यदि आपके पास कोई समस्या आती है
तो उसका समाधान खोजें
उससे दूर नहीं भागे !
पिघल रही गलेशियर ...
दरारों को देखिए
बड़े बड़े चट्टान
टूटते देखिए
जलवायु परिवर्तन
मनुष्यता देखिए
अपने ही पैरों से
सकूं रौंदते देखिए
गगन चुंबी इमारत
आधुनिकता देखिए
छोड़ रहे दूषित वायु
परिवर्तन देखिए
विलुप्त जमी जंगल
मौसम देखिए
बेमौसम की मार
आफत देखिए ..!!
बहुत कम लोग जानते हैं कि वो बहुत कम जानते हैं !
हजारी प्रसाद द्विवेदी
मैं तुम्हारे साथ हूॅं कहने में और रहने में बहुत फर्क होता है !!
जब बात जरूरत की हो,
तब लहज़े सबके मीठे हो जाते हैं....
"पाई पाई, तेरे जुल्मों का हिसाब रखेंगे,हम सब याद रखेंगे!"
मैं ख़ुद भी हूँ अपने आप के पीछे पड़ा हुआ,
मेरा शुमार भी तो मेरे दुश्मनों मैं है ।।
हमको गर्लफ्रेंड तो चाहिए पर पत्नी बिना बॉयफ्रेंड की चाहिए। यही कारण है कि हम पत्नी में सीता का आदर्श देखना चाहते हैं पर स्वयं में राम नहीं देखना चाहते हैं ।अगर हमको सीता चाहिए तो स्वयं को राम बनना...
हर तरफ़ ज़ीस्त की राहों में कड़ी धूप है दोस्तबस तेरी याद के साये हैं पनाहों की तरह
कच्ची उम्र में इश्क़ और पक्की उम्र में वहम, बहुत जल्द होता है।
ताकत लोगों को जोड़ने से बनती है, उनको खिलाफ़ करने से नहीं....
कोई सवाल ज़िंदगी का हल नहीं हुआ,पढ़ने में सारी उम्र गवांने के बावजूद - अंकित मौर्य
शहर की धूप से परेशान जब मैं छांव ढूंढती हूं,,
सुकून के लिए तब मैं अपना गांव ढूंढती हूं,,
हो बस अगर तुम हमारे सनम ,हम तो सितारों पर रख दें कदम।
मर्द बेईमानी करे तो मास्टरमाइंडऔर औरत करे तो धोखा
हम इंसान हैं ,
मैं चाहता हूं कि इस वाक्य की सच्चाई बनी रहे..!!
मयस्सर तुम्हारा साथ होता तो श्रंगार के चारचांद लगा देता,
और ना बांध पाती अगर तुम साड़ी,
तो पल्लू मैं बना देता..!!
तेरी यादों की ख़ुशबू से हम महकते रहते है,
जब-जब तुझको सोचते है बहकते रहते हैं !!
काँटों से गुज़र जाता हूँ दामन को बचा कर
फूलों की सियासत से मैं बेगाना नहीं हूँ