जिंदगी रेल सी गुजर रही है,और उम्मीदें स्टेशन सी छूट रही है।
शब्द पढ़ने वाले
लिखें जज़्बात नहीं पढ़ पाते..!!
वो पत्थर कहाँ मिलता है बताना जरा ऐ दोस्त,
जिसे लोग दिल पर रखकर एक दुसरे को भूल जाते है..
पानी अगर शांत हो तो,गहराई से मज़ाक नहीं करते….
कभी कभी चुप रहना,
गुरुर नहीं सब्र होता है....
जिसके भी भाव बढ़े उसे त्याग दो,
चाहे "बाबु" हो या "टमाटर.🍅
जो चराग़ों को बुझाने की हिमाक़त करते हैं
ज़िंदगी-भर उन के हिस्से रौशनी आती नहीं
राघवेंद्र द्विवेदी
शुरुवात तो सभी अच्छी करते हैं,
मसला तो सारा आखिर तक,
अच्छे बने रहने का हैं..!!
डूबने ही वाला था उसकी झील सी आंखों में,मगर वहां पहले से कई मगरमच्छ बैठे थे ...
चलो कल्पनवाओं का सैर करे
दुनियां के भीड़ से पार चले
उन्मुक्त भाव उड़ने के चाह भरे
मन के उम्मीदें पे पंख जड़े
होले होले दुनियां से पार चले
जन्नत के चौखट पे पग रखे
अलग ही जहां का दीदार करे
होगी अनुभूति जो ख्याल करे
चांद...
कुछ लोग भूलने के नहीं,
बल्कि दफनाने के काबिल होते हैं...
सुना हैं., लोग इश्क में जान दे देते है पर.. अगर जब तक जान है तब तक साथ दे..वो इश्क़ की सही पहचान देते है.
आदमी दुख में काम आना चाहिए,
ख़ुशी में तों हिजड़े भी नाचने आ जाते हैं...
एक व्यक्ति जो तुम्हें आगे ले जायेगा.. वो तुम स्वयं हो..।।
अचानक आ जाती है मृत्यु की ख़बरअचानक डूब जाता है शहरअचानक ढह जाती हैं इमारतेंअचानक चुभ जाता है कांटाअचानक फैल जाती है आग जंगल में
सारी त्रासदियां अचानक आती हैंनहीं आता कभी कोई सुख अचानकजैसे तुम कभी नहीं आयी।
~गौरव गुप्ता
मौन और एकांत आत्मा के,
सर्वेत्तम मित्र हैं....
बहुत कुछ चाहिए नहीं मुझे ,मुस्कुराने के लिए,तुम्हें मुस्कुराता हुआ देखूं,बस इतना काफी है मेरे लिए ।
_अर्चना शर्मा
रखें हैं मैंने भी कुछ खत संजो कर उसकी याद में,
खुशी से कभी पागल ना हो जाऊं इसलिए पढ़ लेता हूं..!!
विरक्ति
सिर्फ साँसों का नाम ज़िन्दगी नहीं होता...
इसलिए हर सांस लेने वाला जिंदा नहीं होता..!!
तेरे जुल्फों का वो हेयर क्लिप बन जाऊँ,जुल्फों से हटू तो तेरे लबों में दब जाऊँ!!