ना किया कोई सिंगार फिर भी गम नहीं ,
गरीब बाप की बेटी परी से कम नहीं ।।
ये दुनिया कांटों जंगल है
नफ़रत की आग दिलों में दहकती है
एक तू ही मेरे इश्क किताब
जहां तूं बसंती फूलों सी महकती है
यदि पांडवो सी विवशता आएगी,
तो हिस्से में श्री कृष्ण भी आयेंगे !
बिन मेहनत तरक्की चाहकर, रूपयों से खुशियां छांट लेते हैं,
स्वाभिमान बेचकर अपना, वो किसी के भी तलवे चाट लेते हैं..
तेरी "आंखें" भी क्या मुसीबत हैं ,मैं कोई "बात" कहने आया था..! #Jaun_Elia
तुम्हारा एकांत ही तुम्हें मनुष्य बना सकता है,
भीड़ तुम्हें भेड़ बना देगी।
जया मिश्रा
मैं "हिंदी" का "आलिंगन" हूँवो "उर्दू" में "आग़ोश"उसको मेरे "बाजुओं" में सुकूँन है,मैं उसकी "बाहों" में मदहोश…
हमने देखा है जो मर्दों की तरह रहते थे ,
वो मस्ख़रे बन गए दरबार में रहने के लिए
किसी के साथ ऐसी बहस मत करो,
की बहस जीत जाओ मगर रिश्ता हार जाओ
सबसे बड़ा गुरु मंत्र है अपने राज़ किसी को भी मत बताओ,
ये तुम्हे ख़त्म कर देगा।
आचार्य चाणक्य
काश जिंदगी भी माँ की तरह होतीदो आँसू देखकर सजा़एं माफ़ मर देती !!
माँ
एक बोझा लकड़ी के लिए
क्यों दिन भर जंगल छानती,
पहाड़ लाँघती,
देर शाम घर लौटती हो?
माँ कहती है :
जंगल छानती,
पहाड़ लाँघती,
दिन भर भटकती हूँ
सिर्फ़ सूखी लकड़ियों के लिए।
कहीं काट न दूँ कोई...
वैसे तो चल रही है ज़िन्दगी,,तुम भी साथ चलते तो ज़िन्दगी कुछ और होती,,
~कीर्ति चन्द्रा
कौन था जिसे दुःख सुनातेआईने पर सर रखा और रो दिए
अहमियत यहां हैसियत को मिलती है
और हम जज़्बात लिए घूम रहे हैं!
पानी अगर शांत हो तो,गहराई से मज़ाक नहीं करते….
मेरा साया है मेरे साथ जहाँ जाऊँ मैंबेबसी तू ही बता ख़ुद को कहाँ पाऊँ मैं
कभी अकेला चलना पड़े तो डरिए मत क्योंकिश्मशान, शिखर और सिंहासन पर इंसान अकेला ही होता है…
बिछड़ते वक्तगले लग कर इश्क़ वाले
अपनी रूह इक दूसरे मेंछोड़ आते हैं।
बदलाव कभी दर्दनाक नहीं होता,
केवल बदलाव का विरोध दर्दनाक होता है।
बुद्ध