अपनी जिंदगी में Royal लोगों को नहीं,
बल्कि Loyal लोगों को अहमियत दीजिए...!!
गुज़रो जो बाग़ से तो दुआ माँगते चलो
जिसमें खिले हैं फूल वो डाली हरी रहे
एक औरत को उपहार में देने के लिए,
सबसे बड़ी चीज़ है उसका सम्मान करना....
अपनी बेटी को ज्ञान देकर अच्छे और बुरे का,
उसे इस गंदे समाज का आईना दिखाता है,
एक पिता ही है जो मजबूती से हांथ पकड़कर,
उसे कदम से कदम मिलाकर चलना सिखाता है..
निभाने वाले मनाया करते हैं,
छोड़ा नहीं करते ...
मित्रता बड़ा अनमोल रतन
कब उसे तोल सकता है धन?
धरती की तो है क्या बिसात?
आ जाय अगर बैकुंठ हाथ
उसको भी न्योछावर कर दूँ,
कुरूपति के चरणों में धर दूँ।
सिर लिए स्कंध पर चलता हूँ,
उस दिन के लिए मचलता हूँ,
यदि चले वज्र दुर्योधन...
आधुनिकता के नाम पर नंगे हो रहे हैं तन
इसका मतलब जानवर कहीं हमसे आगे है
एक तुम गये केपूरा काफिला गयातूफा था तेजपेड़ को जड़ से हिला गया ….
जब सल्तनत से दिल काही राजा चला गयाफिर क्या मलाल तख्तगया या किला गया….
तेरी मर्जी से ढल जाऊं हर बार ये मुमकिन तो नहीं,,मेरा भी अपना वजूद है मैं कोई आइना तो नहीं...!!
दिलों के ताले की चाबी
लफ्ज़ में नहीं लहजे में होती है !
जब अक़्ल पर पर्दा पड़ता है
तो सबसे पहले समझाने वाला ही बुरा लगता है !!!
किनारा न मिले तो कोई बात नहीं,
दूसरों को डुबाके मुझे तैरना नहीं है।
मुसीबत में कुछ मांगना हो तो रब से मांगना,लोगों के सामने हाथ फैलाए तो जलील करेंगे.
जिंदगी में अहमियत उसी को दो...
जिसमे अहम न हो..!
तुम परवाह करना छोड़ दो, लोग तकलीफ देना छोड़ देंगे।
जितनी शिद्दत से तुझे चाहा था
तूझे भूलने में उतनी ही ज़हमत उठानी पड़ रही है..
तुमने तोड़ा है इतने टुकड़ों में मुझे तुम क्या जानो खुद को समेटने में कितनी मशक्कत उठानी पड़ रही है..
ना रातों को चैन है ना दिन...
नजर आना सभी को एक जैसा है कहा मुमकिन,
कहीं आँखों में कंकर तो कहीं आँखों के तारे हैं हम!!
किसी की गलती माफ़ की जा सकती है,
मगर भुलाई कभी नहीं जा सकती है....
हिन्दू मुस्लिम चाहे जो माथे पर लिखा हो मगर ,
आपके सीने में हिन्दुस्तान होना चाहिए
दुनियां उन्हीं से हाल पूछती है,जिनकी हालत ठीक होती है…