सांस तो लेने दिया करो...
आंख खुलते ही याद आ जाते हो..!!
याद करोगे इश्क़ हुआ था,इसकी हर सौग़ात अलग है,
मुझसे बेहतर लाख मिलेंगे,लेकिन मेरी बात अलग है.
उन लोगों से मतलब मत रखो,जो मतलब से मतलब रखते हैं ..!!
मैं तुम्हारी सादगी की क्या मिसाल दूँ ,इस सारे जहां में बेमिसाल हो तुम!!
इत्र सी महक उठती हैं ये शामजब हिस्से में आता हैं तुम्हारा नाम..!!
चाँद को छू के चले आए हैं विज्ञान के पँख
देखना ये है कि इंसान कहाँ तक पहुँचे
- गोपालदास 'नीरज'
बस साथ निभाने की जो कसमें दिलाई गई थीउसका बोझ है पर प्रेम नहीं हैअब यदि वो प्रेम की बात भी कर रहे हैतो वो इसलिए कि मजबूरी हैकि पति पत्नी हैगहराई में जाकर देखा जायतो वो सामाजिक बंधन ही...
ये खाली सा दिखने वाला घर एकदम से भर जाएगा,
ये उदास दिखने वाला लड़का एक रात मर जायेगा...
तुम बेवफाई के उसूलों से वाफिक नहीं शायद ,
बिछड़ने के बाद महबूब की खैरियत नहीं पूछी जाती...
कभी खुदा से मिला तो जरूर पूछूंगा,ग़ुलाब' कितने लगे थे तुम्हें बनाने में...
सवाल अहंकार का नहीं,
इज़्ज़त का रखो..
कोई अगर लहज़ा बदले,
तो तुम रास्ता ही बदल लो..!!
मेरे दोस्तों सामने हो मंजिल तोरास्ते ना मोड़ना जो भी मन में हो वो सपना मत तोड़ना कदम कदम पर मिलेगी मुश्किल आपको बस सितारे छूने के लिए जमीन मत छोड़ना
जिन्हें हालात से आता है टकराना, उनको मुसीबत भी खुशी की तरह लगती है…
इंसान की अकड़ वाजिब है जनाब,
पैसा होने पर तो बटुआ भी फूल जाता है !!
इंतजार उसका ही करनाजिसे आपके हर लम्हे की कीमत पता हो..!!