घमंड किस बात का है, जनाब ऊपर से लेमिनेशन हटा दो तो, अंदर से सब इतने ही खूबसूरत है..!!
झूठ बोलना पाप होता है लेकीनआत्मविश्वास के साथ झूठ बोलना राजनीति...
अपने आप में शांति पाने के लिए, तुम्हें विचारों के बंधनों से मुक्त होना होगा !
बेहद ना हो तो चाहत कैसी
जान पर ना बन आए तो मोहब्बत कैसी...!!
आंधियों को आख़िर ज़िद छोड़ना पड़ादम उनका निकाल दिया इक चराग़ ने
आपको लेकर मेरा खयाल नहीं बदलेगा,
साल बदलेगा मगर दिल का हाल नहीं बदलेगा।
कहने को सभी अपने है लेकिन सिर्फ़ कहने को …..!!!
!!कर्जदार रहेंगे हम उस हकीम के...
जिसने दवा में उसका दीदार कर दिया...!!
वो हमारे परिवार का दुःख कैसे समझेगा जिसका अपना कोई परिवार ही नहीं है !
हो गई है पीर पर्वत-सी अब पिघलनी चाहिए।
हर सूरत में अब इस हिमालय से कोई नई गंगा निकलनी चाहिए।
मौन और एकांत आत्मा के,
सर्वेत्तम मित्र हैं....
उनकी भी क्या इज्ज़त करना,
जिनकी हरकते कुत्तों जैसी हो।....
बीते मीठे लम्हों का है जो आसराहसरतें खामोश ठहरा ज़ज्बातो का दायरातेरी भीनी आंखों में खो जाए मन मेरातुझसे ही जाने क्यूँ मेरा है ऐसा राब़्ताचादर की सिलवटें में है जो थोड़े फ़ासलेतेरे पास ना होने का करे हर पल...
बस एक गलती को देर है,लोग भूल जायेंगे आप पहले कितने अच्छे थे...
मितरों 20 मिनट तक सांस रोक कर रखो,
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आपकी 'महबूबा' आपके कदमों मे होगी !
ठोकरें खा कर भी न समझे तो मुसाफ़िर का नसीबवरना पत्थरों ने तो अपना फ़र्ज़ निभा दिया था !
मजाक का सहारा लेकर लोग
दिल की बातें बोल जाते हैं...!!
मन खराब हो तो भी शब्द
खराब नही बोलने चाहिए..!!
जो ठीक लगे वो ही देना प्रभू,
हमारा क्या है हम तो कुछ भी मांग लेते हैं...
कुछ दरमियाँ नहीं हैं तो बेचैनियाँ है क्यों ,
कुछ रिश्ते बेरुखी से भी नहीं टूटा करते ..