सबको मेरे बाद रखियेगा.. आप सिर्फ़ मेरे हैं,याद रखियेगा…
गीत ग़ज़लों में शामिल गर हो ना सके, तो तुम्हारे दर्द में बसर हम ज़रूर करेंगे।
तुम्हारा हर कहा सुना मैने…मेरा हर कहा तुम अनसुना कर गए…!!
सिर्फ हम ही हैं तेरे दिल में ,
बस यही गलतफहमी हमें बर्बाद कर गई ..!!
हर पल हर लम्हा खुशी ढूंढो, जिंदगी बहुत छोटी है जीने की वजह ढूंढो।
कुछ ख़याल कुछ हक़ीक़त मिलाते हैं हम,
ऐसे ही पंक्तियों में ख़ुद को उतारते हैं हम।
पटाखा न,आइटम न,मिर्ची न सेटिंग, वो लड़की ग़ज़ल है, ग़ज़ल ही रहेगी.
अपने आपको बदलो, तब तक दुनिया नहीं बदलेगी !
अदालत बन गई है जिंदगी,
रोज नए मामले दर्ज़ होते जा रहे हैं...
जैसे-जैसे आप उतार-चढ़ाव देखते हैं,
याद रखें कि चुनौतियाँ आगे बढ़ने के अवसर हैं।
वे आपके लचीलेपन, आपके चरित्र का परीक्षण करते हैं,
और आपको अपने एक मजबूत संस्करण में आकार देता है।
जब आगे का रास्ता अनिश्चित लगे,
अपने विचारों को एकत्रित करने के...
दुश्मन के शोर से ज़्यादा..
दोस्त की खामोशी तकलीफ देती है..
इबादत रब की और सूरत यार की हो,
सजदा रब का और रसम प्यार की हो,
आशिको के मजहब का क्या कहना,
जिक्र रब का और बात यार की हो...
कैसे हो पायेगी अच्छे इंसान की पहचान ,
दोनो ही नकली हो गए है आँसू और मुस्कान …
हम इंसान हैं ,
मैं चाहता हूं कि इस वाक्य की सच्चाई बनी रहे..!!
तेरा वो #रूहानी सा लगने वाला इश्क़,
तेरी वो आग - ए - खास बातें,
तेरी वो सलीके वाली मुलाकातें. 💕
पेश आाना तेरा वो अदब से.. 🌿
हाय!! वो तेरी शरमाती सी आँखें... 👀🌹
सितमगर हो तुम खूब पहचानते है
तुम्हारी अदाओ को हम जानते है
दगा बाज़ हो तुम सितम ढाने वाले..
उसने कहा ‘‘फिर मिलेंगे” मैंने कहा “जल्द लौटना” उसने कहा “क्यों?” मैंने कहा “आज से पहले मैंने किसीका यूँ इन्तिज़ार नहीं किया.
अधूरे किस्सों कीलिखावट हमपूर्ति की प्यास मेंतलाशते रहें दर बदर मकामचंद लम्हों की लिखावट के बादहो गया अल्पविरामहोगा ना शायदकुछ किस्सों काकभी भी पूर्णविराम….
धर्म मनुष्य जीवन को बेहतर बनाने के लिए बना था,
और आज मनुष्य धर्म को बेहतर बनाने में लगा हैं...
नदियों का बहना और समंदर के खारेपन में
समाहित हो जाना;
प्रेम का इतना सा ही भाव है,
प्रेम प्रारंभ भी अंत भी और अनन्त भी है।
नेहा यादव