World's Best Cow Hospital English कच्ची उम्र में इश्क़ और पक्की उम्र में वहम, बहुत जल्द होता है। ना दशहरा ना होली ना दिवाली होता हैं, बेरोज़गारो का त्योहार नौकरी होता हैं... सफलता का अर्थ है बहुत धैर्यवान होना लेकिन समय आने पर आक्रामक होना। तुम इस शहर की रिवायत से अनजान हो मेरे दोस्त, यहाँ याद रहने के लिए पहले याद दिलाना पड़ता है..... गाली तो नही देते हम पर इन गुप्तसूत्रों को बहुत गरियाने का मन कर रहा है हैरत है की हम जैसे लोग भी ठुकराए हुए है जबकि हम जैसे लोग तो सीने से लगाने के लिए है... उन रिश्तों का खत्म हो जाना ही बेहतर है, जहां दुख और अपमान के सिवा कुछ न मिले... लोग जिस हाल में मरने की दुआ करते हैं, मैं ने उस हाल में जीने की क़सम खाई है!! जाती है सबकी नज़र तुम्हारी ही तरफ, सब्जी़ मंडी में टमाटर जैसी हो तुम ।। अहमियत यहां हैसियत को मिलती है और हम जज़्बात लिए घूम रहे हैं! मैं घर का एक बहुत ही जिम्मेदार शख्स हूँ ... क्योंकि घर में कुछ भी गलत होने पर उसका जिम्मेदार मैं ही होता हूं मुझ से झूठ की कोई उम्मीद न करे, मैं आईना हूं सुबह का अखबार नहीं। रिश्तों का गलत इस्तेमाल कभी मत करना.. अच्छे लोग जिंदगी में बार बार नही आते..!! पुरुषों ने प्यार में ताजमहल बनवाया, नस काटी,पहाड़ तोड़े...स्त्रियों ने क्या किया कायरता कि लेप चढ़ाकर, अपनी मर्दानगी खत्म करते हैं, औरत अगर उड़ने के ख्वाब देखे, तो उसपर ज़ुल्म करते हैं..!! हर समस्या का समाधान होता है…तो अब इस समस्या का समाधान क्या है ? आंखों के समॅंदर में तूफ़ान का आग़ाज़ हैं ,अब कोई अपनी कस्तियां संभालें भी तो कैसे..!! किसी को उजाड़ कर बसें तो क्या बसें, किसी को रुलाकर हसे तो क्या हसे। आज फिर ग्रह मिले है, आज फिर कायनात ने संदेश भेजा है ,आज फिर उसकी याद आईं है, आज फिर गलतियों पर रोना आया है ,आज फिर …..।। अच्छे संस्कार किसी मॉल या बाजार में नहीं, परिवार के माहौल से मिलते हैं... Prev1…186187188…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.