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World's Best Cow Hospital

एक उम्र जी है मैंने तकलीफों में, अब जो तकलीफ ना हो तो तकलीफ होती है…!!

तुम्हारा इंतज़ार बिल्कुल वैसे ही करतीं हूँ, जैसे बचपन में करती थी पापा के दफ़्तर से लौट आने का ..!

चाँद को छू के चले आए हैं विज्ञान के पँख देखना ये है कि इंसान कहाँ तक पहुँचे - गोपालदास 'नीरज'

सोचती हूँ लिख दूं एक किताब खुद के संघर्षों पर , फिर आता है ख्याल की पढ़ेगा कौन ....

वजह तक पूछने का मौका ना मिला।बस दिन गुजरते गए और हम अजनबी होते गए।।

खुद की पहचान बनाने में जोमजा़ है, वह किसी की परछाईबनने में नहीं।

शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना बेहतर है , अपने ही मौज का फकीर बने रहना ...

उसे बुलाया नहीं जाता ना उसे रोका जाता है.... जिसपर अधिकार ना हो उसे ही मांगना पड़ता है , जो तुम्हारा होता है वो हर परिस्थिती मे तुम्हारा होता है और जो तुम्हारी पीड़ाओं का आक्रोश नहीं समझ पाता, उसके...

मज़दूर स्त्रियों के साथ अपने खेत में धान की रोपनी की..! नेहा सिंह राठौर

तुम ने तो सितारों को दूर ही से देखा है,तुम समझ न पाओगे आसमां की तनहाई…

थोडी आज़ादी थोडी पाबंदी थोडा वक़्त थोडी चाहत थोडे बादल थोडी बारिश थोडी नादानी थोडी समझदारी थोडा तुम थोडी मैं बस और क्या चाहिए ?? मिलकर पूरा हम हो जायेंगे ना थोडा बचेंगे ना पूरा दोनों मिलकर आकाश भर में समाएंगे फिर ख़्वाब सारे हकीक़त...

यूँ वादे करके जो मुकर जाते हो .. क्या तुम भी सियासत वालों के घर जाते हो … ?

कभी कभी जहर भरी जिंदगी में, अमृत का काम करता है एक बूंद इश्क़ !

ज़िंदा इंसान को गिराने में, और मरे हुए को उठाने में.. गज़ब की एकता दिखाते हैं लोग..!!

मेरे दोस्त सोचने से कहांमिलते हैंतमन्नाओं के शहरचलना भी जरुरी हैमंजिल को पाने के लिए

मोहोब्बत, इबादत से आगे की शय हैकि हमने ख़ुदा को सनम कर लिया है ~ भास्कर शुक्ला

और धीरे धीरे मैंने ये मानना शुरू कर दिया, कि मैं किसी के लायक नही हूं अकेली ही ठीक हूं..!!

जिसकी सबसे दोस्ती होती है, अक्सर वो किसी के नहीं होते...

बेवजह बेमतलब की ही ये सारी तकरार हैकिनारे लड़ रहे हैं सब, जाना दरिया पार है।

जो बड़ी समस्यायें सुलझाने आये थे वो खुद सबसे बड़ी समस्या बन गए


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