी मोहब्बत हो ...!!
अपनी रुह का लिबास भी दे दूँगा तुझे…तू मुझमें रहने का पहले फैसला तो कर..!!
भगवान को जो लिखना था लिख चुके क़िस्मत में,
अब बारी मेरी हैं अपनी किस्मत बनाने की,
कुछ तो लिखा ही होगा,
इन हाथो की लकीरों में बस उसी पे जिंदगी बितानी हैं...
उसको अपना समझने का क्या फ़ायदा,
जिसके अंदर आपके लिए अपनापन ही ना हो।
बारिश है ,चाय है ,संग तेरी यादें भी
बस तुम्हारी जगह किताबें आ बैठी हैं..!
मनीषा शर्मा
शहर से
सम्भावनाएं जुड़ी हैं ,
गॉंव से
भावनाएं जुड़ी हैं ।
फिर से उलझाता है सबको नफ़रत वाली बात में दूसरे राउंड में ही लुच्चा आ गया औक़ात में
हवस की भूख एक ऐसी भूख है जो पेट भरने,
और दिमाग़ ख़ाली होने के बाद लगती है..!!
अनवर चतुर्वेदी