मैं वो दरिया हूँ की हर बूंद भँवर है जिसकी,तुमने अच्छा ही किया मुझसे किनारा करके।
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सच एक आईना है साहब,ये एक टूटता तो हज़ार सच्चे पैदा करता!
भूल गए है कुछ लोग हमे इस तरह..
यकीन मानो यकीन ही नही आता !
बरसात गिरी और कानों में इतना कह गई,
गर्मी किसी की भी हो हमेशा नहीं रहती..
जो जीवन में महत्वपूर्ण होता है जीवन में वो ठहराता नहीं इस लिए उसको महत्व दो जो ठहर रहा है तुम्हारे साथ...!!!
धीरे-धीरे जाने से नहीं डरें। स्थिर रहने से डरें।
✯||तुम्हे साढ़ी बिंदी में देख मेरा मुंह उतर जानाठीक वैसा हैं जैसे किसी महंगे ख्याव का टूटकरबिखर जाना…||✯
तू श्रृंगार क्यूँ नहीं करती तेरी सादगी जान लेती है
कोशिश भी कर उमीद भी रख रास्ता भी चुन, फिर इस के बाद थोड़ा मुक़द्दर तलाश कर - निदा फ़ाज़ली
ज़िंदगी किसी के तो काम आये, हमारी उमर ही आपको लग जाये !!
इक़ अरसे बाद मिलना हुआ
उसने बस इतना ही पूछा था
आपका मिजाज कैसा है...!
बोल नहीं फूटे बस..आंखे भर आईं
इतने हिस्सों में बँट गए है हम ..
जैसे अंदर से कट गए है हम … !!
आ गए ना तुम अपनी औकात पर..
मेरा मतलब है मतलब की बात पर..!!
मांँ की आंखों में देखा तो एहसास हुआ , खुदा उसे मुझ से बेहतर औलाद देता।
कौन कौन मानता है कि जिंदगी में पापा का होना किसी कुबेर के खजाने से कम नहीं
इस से पहले कि बे-वफ़ा हो जाएँ,
क्यूँ न ऐ दोस्त हम जुदा हो जाएँ...
एक नफरत ही है जिसे दुनिया चंद लम्हो मे जान लेती है
वरना चाहत का यकीन दिलाने मे तो जिंदगी बित जाती है
एक वही शख़्श मेरी हर कहानी हर किस्से में आया…जो मेरा होकर भी , न मेरे हिस्से में आया..!!
ना धन चाहिए तुझसे ना दौलत चाहिए,
मेरी मां मुझको बस मन कि शुद्धि चाहिए,
और बिन मांगे बहुत कुछ मिल चुका है तुझसे,
बस नियत संभाल सकूं, इतनी बुद्धि चाहिए..!!