वक्त बेवक्त छोटी छोटी खुशियों के संग,कुछ आधी अधूरी ख्वाहिशें भी ज़रूरी हैं ।इन आधी - अधूरी हसरतों से ही तोहमारी जिंदगी की खुशियां होती पूरी है ||
इच्छाओं और उम्मीदों के इस सफ़र मेंसिर्फ़ एक दिन और रात की दूरी...
हजारों कमियां होगीं मुझे में पर
औरों सा डबल रोल में तो नहीं हूं ना...!!
तुम बदले तो गम भी कहाँ पुराने से रहे,तुम आने से रहे तो हम भी बुलाने से रहे ।।
जो किताबों में है वो सब का हैतू बता तेरा तजरबा क्या है
निदा फ़ाज़ली
इंसान को इंसान की नज़र से तोलिय,
दो शब्द ही सही मगर प्यार से बोलिय।
खास कोई मिले मुझ से इस तरह की मुझ से जुदा ना हो .....!! वो समझे मेरे मिज़ाज़ को और मुझ से खफ़ा ना हो....!!
मेरे दोस्तों सामने हो मंजिल तोरास्ते ना मोड़ना जो भी मन में हो वो सपना मत तोड़ना कदम कदम पर मिलेगी मुश्किल आपको बस सितारे छूने के लिए जमीन मत छोड़ना
किसी को अधूरा पाने से बेहतर है,उसे मुकम्मल खो दिया जाए
हिन्दू मुस्लिम चाहे जो माथे पर लिखा हो मगर ,
आपके सीने में हिन्दुस्तान होना चाहिए
किसी अकेली शाम की चुपी मेंगीत पुराने गा के देखो…
जीवन की असली पढ़ाई,पढ़ाई खत्म होने के बाद सुरू होती हैं…
रिस्तो का आलम अब कुछ ऐसा है
हाल भी पूछते है तो चाल लगता है
सहयोग मुश्किल से मिलता है, और सालाह आसानी से.!!
जिस दिन सादग़ी श्रृंगार हो जायेगी...
यक़ीन मानिये,
उस दिन आईने की हार हो जायेगी
निगाहें आज भी उनकी याद में बेचैन रहती हैं,
ये दिल उदास रहता है जुबां खामोश रहती हैं,
जब मयस्सर दीदार उनका ख्वाब में होता है,
तब नींदें हराम होती हैं आंखें रो पड़ती हैं..!!
विरक्ति
मैंने अपनी ज़िंदगी के सारे,महंगें सबक सस्ते लोगों से सीखे हैं….
बाप गरीब जरूर है लेकिन इस बेटी के लिए ,
एक राजा की तरह सभी ख्वाइशें पूरी करता है ।।
किसी को अपना बनाना हुनर ही सही
लेकिन किसी का बन के रहना कमाल है.
अगर मतलबी लोगों को खो देना एक हार है,
तो ऐसी हार हमें स्वीकार है
मुझे दिक्कत झूठ से नहीं..
मैं परेशां अपने सच से हूँ..!!