मांँ की आंखों में देखा तो एहसास हुआ , खुदा उसे मुझ से बेहतर औलाद देता।
गुरु के आशीर्वाद से शोभा नगर कि बढ़ाई थी
फुलवाड़ी मे भ्रमण करते झलक सिया कि पायी थी
मोहित हो गये राम तभी जब दिखी बाग मे जानकी
प्रत्यंचा चढ़ाई हासिल की सीता ये बात थी सम्मान की
राम जैसा धैर्य सीता सी पवित्रता...
प्रेम किसी भी स्थान पर
रहने की अनुमति दे सकता है
लेकिन दूसरे स्थान पर
रखने की नहीं,
प्राथमिकताओं का पालन आवश्यक है।
भूखे पेट तेज धूप में तपता बहुत है
गरीब का खून है साहेब ये सस्ता बहुत है
साधू भूखा भाव का,
धन का भूखा नाहिं,
धन का भूखा जी फिरै,
सो तो साधू नाहिं।
कबीरदास
धीरे-धीरे जाने से नहीं डरें। स्थिर रहने से डरें।
मजबूत बनो बेटा मां बाप रहम खा लेते है...
ये दुनिया रहम नहीं खाती...!!!
रेशम का जाल है,
देखने में सुंदर,
किंतु कितना जटिल
मुंशी प्रेमचंद
तेरे आने की नही उम्मीद परदेखते हैं आज भी रस्ता तेरा
एक वही शख़्श मेरी हर कहानी हर किस्से में आया…जो मेरा होकर भी , न मेरे हिस्से में आया..!!
मेरे रोने कि तू परवाह ना कर, अब हालातों से लड़ लेता हूं,
तब अश्कों से थे खून बहे, अब खामोशी से रो लेता हूं..!!
विरक्ति
जिन्हें तकदीर रुलाना चाहे ,उन्हें बेक़दरों से इश्क़ हो जाता है.
किस किस से छुपाऊ तुम्हें मैंअब तो तुम मेरी मुस्कुराहट मेंभी नजर आने लगे हो।
ना वो खानदान रहे
ना वो दरियादिल
अब तो लोग किसी
को भीख भी देते हैं
तो चन्द सिक्को के बदले
लाखो की दुवा चाहते हैं
राधा राधा नाम रटत है जो नर आठों याम ।तिनकी बाधा दूर करत है राधा राधा नाम । ✨
✯||तारीफो में कमी नहीं होगी जानतुमने शायर को पटाया हैं किसी छपरीको नहीं…||✯
नफ़रत के खेल में बस ख़ून है,
मुहब्बत करो, इसमें सुकून है।
पहले उतारी तस्वीर "चिता" की, फिर "हांथ" सेक लिया,
"अहंकारी" हो गया था मैं, मैंने अपना "अंत" देख लिया..!!
मेरे दोस्त सोचने से कहांमिलते हैंतमन्नाओं के शहरचलना भी जरुरी हैमंजिल को पाने के लिए
तूफानों से आँख मिलाओ सैलाबों पे वार करोमल्लाहों का चक्कर छोड़ो तैर के दरिया पार करो
~ डॉ. राहत इंदौरी