World's Best Cow Hospital English गोबर पर चांदी का वर्क लगाने से हलवा नहीं बनता!! मैं क्या बताऊँ कैसी परेशानियों में हूँ काग़ज़ की एक नाव हूँ और पानियों में हूँ भारत भूषण पन्त ज़िन्दगी की तलाश में हम मौत के कितने पास आ गए उसने लिखी मेरी लिए कई ग़ज़लें ढेरों कविताएँ ख़ूबसूरत नज़्में मगर मैंने सिर्फ़ उसका नाम लिखा दिल पे और अपना बना लिया रोयी भी हूँ रूठी भी हूँ , अकेले में टूटी भी हूं. नाम लेती हो मेरा , बदतमीज ,तुम मुझे आप क्यूं नही कहती ।। मुझे अगर कोई समझ पाया है तो वो मैं, खुद हूं बाकी सब तो बस अंदाज़ा लगा रहे हैं.. रुतबा रोब का होना चाहिए, अकड़ तो कुत्ते की पूंछ में भी होती हैं… घना जंगल, अंधेरी रात, रास्ते भी सुनसान हैं,कैसे मिले मंज़िल जब खौफनाक हर इंसान हैं..!! जिंदा इंसान को गिराने मे औरमरे हुए इंसान को उठाने मे,ग़ज़ब की एकता दिखाते हैं लोग… किसी की बाते बेमतलब सी, किसी की खामोशियां कहर है. किस सफर में जिंदगी बदल जाए कोई मालूम नहीं ,, आज क्या है कल क्या हो जाए कोई मालूम नहीं..!! जो कभी अपने पापा से ठीक से बात नहीं करते वो लोग भी आज फ़ोटो लगाकर #FathersDay की बधाई देंगे चश्मदीद अन्धा बना, बहरा सुने दलील झूठों का है दबदबा, सच्चे हुये ज़लील पानी और चरित्र कितना भी साफ क्यों ना हो, लोग इन्हें मैला करने में कोई कमी नहीं छोड़ते....!! जख्म तो कोई भी दे सकता है,हिम्मत है तो किसी का हमदर्द बन कर देखो. "यदि आप अपना विचार बदल सकते हैं, तो आप अपना जीवन बदल सकते हैं।" विलियम जेम्स विश्वास बन के लोग ज़िन्दगी में आते है,ख्वाब बन के आँखों में समा जाते है,पहले यकीन दिलाते है की वो हमारे है,फिर न जाने क्यों बदल जाते है ! अरे नासमझ है, नादान है, वो मन कि कच्ची हैं अभी, पढ़ ना सकी कसीदे मेरे इश़्क़ के, शायद वो बच्ची हैं अभी..!! विरक्ति वह पथ क्यापथिक कुशलता क्याजिस पथ पर बिखरे शूल न होंनाविक की धैर्य परीक्षा क्याजब धाराएँ प्रतिकूल न हों जयशंकर प्रसाद Prev1…177178179…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.