भूख से डगमगा रहें हैं पांव
और बाज़ार से गुजरना है.....!!
ज़िन्दगी गुज़ारने के 2 तरीक़े है,
जो हो रहा है होने दो बरदाश्त करो,
या फिर ज़िम्मेदारी उठाओ उसे बदलने की..!
स्वार्थ की बदबू मारने वाले मतलबी लोग…..
मतलब होने पर चंदन सी सुग़न्धित बातें करते है !!!
किसी और से प्यार करना,जरूरत बन गई है उनकी,मेरे दिल को रुला देना ही,फितरत बन गई है उनकी !
सब से पहले दिल के ख़ाली-पन को भरना,पैसा सारी उम्र कमाया जा सकता है.!
अभी भरा नहीं था गम पति के जाने का,
उससे पहले रिश्तेदारों ने बेघर कर दिया,
भरे नहीं थे घाव एक मां कि चूड़ी टूटने के,
बच्चा बड़ा होने से पहले उन्हें लावारिस कर दिया..!!
न तू पूछ मुझसे, न मैं जवाब दूँगी तुझे,तू जानता है सवाल मेरा, मैं जानती हूँ जवाब तेरा...
यक़ीनन सूरज चढ़ेगाइस रात का रंग उतरेगा
ना देवरानी जेठानी कि कोई लड़ाई ना कोई गृह कलेश था,
एक ही चूल्हे में बनता था खाना, ऐसा भारतीय परिवेश था..!!
लौट कर नहीं मिलूंगा दुबारा जरा ,
सोच समझ कर खोना मुझे ..!!
फ़िज़ा भी है जवां जवां हवा, भी है रावण रावण
मिल जाता है सुकून उनकी तस्वीर देख कर,कुछ शख़्स हमारी ज़िंदगी में ऐसे भी होते हैं..!!
वक्त ऐसे ना दिया करो कि मुझे भीख लगे , बाकी इसके आगे वही करो जो तुम्हें ठीक लगे ..!!
जीत की आदत अच्छी होती है मगर,
कुछ अपनों के लिए हार जाना भी बेहतर होता है..!!
जमीं पे एक ही औरत दिखाई देती है ,
मुझें तो माँ की मोहब्बत दिखाई देती है ।।
जो लोग बिना मतलब के हमारा साथ देते हैंहम उनका अहसान क़भी नहीं भुला पाते हैंऐसे लोगों का जिक्र आने पर दिल मुस्कराता हैऔर दुवाएं देने लगता है, ये शायद वही लोग हैंजिनकी वजह से इंसानियत पर भरोसा क़ायम है
परिवार और समाज दोनों ही बर्बाद होने लगते हैंजब समझदार मौन और नासमझ बोलने लगते हैं।
फिर वही दिल की गुज़ारिश फिर वही उनका गुरूर
फिर वही उनकी शरारत फिर वही मेरा कसूर!
"सफलता छोटे-छोटे प्रयासों का योग है - जिसे दिन-प्रतिदिन दोहराया जाता है।''
~ रॉबर्ट कोलियर
सब कुछ चुराया जा सकता है।
पर दुनिया में कोई किसीका इरादा नहीं चुरा सकता।