छल के युग में सच बोलना एक क्रांतिकारी कार्य है.!
जॉर्ज आॉरवेल
‘’शोक मत करो ! नहीं उतरेगा कोई भी उत्सव
बुलावे पर उनके लाल क़ालीनों पर
करेंगे सारे उत्सव प्रतीक्षा
न्योते की तुम्हारे रोककर साँसें अपनी
बस करना होगा थोड़ा सा इंतज़ार”
खामोशी से मतलब नहीं, मतलब तो बातों का हैदिन तो गुजर जाता है, मसला तो रातों का हैं!!
बेरोजगार पुरुष, विधवा स्त्री गरीब पिता और, एक तरफा आशिक का दर्द कोई नहीं समझ सकता..
स्वभाभिमान से जीने की आदत डालिए और
कुछ फ़ालतू लोगों को सूची से ब्लॉक कर दीजिए..!!
कह दो इन हसरतों से कहीं और जा बसें
इतनी जगह कहाँ है दिल-ए-दाग़दार में
मैं जो कहता था बदलूंगा नहीं कभी खुद कोइन दिनों मैं उस पुराने लड़के को ढूंढ रहा हूॅं !!
मेरा दुख दर्द महज़ आपके लिए,मनोरंजन एवं बकवास का विषय है.
जैसे-जैसे आप उतार-चढ़ाव देखते हैं,
याद रखें कि चुनौतियाँ आगे बढ़ने के अवसर हैं।
वे आपके लचीलेपन, आपके चरित्र का परीक्षण करते हैं,
और आपको अपने एक मजबूत संस्करण में आकार देता है।
जब आगे का रास्ता अनिश्चित लगे,
अपने विचारों को एकत्रित करने के...
बड़ा ही मुश्किल है
उस वक्त में मुस्कुराना
जब जिंदगी रुला रही हो
कितना आसान है
सब्र का टूट कर बिखर जाना
जब जिंदगी इम्तहान ले रही हो
चारो तरफ ही नज़रे फैलाते है
की कोई तो उम्मीद बची हो
और उस मझधार से
निकालने के लिए...
कौन रखेगा मेरे होठों पे उंगली अपनी..कौन बोलेगा "नहीं, ऐसा नहीं कहते"..
मोहब्बत सिर्फ धोखा है ये तब समझ आया था,
जब एकांतवास ने मुझे अपना कैदी बनाया था..!!
कभी कभी जहर भरी जिंदगी में,
अमृत का काम करता है एक बूंद इश्क़ !
उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में
फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते
बशीर बद्र
क्या भला मुझको परखने का नतीजा निकला , ज़ख्म-ए-दिल आपकी नज़रों से भी गहरा निकला !!
चल जी कर दिखाते हैं…..दिखा कर जीने में क्या मज़ा …..!!!
मस्तमौला होकर जीना अपनी ज़िन्दगी,तुम परेशानियों से मत हारना,ज़िम्मेदारी कितनी भी परत चढ़ा दे सिलवटों की,कभी अपने बचपन को मत मारना..!!
लिखते क्यों नहीं मुझे फिर दोबारा फिर एक बार मुझे अधूरा होना है !
"क्या कशिश थी आप की आँखों में"
"आप को देखा और आप के हो गए"❤️
भगवान आपकी जिंदगी रंगो से भरें..
न की रंग बदलने वालों से...!!!