बस एक ख्वाहिश है की एक ऐसी डेट हो...जिसमे ☕चाय के साथ तुमसे भेट हो....
पत्थर दिल बनना मेरी मज़बूरी हैअगर मैं बिखर गया तो कोई समेट नहीं पायेगा।।
जिंदगी में खुशियां यूटयूब की ऐड जैसी है मेरी..कुछ पल के बाद खत्म हो जाती पता नही चलता..!!
न मैं गिरा और न मेरे हौसलों के मीनार गिरे। पर, लोग मुझे गिराने में कई बार गिरे...
बस एक गलती को देर है,लोग भूल जायेंगे आप पहले कितने अच्छे थे...
कुछ होगाकुछ होगा अगर मैं बोलूँगान टूटे न टूटे तिलिस्म सत्ता कामेरे अंदर एक कायर टूटेगा -टूट मेरे मन टूटएक बार सही तरहअच्छी तरह टूटमत झूठमूठ - ऊब मत रूठमत डूब, सिर्फ टूट
~ रघुवीर सहाय
लोग जिस हाल में मरने की दुआ करते हैं,
मैं ने उस हाल में जीने की क़सम खाई है!!
ज़रूरत के हिसाब से अल्फ़ाज़ तलाश लाते हैं,हम तो शायर हैं,सबके दिल की जान जाते हैं।
एक हमारे उठने से क्या होता है,
आंख दुनिया की भी तो खुलनी चाहिए...
दरारें अपनों में, इस कदर ना बढने देना,
कि गैरों की जरुरत पड़े, मरम्मत के लिए....
भर जाएंगे जब ज़ख्म तो आऊंगा दोबारा
मैं हार गया जंग मगर दिल नहीं हारा
दिल के रिश्ते तो किस्मत से मिलते हैं,वरना मुलाकात तो हजारों से होती है !!
ना जाने इतना दर्द क्यों देती है ये दुनिया
हसता हुआ इंसान भी दुआओं में मौत मागता है
हाफ़िज़ ए खुदा परे हट जाये मर्ज़ तेरे बूते का है हि नहींसाकि के मयखाने के सिवाग़म की कोई दवा नहीं होती ।।
जो खुद संभल कर चल नहीं सकते
ठोकर लगते ही
वो इल्जाम देते हैं पत्थर को
धर्महित के कार्य में गिलहरी ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई थी,सराहना जब मिली श्रीराम से तब पीठ पर तीन धारियां पायी थी..!!
संवेदनाएं कहां शेष हैं अब इन मुर्दों के शहर में,
तेरहवीं के भोजन में भी नमक के लिए लड़ पड़ते हैं..!!
विरक्ति
सुकून अगर पैसों से खरीदा जाता न साहब
तो प्रेम का कोई अस्तित्व ही ना होता…❤️
ख़ुशियों के झोंके सा है वोजिसे भी छूकर गुजर जाता हैज़हन में उसके मुस्कुराहटें भर जाता है
-मधुलिका
प्रेम और आदर का सानी देना पड़ता है
रिश्तों को भी थोड़ा पानी देना पड़ता है।