मेरी दोस्त ने अभी कहा - ये जो लड़कियां होती है ना, इनसे आप थोड़ा दूर रहा करिए!….इनके पास रोने के सिवा कुछ नहीं होता.
दवा की बोतलाे में प्यार भर के बेचो यार,
लोग बीमारी से नहीं तन्हाई से मारे जा रहे हैं...
मुझसे नही कटती ये उदास रातें ,
कल सूरज से कहो मुझे ले कर ढूबे ।।
तजुर्बा उम्र नहीं मुर्शदतजुर्बा हालात सिखाते हैं
पवित्र महीना सावन का है,
भोले तू मुझको भी पवित्र कर दे,
महका सकूं अपने कर्मों से,
सबको तू मुझको ऐसा इत्र कर दे..!!
सब से पहले दिल के ख़ाली-पन को भरना,पैसा सारी उम्र कमाया जा सकता है.!
ग़मज़दा हैं वो तो बेशक गुफ़्तगू भी न करें ..पर करम इतना तो हो कि सामने बैठा करें … !!
तारीफ का तो पता नहीं, पर उंगलियां आपकी तरफ जरूर उठेंगी।
इतनी बदसलूकी ना कर ए जिंदगी,हम कौन सा यहां बार बार आने वाले हैं…
किसी को अपना बनाना हुनर ही सही
लेकिन किसी का बन के रहना कमाल है.
ताकत लोगों को जोड़ने से बनती है, उनको खिलाफ़ करने से नहीं....
शायद इसलिए .."शायरी" इतनी "खुबसूरत" होती है...
कभी सच ..छुपा लेती है तो.. कभी "शख्स".....
फरक नहीं पड़ता दुनिया क्या सोचती है,मैं अच्छा हूँ ये मेरी माँ कहती है !
जेहन में उसके नाज़ी का नायक इतराता हैपर होंटों से वो गांधी-गौतम को गाता है!
ये तेरी झुकी हुई पलकें, ये कमसिन अदाएं,
आशिक तो तुझे देख कर ही घायल हो जाए..!!
विरक्ति
बदला लेने में वो मज़ा नहीं जो ,खामोशी से बदल जाने में है …
नौकरी नौजवानों के
जीवन का वह श्रृंगार है,
जिसके बिना समाज
का कोई भी अंग उन्हें सम्मान
की दृष्टि से नहीं देखता है।
अजीब सी मोहब्बत
मेरे हिस्से आयी है ,,,,
ना दुवा है
ना सलाम है
पता नही
महबूबा मेरी
किस से लड़
कर आई है,,,,,
यूँ तो सबसे करती है
हंस हंस कर गल्ला
बस मुझसे ही
अकड़ कर
मुह को फुलाई है
सारे सफर मन ही मन इसी बात पे रोना,कि जहां से लौट रहे है, वहाँ हंसने गए थे.
बहुत तकलीफ देते है वो जख्म,
जो बिना कसूर के मिलते है।