सिर्फ सांत्वना स्वीकार नही,
इस बार पूरी तरह से न्याय चाहिए।
हैवानो की सजा के साथ - साथ,
हर नजर में पुराना सम्मान चाहिए।
सेजल
वो चीज़ जिसे सुकून कहते हैं, हम भूल गए हैं कहीं रखकर...
कल मैं चालाक था, इसलिए मैं दुनिया बदलना चाहता था, आज मैं बुद्धिमान हूँ, इसलिए मैं अपने आप को बदल रहा हूँ।
खामोशी जुर्म है इस दौर में बोलना सीखो..
वरना मिट जाओगे हालातों के तूफानों में..!!
अकेले आए थे अकेले जाना हैं, तो अकेले रहने से परेशानी कैसी...
अमूल्य होता है प्यार उसका,भविष्य सजाने में हांथ होता है,बच्चे कि जीत में अपनी जीत देखने वाला,केवल बाप होता है.
!!मोक्ष क्या है!!
ना किसी को पाने की चाह और
ना किसी को खोने का डर ||
मतलब की दुनिया है लोग आपसे नहीं
आपकी स्थिती से हाथ मिलाते हैं !!
हर मुश्किल से टकराना चाहता हूं ,तू इश्क़ कर मैं निभाना चाहता हूँ !!
जिस दिन धरती से छिपकली, कॉकरोच और चूहे खत्म हो जाएंगे,उस दिन धरती पर स्त्रियों का पूर्ण शासन होगा.
तमाशा ज़िन्दगीं का हुआ
कलाकार सब अपने निकलें..!!
मैं क्या बताऊँ कैसी परेशानियों में हूँ
काग़ज़ की एक नाव हूँ और पानियों में हूँ
भारत भूषण पन्त
वो मंदिर भी जाती है ,वो मस्जिद भी जाती है
बेटा बीमार हो तो मां मजहब भूल जाती है
खुशियां खत्म हो चुकी मेरे जीवन से,
मैं अवसादों का रहगुजर हूं,
और जिसे कोई नहीं तराश सकता,
मैं वो मानव निर्मित पत्थर हूं..
धड़कने आज़ाद है , पहरे लगाकर देख लो…प्यार छुपता ही नहीं , तुम छुपाकर देख लो..!!
तुम्हारे जाने के बादज़िंदगी के अलग अलग पड़ाव में..हर जगह…हर एक शख़्स के अंदर…ढूंढा मैंने तुम्हें,
फ़िर एहसास हुआ किछोड़ गये हो तुम…सब जगह थोड़ा थोड़ा ख़ुद को
ढूंढा तुम्हें…पर दोबारा कभी तुम मुझे पूरे ना मिले।
जितनी शिद्दत से आप दुश्मनी निभाते हैं,
काश ! उतनी शिद्दत से दोस्ती भी निभाई होती...!
इतेफाक से तो नही हम दोनो टकराए कुछ तो साजिश खुदा की भी होगी
जिंदगी के गणित मे इस तरह से पिछड़ा हूं,
2 लोगो से मिला हूं 200 लोगो से बिछड़ा हूं.
सिंगल विंगल तो बस कहने की बात है वरना,थोड़ा बहुत चक्कर तो सबका चल रहा है...