एक तुम गये केपूरा काफिला गयातूफा था तेजपेड़ को जड़ से हिला गया ….
जब सल्तनत से दिल काही राजा चला गयाफिर क्या मलाल तख्तगया या किला गया….
जिनके पास मुलाकात का
कोई रास्ता नहीं
वे आँख बंद करके
एहसास कर लिया करते हैं...
हम सब लहू निचोड़ दें खिदमत में बाप की ,
उतरेगा सर से फिर भी न एहसान बाप का ।।
मैं ख़ुद भी हूँ अपने आप के पीछे पड़ा हुआ,
मेरा शुमार भी तो मेरे दुश्मनों मैं है ।।
तोड़ कर मैं सारे बंधन,परिंदा हो जाऊँजी चाहता है फ़िर से, मैं ज़िन्दा हो जाऊँ
"जिंदगी में इतना काबिल बनो" कि भगवान किसी गरीब की मदद करने के लिए तुम्हारी जेब का इस्तेमाल करें !
मसला हल हुआ?
हुआ कि नही?
हमसा कोई मिला?
मिला कि नही?
छोड़िये हमको हम तो बे-दिल है।
आपका दिल लगा?
लगा कि नही?
नींदें वापस कर दी हमने,,सुकून भरी रातों को।
किताबों के संग ' हर रात बितानी थी, आँखों को।।
सेजल
रिश्ते ऐसे बनाओ कि जिसमें,
शब्द कम और समझ ज्यादा हो...
ज़िन्दगी के कुछ लम्हें और हादसे भुलाये नहीं जाते,हालांकि भुला देने में भलायी होती है.लेकिन अफसोस हमसे ये हो नहीं पाता.
सबके अपने सत्य हैं,सबके अपने झूठ।कोई कहता लाभ इसे,तो किसी को लगती लूट।
जिसमें ‘मैं’ का फ़ायदा,‘मैं’ का है नुक़सान।‘मैं’ का बढ़ता मान देखकर,‘मैं’ की जलती जान॥ 💐
यदि पांडवो सी विवशता आएगी,
तो हिस्से में श्री कृष्ण भी आयेंगे !
कुछ लड़कियां 30 सेकंड की reels के लिए,
अपनी इज्जत को दांव पर लगाने को तैयार हो जाती हैं।
सबसे बड़ी ख़ुशी उसी काम को करने में है ,जिसे लोग कहते हैं कि ये तुम्हारे बस का नहीं है …
शांति वही है जो अंदर से आती है, न कि बाहर से !
बेहिसाब उधड़ी पड़ी हैं ख्वाहिशों की चादरें
कोई दर्जी सलीखे का शहर में बिठाया जाए!
बहुत से पति पत्नी सिर्फ इसलिए
साथ रहते हैं क्योंकि वो पति पत्नी हैं...
एक सामाजिक बंधन है
सात फेरे लिए है
उन तमाम संस्कारों को पूरा किया है
जो शादी के लिए जरूरी हैं...
अब यहां प्रेम है या नहीं....
इसकी कोई गारंटी नहीं....
हाफ़िज़ ए खुदा परे हट जाये मर्ज़ तेरे बूते का है हि नहींसाकि के मयखाने के सिवाग़म की कोई दवा नहीं होती ।।
किरदार अच्छा हो तो लोग,
कब्र का रास्ता पूछकर पहुंच जाते हैं...
बेहिसाब झूठ कहा तो खुदा मान बैठे,
जरा सा सच बोल दिया बुरा मान बैठे!