World's Best Cow Hospital English घना जंगल, अंधेरी रात, रास्ते भी सुनसान हैं,कैसे मिले मंज़िल जब खौफनाक हर इंसान हैं..!! कभी-कभी थोड़ा पलायन बहुत स्वस्थ होता है। ~ धर्मवीर भारती औरत बेवा हो जाती है तो उसकी चूड़ियाँ तोड़ देते हैं मर्द की घड़ी या ऐनक या हुक्का तोड़ने का कभी किसी को ख़्याल न आया। पहले ख़ुद पर ध्यान दो…बाद में दूसरों को ज्ञान दो … !!! मौत भी तू जल्दी आया कर गरीब के घर, कफन का पैसा भी खर्च होता है दवाइयां खरीदते-खरीदते.. मैं उसे देख भी लेता हूं….. छू भी लेता हूं…. भला हो रात का…. नींद का….. ख्वाब का….! माटी कहे कुम्हार से, तू क्या रौंदे मोहे, एक दिन ऐसा आएगा, मैं रौंदूंगी तोहे- कबीर जो पौधे संभाल कर रखे जाते हैं वे कभी वृक्ष नहीं बनते। मैं खुद अकेला रह गया, सबका साथ देते देते.. आँखों से जो बह रहा कहो न इसको नीरपलकों से ही छलक गयी हृदय कलश की पीर …!! जो चराग़ों को बुझाने की हिमाक़त करते हैं ज़िंदगी-भर उन के हिस्से रौशनी आती नहीं राघवेंद्र द्विवेदी जिसने हालत पिए हो,उसे जहर का खौफ कहा… बहुत महंगे होते है सावले लोग,यहां हर किसी की पसन्द नहीं बनते ! जो गलत है उसका विरोध खुलकर कीजिए,चाहे राजनीति हो या समाजइतिहास आवाज उठाने वालोंपर लिखा जाता है तलवे चाटने वालों पर नहीं। और फिर मेरा संभल जाना ही, इस प्रेम कहानी का अंत रहा... रूठी हुई हैं वो ऐसे जैसे हम उन्हें मना लेंगे,मोहतरमा इतने वक़्त में तो हम दूसरी पटा लेंगे। मुझे तोड़कर उसने साबित कियागुरुर दौलत का हो या मोहब्बत का तोड़ा जा सकता है! समय बहुत कीमती है इसीलिए ,अपना नहीं दूसरों का बर्बाद कीजिए !! सबने कहा अच्छे से जाना सिर्फ मां ने कहा बेटा घर जल्दी आना आग अपने ही लगा सकते हैं ग़ैर तो सिर्फ़ हवा देते हैं! — मोहम्मद अल्वी Prev1…169170171…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.