कहता है, वो महफूज रहे वो घर के बंद दीवारों में, बता...द्रौपदी कहा लूटी थी, घर मे या बाजारों में...!!
एक दिन ऐसे भी जीना हैं ..
जी भर के पीना हैं ,सारे दुखों को भुला देना हैं ,जब तक होश ना खो दूँ,हाँ ! मुझे भी शराब पीना हैं ..
गुलामी के दावत से बेहतर हैं,
आज़ादी की सुखी रोटी...
राम जी की ज्योति से नूर मिला है,सबके दिलो को सुरूर मिला है,जो भी गया राम जी के द्वार,कुछ न कुछ जरूर मिला हैशुभ राम नवमी
विधान को चुनना ज़ुबान को नहीं संविधान को चुनना अज्ञान को नहीं किसान को चुनना निशान को नहीं जवान को चुनना सुल्तान को नहीं ईमान को चुनना बेईमान को नहीं मुस्कुान को चुनना गुमान को नहीं मकान को चुनना मसान...
ऊंची मीनारों पर बैठ जाने से, कबूतर कभी बाज नहीं बनते...
अहंकार भी आवश्यक हैं,
जब बात आधिकार चरित्र एवं सम्मान की हो...
कठिनाइयां मनुष्य को जितना सीखा सकती हैं..
दस गुरु मिलकर भी उतना नहीं सीखा सकते.!!
रास्ते जो भी चमक-दार नज़र आते हैंसब तेरी ओढ़नी के तार नज़र आते हैं
कोई पागल ही मोहब्बत से नवाज़ेगा मुझेआप तो ख़ैर समझदार नज़र आते हैं
~ ज़ुबैर अली ताबिश
ये किरदार जो नकली दुनिया कि तरकीबें सीख रहा था,
वो अंदर ही अंदर पहले मैं कौन था कहकर चीख रहा था..!!
छिप गई है हंसी चेहरे की,
माथे पर चिंता के निशान है,
ज़िम्मेदारियां जेब से बड़ी
और साथ सिर्फ़ स्वाभिमान है.
"जिस दिन आपने ये सीख लिया की सीखते कैसे है, फिर आप कुछ भी जीत सकते है II"
वो पत्थर कहाँ मिलता है बताना जरा ऐ दोस्त,
जिसे लोग दिल पर रखकर एक दुसरे को भूल जाते है..
तू याद कर या भूल जा,
तू याद है बस ये याद रख।।
जीवन में दो बार ही माँ बाप रोते हैं,
जब बेटी घर छोड़े,और जब बेटा मुंह मोड़े।।
कुछ लोग आपसे सीखकर,
आपको ही सिखाने लगते हैं....
माना अगम अगाध सिंधु है, संघर्षों का पार नही है, किंतु डूबना मझधारो में, साहस को स्वीकार्य नहीं है.
सच बताओ खुद उदास रहकर भी दूसरो ,को खुश रखने की कोशिश करते हो ना !!
चेहरे साफ दिल में दाग ,
मुंह पर आप पीछे सांप ।
बहुत नज़दीक आती जा रही हो ,
बिछड़ने का इरादा कर लिया क्या ..!!
जौन एलिया