सावन का महीना है तू घर से निकली भी नहीं
माना कि खूबसूरत है तू, मगर इतनी भी नहीं।
~सौरभ
लिखते क्यों नहीं मुझे फिर दोबारा फिर एक बार मुझे अधूरा होना है !
घटी कमाई, बढ़ गए खर्चे गली-गली बदलाव के चर्चे
मुसीबत के वक्त ही परखे जातें हैं रिश्ते,
वर्ना बातें तो सब वफादारी की ही करते हैं...!!
कमाने वाले को पता होता है पैसे कैसे कमाए जाते हैं,
बैठके खाने वाले लोग हाथ का मैल कह देते हैं।
अनवर चतुर्वेदी
कभी किसी हंसते हुए चेहरे को पढ़कर देखना,
आँसुओं की उनमें अनगिनत कहानियां मिलेंगी....!!
बड़बोले देश बचाने में लगे हैं।
बड़बोले यह नहीं बोलते कि
अगर इस देश को बचाना है
तो उन बातों को भी बताना होगा
जिनपर कभी बात नहीं की गई
जैसे मुट्ठी भर आक्रमणकारियों से
कैसे हारता रहा है ये
तैंतीस...
क़िताब सादा रहेगी कब तक।....
कभी तो आगाज़ -ए- बाब होगा।.....
जिन्होंने बस्ती उजाड़ डाली।......
कभी तो उनका हिसाब होगा।.....
योग्यताएं कर्म से पैदा होती है,जन्म से हर व्यक्ति शून्य होता है...
जो आपको सिर्फ़ बहाने दे..
ऐसे शख़्स को जाने दें..!!
आप की सब से बड़ी दौलत आप का वक़्त है
जिसे भी दे रहे हो बहुत सोच समझ कर देना !!
जिंदगी में आप जितनी बार प्रयास करेंगे..
उतनी ही बार आप कुछ नया प्राप्त करेगे..!!
हर बार समझेंगे आप उनको
वो हर बार आपको तोड़ते चले जायेंगे..!!
अंधेरे से नहीं अंधेरे में रखने वालों से बचिए !!!
मछलियों को लगता था
के जैसे वे तड़पती हैं पानी के लिए
पानी भी उनके लिए
वैसा ही तड़पता होगा।
लेकिन जब खींचा जाता है जाल
तो पानी मछलियों को छोड़कर
जाल के छेदों से निकल भागता है।
पानी मछलियों का देश है
लेकिन मछलियां अपने...
हिम्मत से सच कहो तो बुरा मानते हैं लोगरो - रो के बात कहने की आदत नहीं रही
~ दुष्यन्त कुमार
आज के ज़माने के शुभचिंतक ऐसे होते जा रहे हैं,
जो आपका शुभ होते चिंतित हो जाते हैं!
भक्ति यदि पवित्र हो तो बिगड़े काम बन जाते हैं,
साधना यदि सच्ची हो तो "राम" भी मिल जाते हैं..!!
पहले डर लगता था कि लोग क्या कहेंगे
अब डर लगता है कि कहीं मैं ही ना उन्हें सुना दूं..
अगर लोगों को आपसे समस्या है तो ये, समस्या उनकी अपनी है "आपकी नहीं...