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अपने मन और आत्मा से कर्म करें, और प्रेम करें तो जीवन आनंदित हो जाएगा !

काम ऐसा करिये जिसमें कामयाबी के साथ-साथ, सम्मान और सुकून भी मिले।

हो लेने दो बारिश हम भी रो लेंगे दिल में हैं कुछ ज़ख़्म पुराने धो लेंगे सदार आसिफ़

हमने सोचा था की जन्नत में हुरे मिलेंगीतो दिल नहीं लगाया किसी से..!! तुझे जो #हिजाब में देखा तो,, लगा ऐसे ये दुनियां ही जन्नत है.! बसीर बद्र

यह जिस्म होता हैतो सब कुछ ख़त्म हो जाता हैपर चेतना के धागेकायनाती कणों के होते हैंमैं उन कणों को चुनूँगीधागों को लपेटूँगीऔर तुम्हें मैं फिर मिलूँगी… ~ अमृता प्रीतम

भीख माँगना भी एक धंधा है। ग़रीब माँगे तो भीख है, नेता माँगें तो चंदा है। शैल चतुर्वेदी

मोहब्बत कभी स्पेशल लोगों से नहीं होती जिनसे होती है वही स्पेशल बन जाते है

मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।कह कबीर हरि पाइए मन ही की परतीत।।"

मेरा हौसला बसता है मेरे यार में वो साथ हो तो है सब इख़्तियार में

दौलत के नशे में यूँ लड़खड़ाते हैं कुछ लोग, गिरते गिरते हद से गिर जाते हैं कुछ लोग !!

बेरोजगार पुरुष, विधवा स्त्री गरीब पिता और, एक तरफा आशिक का दर्द कोई नहीं समझ सकता..

जीवन अपूर्ण लिए हुएपाता कभी खोता कभीआशा निराशा से घिराहँसता कभी रोता कभीगति-मति न हो अवरूद्धइसका ध्यान आठो याम हैचलना हमारा काम हैइस विशद विश्वप्रहार मेंकिसको नहीं बहना पडासुख-दुख हमारी ही तरहकिसको नहीं सहना पडाफिर व्यर्थ क्यों कहता फिरूँमुझपर विधाता...

ऐसा नहीं के हम बुरे हैं बोहत इक प्यारी सी नज़र, की है बस कमी

बारिश के मौसम में सन्नाटे में, एकांत का असली सुख पता चलता है, हम जिस रस में होते हैं उसी में डूब जाते हैं, इसमें भी हल्की ध्वनि में संगीत सुनते हुए मदिरापान का आनंद शेष सभी प्रकार के सुखों...

चाहे राजा हो या किसान, वह सबसे ज़्यादा सुखी है जिसको अपने घर में शान्ति प्राप्त होती है।

चले आओ अजनबी बनकर फिर से मिले.. तुम मेरा नाम पूछो मैं तुम्हारा हाल पूछूँ..!!

दुःख रूप बदलता हैलेकिन खत्म नहीं होता

हसरत थी किसी के दिल में ज़िंदा रहने की अफ़सोस हम ख़ुद के अंदर ही मर गए…

मेरी आस्तीन में ऐसे सांपों का बसेरा है, मेरे मुंह पर मेरा है 'तेरे मुंह पर तेरा है !!

मैं नत्मस्तक तक हो गया था जिसके प्यार में,वो मगरूर मेरी बेबसी पर मूकदर्शक बनी रही..!!


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