रोशनी का एक कतरा भी,
अंधेरे को अपने वजूद का अहसास करा देता है...
बारिश है ,चाय है ,संग तेरी यादें भी
बस तुम्हारी जगह किताबें आ बैठी हैं..!
मनीषा शर्मा
ये मत पूछो पहचान कहां तक है ,
तू बदनाम कर तेरी औकात जहां तक है..
तुलसी साथी विपति के, विद्या, विनय, विवेक।
साहस सुकृति सुसत्य व्रत, राम भरोसे एक।।
तुलसीदास जी
एक दिल है और तूफ़ान-ए-हवादिस ऐ 'जिगर'एक शीशा है कि हर पत्थर से टकराता हूँ मैं
अनुभव सच में एक बेहतरीन स्कूल हैं,
बस कम्बख़त फीस बहुत लेता हैं...
क़ीमत दोनों की चुकानी पड़ती है,
बोलने की भी और चुप रहने की भी
सुनसान रास्तों पर भी , ज़िंदगी ख़ुशगवार लगती है ,,जब मौजूद हो कुछ भटके हुए साये , लाजवाब बेशुमार लगती है ,,भीड़ थी आसपास बहुत कि उलझनें और उलझ गई ,, इसलिए ...छोड़ दिया सब कुछ ,, अब ना कोई...
गए थे बड़े यकीन से की रोएंगे नही हम !जानेवाले काश तूने एक बार पलट कर देखा होता !
भटकने की आरजू किसको है ,मिल जाओ तुम तो ठहर जाऊं मैं..❤️
मानो तो मौज है ,
वरना टेंशन तो रोज है.....!!
ग़लतियाँ उसकी क्या गिनाऊँ मैं
इक कसर छोड़ी नइँ सताने में
आपके पास दोस्त कितने सारे है उससे कोई फर्क नहीं पड़ता,
वक़्त पर काम कितने आए वो महत्वपूर्ण है ...
सीने में मेरे दिल है, पर अब उसमें तू नहींयानी तिजोरी तो है, मगर धन नहीं बचा..!
आधुनिक युग मे मनुष्य अब सम्मान से
ज्यादा "सामान" पाने की चाह में रहता है.
मृदुल눈
अंदाज कुछ अलग है अपने जीने का।लोग रुलाना नहीं छोड़ते, हम हँसना नहीं छोड़ते
पुरुष पेड़ पे लगे उन पत्तो कि तरह होते है,
जिन्हे धूप तो मिलती है पर छाँव नहीं..
तू वो किताब है जिसमें कहानिया बोहत है,मै वो काग़ज़ हूँ जो कोरा बोहत है।
सर्वाधिक आनंद उन्हें प्राप्त होता हैजो मौन रहने की कला सीख जाते हैं
हिसाब भरी ज़िन्दगी को बेहिसाब जिया जाए ,
महीना सावन का आ गया है महादेव से इश्क किया जाए ..!!