बेहद ना हो तो चाहत कैसी
जान पर ना बन आए तो मोहब्बत कैसी...!!
नियत सच्ची होनी चाहिए, चेहरे तो अक्सर झूठ बोलते हैं...
खुशी का असली मौका तब आएगा,जब आप उसे किसी अपने के साथ बांटोगे..!!
उसे खोना… मतलब खुद को खोना….इसलिए मैं उसे पाकर… मैं आबाद होना चाहती हूं…
हम को रोज़ी खींच लाई शहर के सहराओ में
फूल, तितली, एक लड़की रह गए सब गाँव में
आज शोहरत के सफ़र में याद आता है वो पल
अपना दिल रखा था हमने जब किसी के पाँव में..!!
भरोसें के काबिल नहीं है ये जिंदगी..!!
शिकायत हो या मोहब्बत,अभी कर लो..!!
एक नींद जो पूरी नहीं हुई..
एक ख्वाब मुझे सोने नहीं देता..!!
साँसों में बेताबी हैं आँखों में हैरानी इस दिलों के पन्नों पर सिर्फ तेरी है कहानी है।
बांधकर "विरह" की बेड़ियों से मुझे "आईना" दिखाया था,
मैं "गधा" हूं "इंसान" नहीं ये बात उसने मुझे सिखाया था..!!
विरक्ति
कोशिश करो हमेशा सच बोलने कीकुछ लोग रूठ जाएंगे पर धर्म बच जाएगा …
बुद्धिमत्ता की पुस्तक में..
ईमानदारी पहला अध्याय होता है..!!
शुरुआत हो चुकी हैं
अब बादशाह के साथ बेगम भी नाचेंगी..!
हर रात तुम्हें भूल जानें की ख्वाहिश से सोती हूं,हर सुबह फिर एक बार तेरे हो जानें के ख़्वाब लिए उठती हूं!
मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।कह कबीर हरि पाइए मन ही की परतीत।।"
तब और खिल उठेगा रंग उसकी मेहंदी का,जब मिश्रित उसमें मेरे प्रेम का रस होगा..!!
मेरा हौसला बसता है मेरे यार में
वो साथ हो तो है सब इख़्तियार में
जिंदगी में हर मौके का फायदा उठाओ
लेकिन किसी के विश्वास का बिल्कुल नहीं...
क्योंकि नहीं मिलते विचार तुम्हारे हमारे, अलग अलग रास्ते से क्यों ना पहुंचे हम मंज़िल तक
ये दबदबा, ये हुकूमत, ये नशा, ये दौलतें,
सब किरायेदार हैं, घर बदलते रहते हैं...!!
कहां से लायी हो इतनी खूबसूरत आंखें…सारे जहां की खूबसूरती समेटे हुए..कौन कहता है कि छोटे कपड़ों में ही सुंदर दिखा जा सकता है.. मर्यादा , संस्कारों में रहकर पूरे कपड़ों में भी सिर्फ आंखों से ही चांद सी खूबसूरत...