अपनी ज़िन्दगी को मैं दीमक कि तरह बर्बाद कर दूंगा,
ज़िन्दालाश बनकर रहूंगा मैं, रूह को आजाद कर दूंगा..!!
टूटते पुल, धंसती सड़कें,टपकती छतें, बेपटरी ट्रेनें, बंद नाले, डूबते बेसमेंटझकझोर रहे हैं सबअब तो जागो कम से कमजनता हो तुम जागीर नहींकिसी रजवाड़े कीवोट जो देते रहोगेभ्रष्ट, निर्लज्ज, अक्षम प्रतिनिधियों कोधर्म और जाति के नाम परमरते रहोगे यूंही सब...
औरत बेवा हो जाती है
तो उसकी चूड़ियाँ तोड़ देते हैं
मर्द की घड़ी या ऐनक या हुक्का तोड़ने का
कभी किसी को ख़्याल न आया।
आज कल हम अकेले ही रहते हैं,
खुद की सारी बातें खुद से ही कहते हैं.....
किताबें पढ़ो तो औरते कमजोर,
और दीवारें पढ़ो तो मर्द कमजोर...
शिद्दत से मेहनत करो यार… प्रेमिका केवल संभोग सुख दे सकती है, सफ़लता नही…!
घर वाले जब भी कहते हैं कि भाड़ में जाओ तो मैं चुपचाप आकर फेसबुक पर बैठ जाता हूँ.
जिसके साथ दादा-दादी का प्यार है
वही तो दुनिया का खुशकिस्मत इंसान है