अब कोई आए चला जाए मैं ख़ुश रहता हूँ
अब किसी शख़्स की आदत नहीं होती मुझ को
तुम्हारा गुरूर तुम्हें फनाह करवाएगा
मैं क्या हूं ये तुम्हें वक्त बताएगा
शहर में आ कर पढ़ने वाले भूल गए
किस की माँ ने कितना ज़ेवर बेचा था
इन बारिशों से कह दो कहीं और जाकर बरसे ..... मुरशद ...
इतनी रिमझिम तो रोज हमारी आँखों में होती है।।
थोड़ी सी आवारगी भी जरूरी है जिंदगी में ,
कैद में रह कर परिंदे अक्सर उड़ना भूल जाते है ..!!
जिसे रास नहीं सच्चाई से पिरोई भौतिक लेखनी,
वही मेरे दिली जज्बातों को नजरंदाज करेगा,
और जो महसूस कर सकेगा दर्द मेरे लफ़्ज़ों का,
वो "मोहब्बत" से "नफरत" बेहिसाब करेगा..!!
विरक्ति
इस जहाँ का हर एक संतान अपनी माँ का आभारी है,
माँ की मोहब्बत दुनियाँ की तमाम मुहब्बतों पर भारी है।
ऐ खुदा, मेहनत कि दो रोटियों पर ये तेरी कैसी खुदाई है,
जिम्मेदारियों को बीच में छोड़ एक गरीब ने जान गंवाई है..!!
चुप हैं किसी सब्र से तो पत्थर न समझ हमें,
दिल पे असर हुआ है तेरी बात-बात का...
ना होने का एहसास सबको है,
मौजूदगी की कदर किसी को नहीं…
मेरी ख़्वाहिश है कि मैं फिर से फ़रिश्ता हो जाऊँमाँ से इस तरह लिपट जाऊँ कि बच्चा हो जाऊँ
जिंदगी एक खूबसूरत जाल है,
जितना...
सकारात्मक रहोगे उतनी सुलझती जाएगी..!!
तुम्हारी आँखों ने बसाएं रखा है शहर कोई,कोई तन्हा हो सकता है, कानपुर से खफ़ा नहीं,
जिंदगी की यही रीत है,पीठ पीछे सब कमीने,सामने सब Sweet हैं !
मे तेरे इश्क़ मैं ऐसे खो बैठा हूँ फेस
वास से सर और शैंपू से मुंह धो बैठा हूँ !!
खून का वो आख़िरी क़तरा,
जो वतन की हिफ़ाज़त में गिरे,
दुनिया की सबसे अनमोल चीज़ है
मुकद्दर में लिखीकोई बात हो तुम,तकदीर की एकखुबसुरत सौगात हो तुम,करके प्यार तुम्हेंमहसूस किया जैसे,सदियों से यूं हीमेरे साथ हो तुम..!
जिंदगी भर डर डर के रिश्तों को,
निभाने से बेहतर है अलग हो जाना...
गिरते हुए मैने जब भी तेरा नाम लिया है
गिरने ना दिया तुने मुझे थाम लिया है।।
मुक्कमल करनी हो जिंदगी तो कोलाहल ना करेराहों में लगी ठोकरों का यूं मलाल ना करेअगर खुद पर यकीन है तो उसे पूरा कर कुछ कमाल करेयूं छोटी मोटी बातों पे ऊपर वाले से बेतुके सवाल ना करें