मन का अर्जुन कह रहा हैं कि खुल के जी लूं
कृष्ण ने कहा वत्स सब मोह माया है...
रंग बदलती इस दुनिया में...
मुझे अपने बेरंग होने से...शिकायत न रही....
ये जो मां की मोहब्बत होती है नायह तमाम मोहब्बतों की मां होती है..!!
शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना बेहतर है ,
अपने ही मौज का फकीर बने रहना ...
झूठ ही जिसका आसरा झूठ ही जिसकी ताक़त सोचो वो कैसे जीता होगा झूठ की जिसको आदत एक दिन ये झूठ ही उसको सच बन कर खा जाएगा देखना वो दिन दूर नहीं वो दिन जल्दी आएगा सच का दामन...
हमने जिनके लिए दुआ मांगी,वो गैरों की दुआओं के तलबगार निकले,
जिनकी ख़ातिर इक वक्त में खुदा थे हम,अब हम उनकी ही नज़रों में गुनहगार निकले
जिन्होंने कभी लाख अच्छाइयां गिनाई थीं मुझमे,अब हम उनकी खातिर महज़ बेकार निकले…!!
“मनुष्य का ह्रदय अभिलाषाओं का क्रीडा स्थल और कामनाओं का आवास है”
मुंशी प्रेमचंद
बहुत थे मेरे भी इस दुनिया में अपने,
फिर हुआ इश्क़ और हम लावारिस हो गए ..!!
जो मनुष्य अपनी निंदा सह लेता है,
उसने मानो सारे जगत पर विजय प्राप्त कर ली।
महर्षि वेदव्यास
जेब में अगर पैसा हो तो लोग..
आपकी बकवास भी सलाह मानते है..!!
नाम लेती हो मेरा , बदतमीज ,तुम मुझे आप क्यूं नही कहती ।।
कीतना बेबस हो जाता है इंसान जबवो किसी को खो भी नही सकताऔर उसका हो भी नही सकता
नीरज से बढ़ के और धनी कौन है यहाँउस के हृदय में पीर है सारे जहान की
पुरुष सफ़ल रहे जीवन में या असफल रहे... वो हर परिस्थिति में एक छली गई स्त्री या टूटी हुई स्त्री के जीवन को बदल सकता है उन्हें सकारात्मक कर सकता है और सहायता करने को तत्पर रहता है, परंतु स्त्री...
मजाक का सहारा लेकर लोग
दिल की बातें बोल जाते हैं...!!
किसी का मजाक और अपना पैसा
सोच समझकर ही उड़ाना चाहिए।
दुआ करना दम भी उसी तरह निकले…जिस तरह तेरे दिल से हम निकले…!!
किसी के साथ ऐसी बहस मत करो,
की बहस जीत जाओ मगर रिश्ता हार जाओ
जो कुछ भी हूॅं पर यार गुनहगार नहीं हूॅं, दहलीज़ हूॅं दरवाजा हूॅं पर दीवार नहीं हूॅं !!
आज जिंदा है…कल गुजर जाएंगे,कौन जानता है कब बिछड़ जाएंगे,नाराज़ न होना मेरी शरारतों से ए मेरे दोस्तये वो पल है,… जो कल बहुत याद आएंगे।