नींद आ जाए तो सो भी जाया करो यूँ रातों में जागने से महबूब लौटा नहीं करते..
✯||मजबूत रिश्ते और
कड़क चाय धीरे धीरे ही बनते हैं...||✯ᵈ
✯ᵈ᭄•समंदर...༈
जो कुछ भी हूॅं पर यार गुनहगार नहीं हूॅं, दहलीज़ हूॅं दरवाजा हूॅं पर दीवार नहीं हूॅं !!
अंदर का ज़हर चूम लिया धुल के आ गए,
कितने शरीफ़ लोग थे सब खुल के आ गए.
मुँह में ज़ुबान सब रखते हैं,
मगर कमाल वो करते है,
जो उसे संभाल कर रखते हैं …..!!!
मुफ़्त में नहीं सीखा ,उदासी में मुस्कराने का हुनर..!बदले में ज़िन्दगी की ,हर ख़ुशी तबाह की है..!!
शहर से
सम्भावनाएं जुड़ी हैं ,
गॉंव से
भावनाएं जुड़ी हैं ।
जितनी शिद्दत से तुझे चाहा था
तूझे भूलने में उतनी ही ज़हमत उठानी पड़ रही है..
तुमने तोड़ा है इतने टुकड़ों में मुझे तुम क्या जानो खुद को समेटने में कितनी मशक्कत उठानी पड़ रही है..
ना रातों को चैन है ना दिन...
सर कुचलने का भी हुनर रखती हूँ;
नगिन के डर से जंगल नही छोड़ा करती मैं !!
फिक्र से चेहरे कि चमक मिटा लेती है,गंदी नियत लबों से उसके मुस्कान हटा लेती है,
पीड़ा भी झलकती है उसकी आंखों में,लेकिन खुद को वो निःशब्द बना लेती है,
और अपनी औकात से ज्यादा सहती है वो,अपमानित हो चरित्र तो खुद...
नौकरी के साथ सबसे बड़ी चुनौती यह है,कि यह अमीर बनने के मार्ग को रोकती है..!!
बेटियाँ जो सिर्फ़ बेटियाँ होती हैं
माँ की अनुपस्थिति में माँ
पिता की ग़ैरमौजूदगी में पिता।
"माँ थी अनपढ़
लेकिन उसके पास गीतों की कमी नहीं थी
कई बार नये गीत भी सुनाती
रही होगी एक अनाम ग्राम-कवि"
आलोक धनवा
चाहा यही की एक ही शक्स समझे मुझे,भीड़ से रहा हमेशा परहेज मुझे
जहां साधारण लोगों की हिम्मत टूट जाती है,
वहीं से इतिहास रचने वाले शुरुआत करते हैं
मोहब्बत जुदाई बर्दाश्त कर सकती है , मगर बेइज्जती नहीं ...
यादें दस्तक देती हैं
आँखें नम हो जाती हैं
होठ खामोश रह जाते हैं
दिल की धड़कनें
शोर बहुत मचाती हैं
मधुलिका
जवानी की उम्र अक्सर ,
पसंदीदा चीजों की कुर्बानी मांगती है ।।
अहतियात बहुत जरूरी हैं,
चाहे सड़कें पार कर रहे हो या हदे ..!!