तुम्हारा हर कहा सुना मैने…मेरा हर कहा तुम अनसुना कर गए…!!
अच्छा इंसान तो अपने जुबान से ही जाना जाता है,वरना अच्छी बातें तो दीवारों पर भी लिखी होती है..!!
मैं तेरे साथ 'गुज़ारा' भी नहीं कर सकता..
और अफ़्सोस 'किनारा' भी नहीं कर सकता..!!
अनुमान मन की कल्पना हैं,
और अनुभव जिंदगी का सबक हैं…
तेरे राहों में काँटे बहुत है।
तेरी निगाहों के प्यासे बहुत है।
कहानी ख़त्म हुई और ऐसी ख़त्म हुई कि लोग रोने लगे तालियाँ बजाते हुए
ये जो तुम लोग बिना बॉयफ्रेंड बाली लड़की ढूंढ रहे हो न ...? शास्त्रों में इसे पत्थर में से तेल निकालना कहा गया हैं
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैंफिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं।
जब जब तू गीत मोहब्बत के गाएगी,
मेरी रूह को अपने आसपास ही पाएगी,
और नहीं हुआ मुकम्मल इश़्क़ तो ग़म मत करना,
मैं मौजूद रहूंगा तेरे संगीत में, जब भी तू साज बजाएगी..!!
विरक्ति
“मनुष्य दूसरों की दृष्टि में कभी पूर्ण नहीं हो सकता,
पर उसे अपनी आँखों से तो नहीं ही गिरना चाहिए.! ”
जयशंकर प्रसाद
तेरी फ़ोटो को देख के क्रेजी बन गए, तेरे fan थे पहले अब AC बन गए
सदैव प्रसन्न रहिए,
जो प्राप्त है वही प्रयाप्त है....
खुद्दार दुश्मन के आगे नाक रगड़ देनामगर गद्दार दोस्त से फिर कभी हाथ मत मिलाना
ये आईने कभी आँखों को पढ़ नहीं पाते
ये लबों की हँसी से आगे बढ़ नहीं पाते
है जिनके दम से ज़माने में रंग और ख़ुश्बू
वो फूल अपने ही काँटों से लड़ नहीं पाते
मालविका हरिओम
खामोशी जुर्म है इस दौर में बोलना सीखो..
वरना मिट जाओगे हालातों के तूफानों में..!!
खुद की पहचान बनाने में जोमजा़ है, वह किसी की परछाईबनने में नहीं।
एक तुम्हारे ना होने से ऐसे लगता है जैसे,
सुबह से शाम होने मे कई दिन लगते है ..
स्वभाभिमान से जीने की आदत डालिए और
कुछ फ़ालतू लोगों को सूची से ब्लॉक कर दीजिए..!!
हर तुफान से टकराएं वो आंधी बनाऊंगा, नए अंग्रेज आएं हैं, नया गांधी बनाऊंगा
घर का बटवारा मंजूर मुझे दिलों का #बंटवारा कभी ना हो...!!धन दौलत सब बाट लो लेकिन रिश्तो में इंसानियत की कमी ना हो..!!दूरी हो चाहे कितनी लेकिन दिल की दूरी ना कभी ना हो..!!दुख दर्द देख कर दूजे का ऐसा...