वक़्त देता है दिलासा देकर हाथों में हाथयकीन रखो करेगा ऊपरवाला ही इंसाफ़
जब जब तू गीत मोहब्बत के गाएगी,
मेरी रूह को अपने आसपास ही पाएगी,
और नहीं हुआ मुकम्मल इश़्क़ तो ग़म मत करना,
मैं मौजूद रहूंगा तेरे संगीत में, जब भी तू साज बजाएगी..!!
विरक्ति
वो गालियाँ देकर अघाता नहींसंस्कार मेरा भी जाता नहीं
अच्छा सुनो तुम इश्क की बातें न किया करो मासूम हैं हम, तेरी बातों से बहक जाते हैं..
सत्य केवल उन लोगों के लिए कड़वा होता है,
जो लोग झूठ में रहने के आदि हो चुके है..!!
प्रेम के रंग,
खुशियों का गुलाल,
36 बिरादरी का भाईचारा...
स्वादिष्ट पकवान और भाभी के कोरड़े... मुबारक !
सफल होने के लिए तुम्हें,
खुद की दुनिया में कैद होना पड़ेगा...
छीन लेते हैं रंगत चेहरे की,
बेटियों को जो बोझ समझते हैं,पहले छीन लेते हैं खुशियां उनकी,
फिर हंसने को कहते हैं..!!
जब हक़ीक़त से रूबरू हुआ
तब मालूम हुआ कि
बातों से ही अपने थे “अपने” !!
आज फिर चाय की मेज़ पर , एक हसरत बिछी रह गयी.... प्यालियों ने लब छू लिए, केतली देखती रह गई !!!!
आदत जैसे हो मेरे, ना भूलने वाले जज्बात तूहर गम में मरहम, मेरा हमदर्द, मेरा आराम तू
मानता हूं मिजाज में सख्ती है मेरे मगर,
मैं इज्जत देने वालों की इज्जत करता हूं.
हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं
दिल हमेशा उदास रहता है
राम तुम्हारे युग का रावन अच्छा था...
दस के दस चेहरे सब बाहर रखता था...
प्रताप सोमवंशी
व्यवहार बदल जाता है ,
जब काम निकल जाता है ...
चाहा यही की एक ही शक्स समझे मुझे,भीड़ से रहा हमेशा परहेज मुझे
हया नहीं है ज़माने की आँख में बाक़ीख़ुदा करे कि जवानी तेरी रहे बे-दाग़ ।
पसंद आईं कुछ भी चीज़ें,ज़्यादा देर तक ठहरती नहीं हैं…
मनुष्य अधिक चतुर बनकर अपने को अभागा बना लेता है।
जयशंकर प्रसाद