आप बस किरदार हैं अपनी हदें पहचानिएवरना फिर एक दिन कहानी से निकाले जाएंगे
अगर अंधे आदमी को दिखने लग जाए तो वो सबसे पहले अपनी छड़ी को फेंकता है,जिसने हमेशा उसका साथ दिया.!!
आप का क़द नहीं आप की विनम्रता आपकों बड़ा बनाती है
हालात चाहे कैसे भी हो मुस्कुरा लेते है
बच्चे खुश रहे तो भूखे पेट भी आंसू छिपा लेते है
कभी मीनारो से गिरते है कभी मलबे मे दब जाते है
कभी गटर मे गिरते है कभी बेमौत मर जाते है
मजबूर भी है मजदूर...
आ तेरे संग एक पेंग बनायी जाये , ज़िन्दगी आ बैठ तुझे चाय पिलाई जाए...
जो समझ सकें वहीं अपना हैं,बाकी सब सपना है...
बुरा वक़्त भी गुज़र ही जाता हैबस रब को हमारा सबर आजमाना होता है!
बांधते होंगे इश्क़ में लोग मन्नत के धागे….मैंने अपनी आंखें बांधी हैं प्रतीक्षा की चौखट पर..!♥️
जीविका अगर सर्वोपरि नही होती, तो ईश्वर की प्रतिमाएं कभी दुकानों में नही बिकती।
तेरे वजूद से हैं मेरी मुक़म्मल कहानी,
मैं खोखली सीप और तू मोती रूहानी...!!
अर्जुन सा असमंजस आएगा
तो हिस्से में श्रीकृष्ण भी आयेंगे.!
मैं नत्मस्तक तक हो गया था जिसके प्यार में,वो मगरूर मेरी बेबसी पर मूकदर्शक बनी रही..!!
यकीं तो सबको झूठ पर ही होता है,
सच बोलने वाले को तो,
हर बात साबित करनी पड़ती है
एक ही समझने वाला था मुझे ,
हाय !अब वो भी समझदार हो गया ।।
फलसफा जिंदगी का कौन समझ पाया है..
जिया तो वही है, जो मौत से टकराया है...!!
अपना जीवन आलस्य में बिताना,
आत्महत्या करना है।
किससे पैमाने वफ़ा बाँध रही है बुलबुल,कल न पहचान सकेगी गुल-ए-तर की सूरत।
मन्दिर तक पहुंचना तन का विषय है,
लेकिन शिव तक पहुंचना मन का विषय है …
यह जो काया की माया हैइसी में संसार समाया है।
~प्रियदर्शन
मुझ जैसी आफत में तुम्हारी शराफत कम पड़ जायेगी,मुझसे ज्यादा बात करोगे तो मेरी आदत पड़ जायेगी